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इंदौर में कोरोना योद्धा की मौत: परिवार को 50 लाख की आर्थिक सहायता, पत्नी बनेंगी उप-निरीक्षक

Sun, 19 Apr 2020 05:55 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Sneha Baluni Updated Sun, 19 Apr 2020 05:55 PM IST
सार

मध्यप्रदेश के इंदौर में कोरोना वायरस संक्रमण के बाद दम तोड़ने वाले 41 वर्षीय पुलिस निरीक्षक को भावुक माहौल के बीच रविवार को राजकीय सम्मान से अंतिम विदाई दी गई। पुलिस के अधिकारी-कर्मचारी निजी सुरक्षा उपकरणों (पीपीई) की किट पहनकर अंत्येष्टि में शामिल हुए और अपने दिवंगत साथी की तस्वीर पर पुष्प चक्र चढ़ाकर उन्हें अंतिम सफर पर रवाना किया।

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Shivraj gave RS 50 lakh to inspector chandravanshi family sub inspector post to wife he lost live due to covid 19
इंस्पेक्टर देवेंद्र चंद्रवंशी (फाइल फोटो)

विस्तार

शहर के रामबाग मुक्तिधाम में हुई अंत्येष्टि के दौरान कतारबद्ध पुलिस कर्मियों ने हवाई फायर कर दिवंगत अफसर को सलामी दी। उनके अंतिम संस्कार के दौरान सभी पुलिस कर्मियों ने कोविड-19 से बचाव के लिए शारीरिक दूरी बना रखी थी। पुलिस अफसर की अंत्येष्टि की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सोशल मीडिया उपयोगकर्ता उन्हें "कोविड-19 योद्धा" बताकर भावुक संदेशों के साथ श्रद्धांजलि दे रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं का कहना है कि कोविड-19 के मोर्चे पर पुलिस अफसर के बलिदान का सम्मान करते हुए आम लोगों को कर्फ्यू का पूरी तरह पालन करना चाहिये और अपने घरों में ही बने रहना चाहिये।

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पुलिस निरीक्षक के निधन पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शोक जताते हुए घोषणा की है कि दिवगंत अफसर के शोक में डूबे परिवार को 50 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा और उनकी पत्नी को उप निरीक्षक के पद पर सरकारी नौकरी प्रदान की जाएगी। पुलिस अधीक्षक महेशचंद्र जैन ने बताया कि दिवंगत पुलिस निरीक्षक कोविड-19 से संक्रमित होने से पहले शहर के जूनी इंदौर पुलिस थाने के प्रभारी के रूप में ड्यूटी कर रहे थे। यह इलाका इस महामारी के फैलाव के लिहाज से शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में शामिल है।
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जैन ने बताया, 'डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद पुलिस निरीक्षक की जान नहीं बचायी जा सकी। उनके परिवार में पत्नी और दो बेटियां हैं।' मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) प्रवीण जड़िया ने बताया, 'पुलिस निरीक्षक पहली जांच में कोविड-19 से संक्रमित पाए गए थे और उन्हें करीब 20 दिन पहले अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यह अलग बात है कि इलाज के बाद कोविड-19 के किसी मरीज को अस्पताल से छुट्टी देने से पहले कराई जाने वाली दो अन्य जांचों में वह कोरोना वायरस के संक्रमण से मुक्त पाए गए थे।'


उन्होंने बताया, 'निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने हालांकि संदेह जताया है कि पुलिस निरीक्षक की मौत का तात्कालिक कारण पल्मोनरी एम्बोलिज्म (धमनी में खून का थक्का जमने से जुड़ी समस्या) है। लेकिन इस बात की भी संभावना है कि उनमें पल्मोनरी एम्बोलिज्म की समस्या कोरोना वायरस संक्रमण के कारण ही उत्पन्न हुई हो।' 
बता दें कि इंदौर, कोरोना वायरस से देश के सर्वाधिक प्रभावित शहरों में शामिल है। इस महामारी के पहले मरीज मिलने के बाद से स्थानीय प्रशासन ने 25 मार्च से शहरी सीमा में कर्फ्यू लगा रखा है।

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