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Shivpuri: हातौद ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने नगर निगम में शामिल होने से किया इनकार, बोले- हम गांव में ही सुखी
Wed, 05 Apr 2023 04:35 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: अरविंद कुमार
Updated Wed, 05 Apr 2023 04:35 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले में ग्रामीण नगर निगम में शामिल होने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे गांव में ही सुखी हैं। बता दें, शिवपुरी शहर की जनसंख्या कम है, इसलिए 42 ग्राम पंचायतों को नगर निगम बनाने की अधिकारी कवायद कर रहे हैं।
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नगर निगम में शामिल होने से इनकार
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की घोषणा के बाद शिवपुरी को नगर निगम बनाने के प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। लेकिन शिवपुरी की जनसंख्या और क्षेत्रफल कम होने के कारण अधिकारी असमजंस में हैं। अब शिवपुरी के अधिकारी शहर से लगी 42 ग्राम पंचायतों को भी नगर निगम बनाने में शामिल कर रहे हैं।
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शिवपुरी से लगभग 15 किलोमीटर दूर एक पंचायत हातौद के ग्रामीणों ने शिवपुरी नगर निगम में अपने आपको शामिल करने से इनकार कर दिया है। इन गांव वालों का कहना है कि 15 किलोमीटर दूर की ग्राम पंचायत को शहर में क्यों शामिल किया जा रहा है। हम गांव में ही रहकर संतुष्ट हैं, हमें नगर निगम में शामिल नहीं किया जाए।
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ग्रामीण बोले- हम गांवों में ही सुखी...
हातौद ग्राम पंचायत के ग्रामीणों ने शिवपुरी सहित अन्य अधिकारियों के सामने नगर निगम में शामिल होने से मना कर दिया। हातौद के इन ग्रामीण ग्रामीणों का कहना है कि हम गांव में ही सुख-सुविधाओं से संतुष्ट हैं। नगर निगम बन जाएगा तो शहरी टैक्स आदि हमें देने पड़ेंगे। इसके अलावा जिला प्रशासन के अधिकारी अपनी खानापूर्ति कर ट्रांसफर करा यहां से चले जाएंगे। लेकिन बाद में क्या विकास हो पाएगा। इसको लेकर उनके मन में संशय है। एसडीएम के साथ एक बैठक के दौरान हातौद के ग्रामीणों ने कहा कि हमने देखा है शहर में भी बरसों से विकास कार्य अधूरे पड़े हैं। इतना ही नहीं ग्रामवासियों ने यह प्रस्ताव भी बना लिया है, जिसमें उन्होंने अपने गांव को नगर निगम में शामिल न होने का निर्णय लिया है।
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आबादी पड़ रही है कम...
शिवपुरी नगर निगम बनाने के लिए तीन लाख की आबादी चाहिए, उस हिसाब से शहर की जनसंख्या कम पड़ रही है। इसलिए अधिकारियों ने इसका तोड़ निकाला है और शहर के आसपास की लगी ग्राम पंचायतों को इसमें शामिल कर रहे हैं। इतना ही नहीं अधिकारी पांच किमी के आसपास का क्षेत्र देखते तो लगता कि गांवों तक विकास चाहते हैं। लेकिन अधिकारियों ने 10 से 15 किमी दूर तक के गांवों की 42 ग्राम पंचायतों को इस क्षेत्र में ले लिए हैं। इससे ही यह विवाद उत्पन्न हुआ है।
42 ग्राम पंचायतों को शामिल किया...
शिवपुरी को नगर निगम बनाने में आबादी का आंकड़ा पूरा करने के लिए 42 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया। इनमें कांकर, सतनबाड़ा, सतनबाड़ाखुर्द, कोटा, हातौद, करई, मझेरा, बड़ागांव, बांसखेड़ी, रायश्री, सतेरिया, बिलोकलां, कुश्यारा, सुहारा, टोंगरा, पिपरसमा, रातौर, ईटमा, तानपुर, लालगढ़, लोहादेवी, करमाजकलां, कुड़ावदा, ख्यावदाकलां, टोंका, भावखेड़ी, ठर्रा, दर्रोनी, सिंहनिवास, नोहरीकलां, चंदनपुरा, चिटोरा, गूगरीपुरा, मुड़ेरी, रातीकिरार, खोरघार, सिरसौद, ठेह, डोंगर, गंगोरा, धुआनी और बूढ़ीबरोद शामिल है।
