फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Shahdol News ›   Shahdol News: The pond located in the middle of the city is being occupied by putting mud

Shahdol News: शहर के बीच स्थित तालाब में मिट्टी डालकर किया जा रहा कब्जा, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

Wed, 21 Jun 2023 04:46 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Wed, 21 Jun 2023 04:46 PM IST
सार

शहडोल जिले में इन दिनों रसूखदारों द्वारा तालाबों पर तेजी से कब्जा किया जा रहा है। रात के वक्त रसूखदार तालाब में मिट्टी डालकर उसे पाट रहे हैं। वहीं, निगम और राजस्व का अमला इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।

विज्ञापन
Shahdol News: The pond located in the middle of the city is being occupied by putting mud
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहडोल जिले में इन दिनों अमृत सरोवर के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर नए तालाब के साथ पुराने तालाबों का जीर्णोद्धार करा रही है। वहीं दूसरी तरफ शहर के कुछ रसूखदार तालाब में कब्जा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
विज्ञापन


नगर के जेल बिल्डिंग के समीप एक रसूखदार द्वारा धीरे-धीरे आधे तालाब पर कब्जा कर लिया गया है, लेकिन इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने के कारण कब्जाधारियों के हौसले बुलंद होते चले गए और अब शेष बचे तालाब में आधी रात मिट्टी से आगे पाटकर अपने कब्जे का रकवा बढ़ाया जा रहा है। जिसकी भनक ना तो नगरपालिका को लग रही है और ना ही राजस्व विभाग को। आधी रात के बाद नियमों को ताक पर रखकर मजदूरों के माध्यम से मिट्टी डालकर तालाब को पटवाया जा रहा है। जबकि सुबह होते तक सब कुछ सामान्य स्थित में बदल जाता है। किसी की नजर इस हरकत पर न पड़े इसलिए वहां तालाब के कब्जे वाले हिस्से में पर्दा डाल दिया गया है।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार तालाब के पास का कुछ हिस्सा आवासीय परिसर हेतु लीज पर लिया गया था, लेकिन धीरे-धीरे वहां पर व्यवसायिक भवन के नाम पर लम्बी चौड़ी बिल्डिंग खड़ी कर दी गयी। अब उसे बिल्डिंग के विस्तार के लिए तालाब के शेष बचे हिस्से पर भी धीरे-धीरे मिट्टी डालकर उसे पाटा जा रहा है, ताकि समतल होने के बाद वहां पर कब्ज़ा कर निर्माण कराया जा सके। बता दें शहर के अधिकांश तालाबों में रसूखदारों का कब्जा हो गया है। तालाब के इर्द-गिर्द बड़े-बड़े मकान तन गए हैं, जिसके कारण तालाब का रकबा कम होता गया। कब्जाधारियों के रसूख के चलते कार्रवाई के नाम पर जिम्मेदार सिर्फ खाना पूर्ति तक सीमित हैं। पुराने रिकॉर्ड के अनुसार तालाबों का रकबा अब काफी कम हो गया है। जिसकी जांच आवश्यक है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed