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Sehore: लहसुन-प्याज उत्पादक किसानों की हालत खराब, ध्यान नहीं देने का आरोप लगाकर किसान संगठन ने किया प्रदर्शन
Thu, 25 Aug 2022 08:29 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 25 Aug 2022 08:29 PM IST
सार
सीहोर में किसान संगठन ने प्रदर्शन किया है। नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा गया। उनका आरोप है कि लहसुन-प्याज उत्पादक किसानों की हालत खराब है और सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
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सीहोर में किसान संगठनों ने एसडीएम को ज्ञपान सौंपा।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्य प्रदेश में इन दिनों लहसुन के दामों को लेकर चर्चा है। भाव इतने कम हैं कि लागत भी नहीं निकल पा रही है। लहसुन नदी में फेंकने का वीडियो भी वायरल हुआ था। अब सीहोर में किसान संगठन ने प्रदर्शन किया है। नारेबाजी कर ज्ञापन सौंपा गया। उनका आरोप है कि लहसुन-प्याज उत्पादक किसानों की हालत खराब है और सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
बता दें कि राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने प्रदेश सरकार से किसानों को लहसुन और प्याज उत्पादक किसानों को भावांतर या समर्थन मूल्य देने की मांग की है। संगठन ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। इनके साथ कई किसान भी थे। सभी ने जमकर नारेबाजी की। संगठन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार शैफाली जैन को दिया।
राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारी बलराम मुकाती ने बताया कि किसानों की बदहाली पर सरकार का ध्यान नहीं है। लहसुन-प्याज को मंडी तक लाने का भाड़ा तक नहीं निकल पा रहा है। किसान अपने खून-पसीने से सींची हुई फसल को नालों नदियों कुओं में फेक ने के लिए विवश हो रहा है। यदि शीघ्र इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपते समय आत्मारामजी, विष्णुप्रसाद जलोदिया, देवकरण, राजेंद्र सिंह, गौरव वर्मा, राम सिंह, ओमप्रकाश, किशौर सिंह, रमेश चंद्र सतीष वर्मा, रूप सिंह आदि किसान शामिल रहे।
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बता दें कि राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने प्रदेश सरकार से किसानों को लहसुन और प्याज उत्पादक किसानों को भावांतर या समर्थन मूल्य देने की मांग की है। संगठन ने गुरुवार को एसडीएम कार्यालय के सामने जमकर प्रदर्शन किया। इनके साथ कई किसान भी थे। सभी ने जमकर नारेबाजी की। संगठन ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नाम ज्ञापन नायब तहसीलदार शैफाली जैन को दिया।
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राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के पदाधिकारी बलराम मुकाती ने बताया कि किसानों की बदहाली पर सरकार का ध्यान नहीं है। लहसुन-प्याज को मंडी तक लाने का भाड़ा तक नहीं निकल पा रहा है। किसान अपने खून-पसीने से सींची हुई फसल को नालों नदियों कुओं में फेक ने के लिए विवश हो रहा है। यदि शीघ्र इस बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो किसान उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपते समय आत्मारामजी, विष्णुप्रसाद जलोदिया, देवकरण, राजेंद्र सिंह, गौरव वर्मा, राम सिंह, ओमप्रकाश, किशौर सिंह, रमेश चंद्र सतीष वर्मा, रूप सिंह आदि किसान शामिल रहे।
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