फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shahdol News ›   two brothers have one heart beating in their chest In Shahdol

Shahdol News: दो भाइयों के सीने में धड़क रहा एक दिल, मां की कोख से जुड़वा भाइयों ने लिया जन्म; लोग देखकर हैरान

Mon, 04 Nov 2024 08:44 AM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शबाहत हुसैन Updated Mon, 04 Nov 2024 08:44 AM IST
सार

Shahdol News: शासकीय बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में जुड़वा बच्चों ने जन्म लिया है। आश्चर्यजनक रूप से दोनों ही बच्चों का शरीर आपस में जुड़ा हुआ है। रविवार की शाम सात बजे बच्चों का जन्म हुआ और इसके बाद से ही वे चिकित्सकों की निगरानी में हैं

विज्ञापन
two brothers have one heart beating in their chest In Shahdol
जुड़वा बच्चे - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मेडिकल कॉलेज में रविवार की शाम दो जिस्म के साथ एक दिल वाले नवजात पैदा हुए हैं। दिल से दोनों नवजात जुड़े हुए हैं। इन्हें जन्म देने वाली प्रसूता समेत परिवार के लोग जिस्म से जुड़े ऐसे बच्चे को देख चिंता में पड़ गये। उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा की शरीर से एक दूसरे से जुड़े इन बच्चों का वह कैसे पालन पोषण कर पाएंगे, साथ ही इनका भविष्य क्या होगा।

विज्ञापन


वहीं उनके स्वास्थ्य को लेकर भी परिजन चिंतित हो रहें हैं। नवजातों को ऑक्सीजन सपोर्ट में रखा गया है। मेडिकल कालेज प्रबंधन द्वारा इन्हें रीवा अथवा जबलपुर भेजने की तैयारी की जा रही है, ताकि इनका उचित उपचार हो सके। ऐसे नवजातों को सीमंस ट्विन्स भी कहा जाता है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले के कोतमा निवासी वर्षा जोगी पति रवि जोगी (25) को परिजनों द्वारा प्रसव के लिए मेडिकल कालेज लाया गया था। जहां रविवार शाम करीब 6 बजे प्रसूता का सीजर किया गया। जिसमें एक ऐसे जुड़वा बच्चे ने जन्म लिया, जिनके जिस्म दो अलग-अलग थे, लेकिन दिल एक ही है, जो जुड़ा हुआ है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विशेषज्ञों के अनुसार ऐसे मामले यदाकदा ही सामने आतें हैं, जिसमें दो अलग-अलग भ्रूण प्रारम्भ अवस्था में गर्भ के अंदर एक दूसरे से चिपक जातें हैं, जिससे ऐसी स्थति निर्मित हो जाती है। ऐसे बच्चे का जीवन आगे स्थिर रह पाना बड़ा ही कठिन होता है। क्योंकि एक दिल से दो नवजात का जीवित रह पाना बहुत ही मुश्किल होता है।

डॉक्टर ने क्या बताया
डॉक्टर नागेंद्र सिंह मेडिकल कॉलेज अधीक्षक से जब इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना है कि दोनों बच्चे सीने से जुड़े हुए हैं, जिन्हें एसएनसीयू वार्ड में रखकर उपचार दिया जा रहा है। बच्चे दो हैं, लेकिन दिल एक ही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed