29 दिन बाद शिवराज कैबिनेट का विस्तार, कोरोना पर नियंत्रण के लिए मंत्रियों को दिए संभाग

न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Updated Tue, 21 Apr 2020 10:31 PM IST
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मध्यप्रदेश में आज पांच मंत्रियों ने शपथ ली
मध्यप्रदेश में आज पांच मंत्रियों ने शपथ ली - फोटो : Amar Ujala

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शिवराज सिंह चौहान ने 29 दिन बाद मंगलवार को अपने मंत्रिमंडल का विस्तार कर दिया है, साथ ही कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाने के लिए मंत्रियों को संभाग भी सौंपे गए हैं। सिंधिया समर्थक दो और भाजपा के तीन विधायकों को राज्यपाल लालजी टंडन ने राजभवन में मंत्री पद की शपथ दिलाई। भाजपा से नरोत्तम मिश्रा, मीना सिंह और कमल पटेल ने जबकि सिंधिया गुट से तुलसी सिलावट और गोविंद सिंह राजपूत ने शपथ ली। हालांकि सिलावट और गोविंद सिंह विधायक पद से इस्तीफा देने के बाद भाजपा में शामिल हो चुके हैं। उन्हें छह महीने के अंदर विधानसभा का सदस्य बनना अनिवार्य है।
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राज्यपाल ने सबसे पहले डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। वे शिवराज सिंह सरकार में पहले भी कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वह 1990 में पहली बार विधानसभा सदस्य चुने गए थे। इसके बाद वे दतिया से 1998, 2003, 2008 और 2013, 2019 में विधायक चुने गए। उन्होंने ग्वालियर के जीवाजी विश्वविद्यालय से एमए और पीएचडी की डिग्री प्राप्त की हैं।
दूसरे नंबर पर तुलसी सिलावट को राज्यपाल ने मंत्री पद की शपथ दिलाई। वे कमलनाथ सरकार में मंत्री रह चुके हैं और उन्हें ज्योतिरादित्य सिंधिया का करीबी माना जाता है। वे कमलनाथ सरकार के 22 बागी विधायकों में शामिल थे। वे इंदौर की सांवेर विधानसभा सीट से विधायक थे।

तीसरे नंबर पर कमल पटेल ने मध्यप्रदेश के मंत्री के तौर पर शपथ ली। वे मध्यप्रदेश भाजपा के नेता हैं। वह पांच बार- 1993, 1998, 2003, 2008 और 2018 में हरदा विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए हैं। वे छात्र जीवन से ही राजनीति में सक्रिय रहे हैं।

चौथे नंबर पर गोविंद सिंह राजपूत ने पद एवं गोपनियता की शपथ ली। वे तीन बार सागर के सुरगी से विधायक रह चुके हैं। वे कमलनाथ सरकार के 22 बागी विधायकों में शामिल थे। वे सागर जिले की सुर्खी सीट से विधायक थे। उनके इस्तीफा देने के बाद यह सीट वर्तमान में खाली है।

पांचवे नंबर पर मीना सिंह मांडवे ने मंत्री पद की शपथ ली। अपने पति की मौत के बाद मीना सिंह ने 2008 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से पढ़ाई की है। वे उमरिया जिले की मानपुर सीट से विधायक हैं।

मंत्रियों को कोरोना वायरस नियंत्रण के लिए संभाग आवंटित


अपनी पांच सदस्यीय मंत्रिपरिषद का मंगलवार को गठन करने के कुछ ही घंटों बाद मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कोरोना वायरस से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए इन मंत्रियों को प्रदेश के संभागों का प्रभार दिया गया है। उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर अपने मंत्रियों को संभागों के प्रभार की जिम्मेदारी देते हुए कहा, 'नरोत्तम मिश्रा को भोपाल व उज्जैन संभाग, तुलसी सिलावट को इंदौर व सागर संभाग, कमल पटेल को जबलपुर व नर्मदापुरम संभाग, गोविंद सिंह राजपूत को चंबल व ग्वालियर संभाग और मीना सिंह को रीवा व शहडोल संभाग का प्रभार सौंपा गया है।' 

चौहान ने कहा, 'मंत्रियों को विभाग भी शीघ्र आवंटित किए जाएंगे।' उन्होंने बताया, 'हफ्ते में हर मंगलवार को कैबिनेट की एक बार बैठक होगी और यदि आवश्यकता हुआ तो बीच में भी बैठक की जाएगी।' मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी मंत्री दिए गए संभागों में आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (आईजी), कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक (एसपी), स्वास्थ्य विभाग और अन्य अमले से निरंतर समन्वय बनाए रखकर कोरोना वायरस से निपटने के लिए अच्छी से अच्छी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्य मंत्री जन-प्रतिनिधियों और समाजसेवी संगठनों आदि का सक्रिय सहयोग लेंगे।

चौहान ने कहा है कि वर्तमान कोरोना संकट को देखते हुए हमने मंत्रिमंडल में अभी कम मंत्रियों को शामिल किया है परंतु यह संतुलित है। समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने का प्रयास किया गया है। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन समाप्त होने के बाद मंत्रिमंडल का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि आज कैबिनेट की बैठक में प्रदेश में कोरोना वायरस की स्थिति और व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्रियों को विगत 24 मार्च से आज 21 अप्रैल तक सरकार द्वारा लिए गए फैसलों से अवगत कराया गया। चौहान ने कहा कि सरकार द्वारा कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी रणनीति पर कार्य किया जा रहा है।

वहीं, मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा गया है, 'मुख्यमंत्री चौहान ने बताया कि हमने हाल ही में जिला और जनपद पंचायतों के सदस्यों व अध्यक्षों का कार्यकाल बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि आज यह फैसला लिया गया है कि नगरीय निकायों में प्रशासकीय समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां भी वर्तमान में कोरोना वायरस संबंधी कार्यों की निगरानी करेंगी। इनमें मेयर, नगर पालिका अध्यक्ष, नगर पंचायत अध्यक्ष आदि होंगे।' उन्होंने बताया कि कोरोना संकट के इस दौर में हर जरूरतमंद व्यक्ति तक राशन पहुंचाना सुनिश्चित करने के लिए जन-प्रतिनिधियों, विधायकों और सांसदों का सहयोग लिया जाएगा। चौहान ने कहा कि दीनदयाल समितियों का गठन किया जाएगा। ये समितियां जरूरी सेवाएं जनता तक पहुंचाने की निगरानी करेंगी।

 
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