Shahdol: CM के निर्देश-DM का आदेश और SDM की चिट्ठी के बाद भी पपौंध उप तहसील बंद पड़ी, इस पार्टी को होगा नुकसान
संभागीय मुख्यालय शहडोल से 125 किलोमीटर दूर स्थित पपौंध उप तहसील जिला मुख्यालय शहडोल, उमरिया और कटनी जिले की सीमा में बसे लगभग 40 गांवों का आर्थिक और व्यवसायिक मुख्यालय भी है। ब्यौहारी विधानसभा में जीत हार के समीकरण की इबारत भी इसी क्षेत्र से लिखी जाती है।
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शहडोल में पपौंध तहसील बंद होने से यहां निवासरत क्षेत्रवासी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, जिसका सीधा असर अब सत्ता पक्ष से बीजेपी विधायक शरद जुगलाल कोल की छवि पर पड़ता दिखाई दे रहा है। एक दशक पहले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति और लोगों की समस्या को देखते हुए पपौंध को ब्यौहारी का उप तहसील बना दिया था। घोषणा के अनुरूप कुछ साल तक तहसील का संचालन भी हुआ, फिर एकाएक उसे बंद कर दिया गया। पिछले कई साल से ग्रामीण और स्थानीय नेता अफसरों और नेताओं के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें उनकी उप तहसील नहीं मिल पा रही है।
अफसरों में मनमानी का खुमार ऐसा चढ़ा कि सीएम शिवराज के निर्देश को भी दरकिनार कर दिया। दरअसल, पांच अप्रैल को सीएम शिवराज ब्यौहारी के दौरे पर थे। किसानों ने उन्हें अपनी समस्या बताई। सीएम ने इसे गंभीरता से लिया और तत्काल कलेक्टर वंदना वैद्य को निर्देश दिया कि उप तहसील का संचालन तुरंत शुरू किया जाए। कलेक्टर वंदना वैद्य ने भी अगले दिन पत्र जारी कर दिया, लेकिन यह सब कुछ सिर्फ पत्राचार तक ही सीमित रहा। धरातल पर समस्या जस की तस बनी हुई है।
SDM ने भी पत्र लिखकर किया कोरम पूरा
सीएम से निर्देश मिलने के बाद 10 अप्रैल 2023 को ब्यौहारी SDM ने भी नायब तहसीलदार वृत्त पपौंध के नाम एक पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने स्पष्ट लिखा कि सीएम के दौरे के समय यह बात सामने आई थी कि पपौंध उप तहसील को एक समय के बाद बंद कर दिया गया है। इस संबंध में कलेक्टर का अभी आदेश प्राप्त हुआ है। इस कारण प्रत्येक बुधवार को पपौंध जाकर उप तहसील का संचालन करना सुनिश्चित करें।
ब्यौहारी में लग रही पपौंध की उप तहसील
सीएम का निर्देश, DM का आदेश और SDM का पत्र भी पपौंध में उप तहसील कार्यालय शुरू नहीं करा पाया है। एक दशक पहले जब CM शिवराज ने पपौंध में उप तहसील की घोषणा की तो लगभग तीन साल यहां सप्ताह में दो दिन संचालित होती थी। एक नायब तहसीलदार पूरे स्टाफ के साथ यहां आते और ग्रामीणों की समस्या सुनते। धीरे से यह सप्ताह में एक दिन खुलने लगी। इसके बाद यह भी बंद हो गया। तमाम पत्राचार के बाद अब भी पपौंध की उप तहसील ब्यौहारी में लगती है।
देखते ही देखते खंडहर हो गया भवन
सिर्फ अफसरों की लापरवाही के कारण पपौंध में उप तहसील का संचालन बंद हो गया। अफसरों ने जनता की समस्या को दरकिनार करते हुए अपनी सुविधा देखी। संसाधनों का अभाव बताते हुए अफसर पपौंध आना नहीं चाहते, जिस कारण उप तहसील का भवन खंडहर हो गया है। पंचायत ने भवन के समीप नाडेफ बना दिया। अब पूरे मोहल्ले का कचरा भवन के सामने एकत्रित होता है। असामाजिक तत्व वहां बैठकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते हैं।
