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Shahdol News: अब बैगा समुदाय के लोगों को नहीं पीना पड़ेगा झिरिया का दूषित पानी, प्रशासन ने कराया बोरवेल
Sat, 02 Nov 2024 06:41 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sat, 02 Nov 2024 06:41 PM IST
सार
MP News: जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ और सोहागपुर जनपद के सीईओ मुद्रिका सिंह ने बताया कि खन्नाथ में पीएचई विभाग की मदद से बोरवेल करा दिया गया है। अब आदिवासी मोहल्ले में पानी की समस्या नहीं होगी।
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बोर करती मशीन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शहडोल में अमर उजाला की खबर का बड़ा असर हुआ है। सोहागपुर जनपद के ग्राम पंचायत खन्नाथ में बैगा समुदाय के लिए जिला प्रशासन ने बोरवेल करवा कर हैंडपंप की व्यवस्था कर दी है। कई दशकों से झिरिया का पानी पी रहे बैगा परिवारों को अब दूषित पानी नहीं पीना पड़ेगा। इस समस्या को लेकर अमर उजाला ने प्रमुखता के साथ खबर का प्रकाशन का किया था। जिसे जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया और पीएचई विभाग को निर्देशित कर खन्नाथ के सेमरिया टोला में हैंडपंप लगवा दिया।
गौरतलब है कि खन्नाथ में बैगा समुदाय के पास पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। इस कारण समुदाय के लोग कॉलरी द्वारा छोड़े जा रहे दूषित काला पानी के नाले में झिरिया बनाकर पानी पी रहे थे। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत समेत प्रशासन के आला अधिकारियों को दी थी, फिर भी कई दशकों से बैगा समाज के लोग झिरिया के पानी से जीवन यापन कर रहे थे। ग्राम पंचायत खन्नाथ के वार्ड क्रमांक 12 के सेमरिहा टोला में रहने वाले बैगा समाज के लोगों ने बीच नाला में झिरिया बनाया था। इस नाला को स्थानीय लोग बैसहा नाला कहते हैं। नाला में कॉलरी प्रबंधन द्वारा दूषित कोयले का काला पानी छोड़ा जा रहा है। इसी काला पानी को साफ करने बैगा समाज के लोग पी रहे थे।
गांव की रहने वाली राम बाई बैगा ने कहा कि हम लोगों की कई पीढ़ी बीत गई, लेकिन झिरिया से पानी पीने वाली समस्या जस की तस थी। हमारे पूर्वज चले गए अब हम इसी झिरिया का पानी पी रहे थे। सरकार हमारी समस्या सुन नहीं रही थी, लेकिन अमर उजाला की पहल से हमारी समस्या दूर हो गई है। जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ और सोहागपुर जनपद के सीईओ मुद्रिका सिंह ने बताया कि खन्नाथ में पीएचई विभाग की मदद से बोरवेल करा दिया गया है। अब आदिवासी मोहल्ले में पानी की समस्या नहीं होगी।
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गौरतलब है कि खन्नाथ में बैगा समुदाय के पास पीने के पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी। इस कारण समुदाय के लोग कॉलरी द्वारा छोड़े जा रहे दूषित काला पानी के नाले में झिरिया बनाकर पानी पी रहे थे। इसकी जानकारी ग्राम पंचायत समेत प्रशासन के आला अधिकारियों को दी थी, फिर भी कई दशकों से बैगा समाज के लोग झिरिया के पानी से जीवन यापन कर रहे थे। ग्राम पंचायत खन्नाथ के वार्ड क्रमांक 12 के सेमरिहा टोला में रहने वाले बैगा समाज के लोगों ने बीच नाला में झिरिया बनाया था। इस नाला को स्थानीय लोग बैसहा नाला कहते हैं। नाला में कॉलरी प्रबंधन द्वारा दूषित कोयले का काला पानी छोड़ा जा रहा है। इसी काला पानी को साफ करने बैगा समाज के लोग पी रहे थे।
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गांव की रहने वाली राम बाई बैगा ने कहा कि हम लोगों की कई पीढ़ी बीत गई, लेकिन झिरिया से पानी पीने वाली समस्या जस की तस थी। हमारे पूर्वज चले गए अब हम इसी झिरिया का पानी पी रहे थे। सरकार हमारी समस्या सुन नहीं रही थी, लेकिन अमर उजाला की पहल से हमारी समस्या दूर हो गई है। जिला पंचायत के एडिशनल सीईओ और सोहागपुर जनपद के सीईओ मुद्रिका सिंह ने बताया कि खन्नाथ में पीएचई विभाग की मदद से बोरवेल करा दिया गया है। अब आदिवासी मोहल्ले में पानी की समस्या नहीं होगी।
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