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Sehore news: गांव में दहशत बनकर आया सियार, दो मासूमों सहित आठ ग्रामीणों पर हमला, चीखों से कांपा गांव
Wed, 28 Jan 2026 11:03 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Jan 2026 11:03 PM IST
सार
सीहोर जिले के भैरुंदा ब्लॉक के ग्राम सोठिया में जंगल से भटके सियार ने गांव में घुसकर बुजुर्ग, महिलाओं व बच्चों पर हमला किया, जिसमें आठ लोग घायल हुए। सभी का अस्पताल में इलाज हुआ। ग्रामीणों ने सियार को मार गिराया।
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गांव की दोपहर अचानक चीखों में बदली, सियार ने आठ ग्रामीणों को बोला हमला
विस्तार
सीहोर जिले के भैरुंदा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सोठिया की शांत दोपहर उस समय भयावह मंजर में बदल गई, जब जंगल से भटककर आया एक जंगली सियार गांव की गलियों में घुस आया। रोजमर्रा के कामों में व्यस्त ग्रामीणों को अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पलों में उनकी जिंदगी दहशत और दर्द से भर जाएगी। सियार ने गांव में घुसते ही लोगों पर हमला शुरू कर दिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई।
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सबसे पहले सियार का शिकार बने गांव के बुजुर्ग धन्नालाल, जो जैसे ही अपने घर के दरवाजे से बाहर निकले, वैसे ही सियार ने उन पर झपट्टा मार दिया। अचानक हुए हमले से वे संभल भी नहीं पाए। उनके चीखने की आवाज सुनकर परिजन और पड़ोसी दौड़े, तब जाकर सियार उन्हें छोड़कर भागा, लेकिन तब तक वह गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।
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महिलाओं और बच्चों पर भी नहीं आई दया
बुजुर्ग पर हमले के बाद सियार गांव की अन्य गलियों में दौड़ता रहा और एक के बाद एक महिलाओं व बच्चों को निशाना बनाता गया। इस हमले में दो मासूम बच्चे सहित कुल आठ लोग घायल हुए। किसी के हाथ पर गहरे घाव थे, तो किसी के चेहरे और गर्दन पर। हमले में घायल लोगों में गीता पति बलराम पंवार, सुगना पति रमेश पंवार, रक्षा पति नरेंद्र पंवार, अनीता पति महेश, सावनी पिता वनपसिंह, विजय पिता भागवत, आर्यमन पिता राहुल राजपूत सहित अन्य ग्रामीण शामिल हैं। मासूम बच्चों के लहूलुहान चेहरे देखकर गांव की महिलाएं फूट-फूटकर रो पड़ीं।
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सिविल अस्पताल में इलाज, रेबीज का खतरा टला
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को ग्रामीणों की मदद से सिविल अस्पताल भैरुंदा पहुंचाया गया। सीबीएमओ डॉ. मनीष सारस्वत ने बताया कि सभी मरीजों को एंटी-रेबीज वैक्सीन और इम्युनोग्लोबुलिन के इंजेक्शन लगाए गए हैं। चेहरे और गर्दन पर घाव होने के कारण विशेष सावधानी बरती जा रही है। डॉक्टरों की टीम अगले 72 घंटे तक सभी मरीजों की कड़ी निगरानी करेगी ताकि किसी भी तरह का संक्रमण न फैल सके।
ग्रामीणों का आक्रोश, सियार को उतारा मौत के घाट
लगातार हो रहे हमलों से आक्रोशित ग्रामीणों ने एकजुट होकर सियार को पकड़ने का फैसला किया। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने गांव के बाहर उसे घेर लिया और अंततः उसे मार गिराया। सियार के मारे जाने के बाद गांव में कुछ हद तक राहत का माहौल बना, लेकिन लोगों के दिलों में डर अब भी कायम है। बच्चों को घर से बाहर निकलने नहीं दिया जा रहा।
वन विभाग की सहायता और ग्रामीणों की मांग
वन विभाग के अधिकारी प्रकाशचंद ऊइके ने बताया कि घटना के बाद टीम को तुरंत मौके पर भेजा गया और सियार के शव का नियमानुसार अंतिम संस्कार किया गया। घायलों को तात्कालिक सहायता के रूप में 1-1 हजार रुपये दिए जाएंगे। साथ ही मुआवजे के रूप में अधिकतम 50 हजार रुपये और दवाइयों के लिए 500 रुपये प्रतिदिन देने का प्रावधान है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में नियमित गश्त, जंगल से सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था और जंगली जानवरों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की मांग की है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार को ऐसा दर्द न झेलना पड़े।
