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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News: In four years, 6 devotees have lost their lives in Pandit Mishra's event

Sehore News: क्यों बार-बार हो रहे पं. प्रदीप मिश्रा के आयोजन में हादसे? चार साल में 6 श्रद्धालु गंवा चुके जान

Tue, 05 Aug 2025 06:42 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Tue, 05 Aug 2025 06:42 PM IST
सार

पिछले चार वर्षों में इस आयोजन स्थल पर 6 श्रद्धालुओं की जान जा चुकी है और 50 से अधिक लोग घायल हो चुके हैं। मार्च 2025 में रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान भीड़भाड़ के बीच तीन श्रद्धालुओं की मौत हुई थी। इससे पहले 2022 और 2024 में पंडाल गिरने की घटनाएं भी हुईं, जिनमें मौत और गंभीर चोटें दर्ज की गईं।

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Sehore News: In four years, 6 devotees have lost their lives in Pandit Mishra's event
पंडित प्रदीप मिश्रा। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा के आयोजन अब श्रद्धा से अधिक अव्यवस्था के लिए चर्चा में हैं। उनके सबसे बड़े आयोजन स्थल कुबेरेश्वर धाम पर बार-बार हादसे हो रहे हैं। 5 अगस्त 2025 को कांवड़ यात्रा से ठीक पहले रुद्राक्ष वितरण के दौरान भगदड़ मच गई। धक्का-मुक्की में दबकर दो महिला श्रद्धालुओं की मौत हो गई, कई घायल हो गए। मृतकों में 56 वर्षीय जसवंती बहन (ओमनगर, राजकोट, गुजरात) की पहचान हुई है।

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यह पहली बार नहीं है जब पंडित मिश्रा के आयोजन में अव्यवस्था देखने को मिली हो। बीते चार वर्षों के भीतर उनके आयोजनों में 6 श्रद्धालुओं की मौत और 50 से अधिक के घायल होने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इसके बावजूद आयोजन स्थल पर व्यवस्थाओं की गंभीर कमी बनी हुई है।
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मार्च 2025: तीन दिन में तीन श्रद्धालुओं की मौत
मार्च 2025 में कुबेरेश्वर धाम पर हुए रुद्राक्ष महोत्सव के दौरान दो महिलाओं और एक तीन वर्षीय बच्चे की मौत हो गई थी। महाराष्ट्र के जलगांव से आए बच्चे अमोघ भट्ट की हालत पहले से खराब थी, लेकिन भीड़भाड़ और पैदल सफर ने स्थिति और बिगाड़ दी। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में उसकी मौत हो गई। वहीं, दो महिलाओं की मौत भी कार्डियक अरेस्ट के चलते हुई बताई गई।
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श्रद्धा का सैलाब, लेकिन इंतजाम फेल

11 मार्च 2024: पंडाल गिरा, महिलाएं घायल
सीहोर के कुबेरेश्वर धाम में शिवपुराण कथा के दौरान तेज हवा के कारण पंडाल का सरिया और स्पीकर महिलाओं पर गिर गया। हादसे में दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हुईं। उन्हें शासकीय जिला अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।

13 जुलाई 2022: पंडाल गिरा, एक की मौत, 15 घायल
गुरु पूर्णिमा पर आयोजित गुरुदीक्षा कार्यक्रम में भोजन पंडाल गिर गया। हादसे में वाबड़ीखेड़ा, कन्नौद निवासी उमा मीणा की मौत हो गई थी और 15 लोग घायल हो गए थे। बारिश और तेज हवा के कारण पंडाल गिरने की आशंका जताई गई थी। हादसे के बाद स्वयं पंडित मिश्रा ने मंच से व्यवस्थाएं संभाली थीं।


श्रद्धा का सैलाब, लेकिन इंतजाम फेल

प्रशासन और आयोजकों की जवाबदेही जरूरी
हर आयोजन में श्रद्धालुओं की भीड़ लाखों में होती है, लेकिन सुरक्षा और सुविधा इंतजाम अक्सर नाकाफी सिद्ध होते हैं। हालिया हादसों के बाद मानवाधिकार आयोग ने भी जवाब तलब किया है, बावजूद इसके कोई स्थायी समाधान सामने नहीं आया है।

भीड़ में श्रद्धा की मौत, सवालों में व्यवस्था
इन बार-बार होने वाली घटनाओं ने आयोजकों और प्रशासन की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। श्रद्धा का सैलाब यदि सही तरीके से न संभाला जाए तो वह त्रासदी बन सकती है — और कुबेरेश्वर धाम की घटनाएं इसका प्रमाण हैं।

 

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