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शिवपुरी: नवविवाहित को उसके मां-बाप और भाई-बहन के साथ जिंदा जलाने वाले 7 आरोपियों को आजीवन कारावास

Sun, 30 Jan 2022 11:17 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Sun, 30 Jan 2022 11:17 AM IST
सार

शिवपुरी जिले में नवविवाहिता समेत उसके माता-पिता,भाई-बहन को सोते समय आग लगाकर जिंदा जला देने वाले दोषियों को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं।

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Shivpuri: Life imprisonment for 7 accused who burnt alive the newly wed along with her parents and siblings
शिवपुरी: 4 लोगों को जिंदा जलाने वाले 7 आरोपियों को आजीवन कारावास - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिवपुरी जिले में बहू समेत उसके भाई-बहन और माता-पिता को सोते समय घर में जिंदा जला कर मारने वाले आरोपियों को कोर्ट ने शनिवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। नवविवाहिता की सास और पति सहित 7 लोगों ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। 7 साल चले केस के बाद चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश रामविलास गुप्ता ने आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा के साथ ही 6-6 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जघन्य हत्याकांड में सजा का मुख्य आधार मृतकों के मरने के पहले दिया गया बयान बना।
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बहू को ससुराल नहीं भेजने के कारण हुआ हत्याकांड
अपर लोक अभियोजक बीडी राठौर ने बताया कि 16 अप्रैल 2015 की सुबह मनीयर निवासी रामेश्वर राठौर ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उसने बताया कि बहन लक्ष्मी की शादी दो साल पहले मुरैना के टेंटरा निवासी रामलखन पुत्र केशव राठौर  के साथ हुई थी। जेठ रामवीर उस पर बुरी नजर रखता था, जिसके चलते बहन को ससुराल नहीं भेजा गया।  रामवीर इसी बात से नाराज था। 15-16 अप्रैल की रात वह घर पर सो रहा था, रात करीब 2:30 बजे रामवीर यह कहते हुए सुनाई दिया कि लक्ष्मी को ये लोग नहीं भेज रहे हैं, आज सभी को पेट्रोल डाल कर जला देता हूं।
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बाहर से दरवाजा बंद कर लगा दी थी आग
रामवीर के अनुसार, वह उठकर बाहर भागा तो देखा कि दूसरा कमरा धू-धूकर जल रहा है। कमरे में बहन लक्ष्मी, सरस्वती, भाई महेश, मां गीता और पिता जगदीश सो रहे थे। आरोपियों ने बाहर से दरवाजे की कड़ी लगा दी थी। उसने जैसे-तैसे आग बुझाई और सभी को जिला अस्पताल लेकर पहुंचा। मौत के पहले सभी के बयान पुलिस ने दर्ज किए । गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें ग्वालियर रेफर किया गया, जहां पिता जगदीश राठौर को छोड़ सभी की मौत हो गई।
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विभिन्न धाराओं के तहत पुलिस ने किया था मामला दर्ज
पुलिस ने मृतकों के बयान के आधार पर लक्ष्मी राठौर के जेठ रामवीर पुत्र केशव राठौर, पति रामलखन पुत्र केशव राठौर, सास कमलाबाई, जेठानी ममता बाई, ननद दुर्गेश पत्नी पप्पू उर्फ भवानी शंकर राठौर, नंदोई भवानी शंकर पुत्र हरिशंकर राठौर सहित एक अन्य रिश्तेदार रामअवतार पुत्र रोशनलाल राठौर के खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, दहेज, हत्या सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया था।


जेल में हैं पति और जेठ
लक्ष्मी का पति रामलखन और जेठ रामवीर हत्याकांड के बाद से ही जेल में बंद हैं। मामले से जुड़े वकील, पुलिसकर्मियों के अनुसार कोर्ट में प्रकरण से जुड़े गवाहों के बयान भी कमजोर हो गए थे। ऐसे में मृतकों के बयान आरोपियों को सजा देने का मुख्य आधार बने।
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