MP News: शहडोल में बिजली गिरने से दो की मौत, अनूपपुर में घर चपेट में आया; सीहोर में बारिश से फसलों को नुकसान
MP Hindi News: शहडोल में बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई तो अनूपपुर में घर जल गया। वहीं, सीहोर और श्यामपुर में बारिश से किसानों की फसलें बर्बाद हो गईं। पढ़ें पूरी खबर...।
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मध्य प्रदेश के शहडोल में मंगलवार दोपहर अचानक एक बार फिर मौसम ने करवट बदली। आसमान में काली घटाएं छाने के बाद तेज गर्जना शुरू हो गई। इसी दौरान आसमान से गिरी बिजली की चपेट में आने से दो बच्चों की मौत हो गई। यह घटना सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम छतवई में घटी।
जानकारी के मुताबिक, चौधरी मोहल्ला निवासी मनीषा बैगा (9) और गणेश बैगा (6) महुआ के पेड़ के पास लकड़िया बीन रहे थे। इस बीच तेज गर्जना के बाद महुआ के पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। इसकी चपेट मे आने से दोनों बच्चों की फौरन मौत हो गई। इस घटना के बाद गांव में मातम छा गया। पल भर में दो घरों के चिराग हमेशा के लिए बुझ गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। कागजी कार्रवाई को पूरा करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार दोपहर बाद अचानक आसमान में काली घटाएं छा गई। इसके बाद लगभग दो घंटे तक झमाझाम बारिश हुई। इससे एक बार फिर ठंडक लौट आई। बीते कुछ दिनों से तापमान बढ़ रहा था, लेकिन आज हुईं बारिश के बाद एक बार फिर मौसम ने करवट बदली और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बहरहाल आगामी कुछ दिन इसी तरह का मौसम होने की भविष्यवाणी मौसम वैज्ञानिकों द्वारा की गई है।
अनूपपुर जिले आकाशीय बिजली गिरने से घर में रखे हुए पैरा में लगी आग
राज्य के अनूपपुर जिले में मंगलवार की दोपहर से विभिन्न स्थानों पर तेज बारिश हो रही थी। इसी दौरान कोतमा जनपद के ग्राम पंचायत बेलिया छोट में घर के आंगन में लगे पेड़ पर आकाशीय बिजली गिरी। इसके साथ ही पेड़ के पास रखे हुए पैरा में भी आग की तेज लपटे उठने लगीं। देखते ही देखते यह आग तेजी से फैलने लगी। इसके बाद स्थानीय लोगों द्वारा नगर पालिका बिजली के दमकल वाहन को सूचना दी गई।
जानकारी के मुताबिक, बेलिया छोट निवासी रमाशंकर तिवारी के घर के आंगन लगे बबूल के पेड़ में मंगलवार की दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक पेड़ पूरी तरह से जलकर टूट गया। पेड़ के पास ही बाड़ी में रखे पैरा में आकाशीय बिजली की वजह से आग फैल गई, जिसकी सूचना मिलने के बाद फायर ब्रिगेड वाहन के द्वारा मौके पर पहुंच कर आग को बुझाने का प्रयास किया गया।
बताया गया कि ग्राम बेलिया छोट में रमाशंकर तिवारी का घर घनी बस्ती के बीच स्थित है। बिजली गिरने के कारण घर की बाड़ी में लगी आग पास स्थित अन्य घरों में भी फैल सकती थी। इसको देखते हुए सभी पड़ोसी आग बुझाने के प्रयास में लग गए। लेकिन काबू न होने पर पुलिस सहित दमकल वाहन को इसकी सूचना दी गई।
सीहोर में तेज आंधी-बारिश और ओले गिरने से फसलों को पहुंचा नुकसान
प्रदेश के सीहोर में अचानक एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण मंगलवार को जिले के श्यमपुर, इछावर, अहमदपुर, दोराहा क्षेत्र में तेज आंधी और बारिश के साथ ओले भी गिरे। करीब आधे से एक घंटे में एक इंच वर्षा दर्ज की गई। किसानों के अनुसार बारिश और ओलों के कारण फसलों को भारी नुकसान हुआ है। ओलों के साथ बारिश और तेज हवा के कारण गेहूं, सरसों और चना की फसल पर असर पड़ा है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिन ऐसा ही मौसम बना रहेगा। बुधवार को वर्षा और ओले का अलर्ट जारी किया है।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को दोपहर में अचानक आसमान पर काले बादलों ने डेरा डाल लिया। इसके बाद तेज हवा और आंधी का दौर शुरू हो गया। इस दौरान श्यामपुर, दोराहा, अहमदपुर और इछावर क्षेत्र में बेर के आकार के ओले भी गिरे। करीब आधा से एक घंटे तक तेज हवा के साथ बारिश होने से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल जमीन पर गिर गई। वहीं, खेतों में कटी रखी चना, मसूर और गेहूं की फसल भीग गई।
आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी आने का सिलसिला शुरू होने से तेज हवा के साथ बारिश और ओले गिर रहे हैं। मौसम विभाग की मानें तो दो दिन तक वर्षा-ओले का ताकतवर सिस्टम रहेगा। इस दौरान 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
आरएके कॉलेज के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एसएस तोमर ने बताया कि चक्रवाती घेरे की वजह से पिछले 24 घंटे के दौरान प्रदेश के ग्वालियर-चंबल में हल्की बूंदाबांदी हुई है। वहीं, बिहार के आसपास और छत्तीसगढ़ से तेलंगाना तक भी ट्रफ लाइन गुजर रही है। प्रति चक्रवात की वजह से आंध्रप्रदेश और ओडिशा तट के आसपास हवाएं चल रही हैं। इससे मध्यप्रदेश के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में नमी आ रही है। इस कारण दो तीन दिन के लिए प्रदेश में आरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। तीन दिन में ओले, तेज हवा और वर्षा का दौर जारी रहेगा।
श्यामपुर में फसलों को 70 से 80 फीसदी तक नुकसान का अनुमान
श्यामपुर ओलावृष्टि और हवा और आंधी के साथ बारिश हुई, जिससे किसानों की फसल बर्बाद हो गई। बताया जा रहा है कि किसानों द्वारा की गई चार माह की मेहनत पर प्राकृतिक आपदा ने भारी नुकसान का अनुमान है। तहसील में ओले और बारिश से करीब 70 से 80 फीसदी फसल को नुकसान बताया जा रहा है।
‘कर्ज लेकर बोई थी फसल, अब लागत निकलना मुश्किल’
किसानों का कहना है कि उन लोगों ने कर्ज लेकर अपनी फसल बोई थी। लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से अब किसानों की लागत निकालना भी मुश्किल है। किसानों ने मांग की है कि प्रशासन द्वारा जल्दी से जल्दी सभी नुकसान वाली फसलों का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिया जाए। ताकि किसान अपना कर्ज चुका सकें। वर्तमान में प्राकृतिक आपदा ने किसानों के मुंह के आगे की थाली छीन है। श्यामपुर में लगभग आधा घंटे तक हवा-आंधी और ओलावृष्टि से किसानों की फसल बर्बाद हो गई है।
इछावर में करीब एक घंटे हुई बारिश
इछावर तहसील में भी तेज हवा के साथ बारिश हुई। शाम करीब चार बजे से बारिश का दौर शुरू हुआ जो पांच बजे तक जारी रहा। तेज हवा और बरिश से खेतों में खड़ी गेहूं की फसल गिर गई। किसानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कर मुआवजा देने की मांग की है।
