Sehore news: जिला अस्पताल में सालों से खाली है रेडियोलाजिस्ट का पद, निजी सेंटरों से सोनाग्राफी कराने की मजबूरी
सीहोर जिला अस्पताल में वर्षों से रेडियोलॉजिस्ट नहीं होने से मरीजों को सोनोग्राफी के लिए निजी सेंटर जाना पड़ता है। सरकारी वैकल्पिक व्यवस्था भी अधूरी है। अस्पताल की नई बिल्डिंग बनने के बावजूद व्यवस्थाएं नहीं सुधरी हैं। मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विस्तार
जिला अस्पताल केवल नाम का रह गया है। जिला अस्पताल में सुविधाओं के नाम पर बस परेशानियां ही बनी हैं। डॉक्टर अस्पताल में बैठते नहीं हैं। मरीजों को इलाज के लिए घंटों परेशान होना पड़ता है। यहां रेडियोलॉजिस्ट का पद कई सालों से खाली है, जिसके कारण गंभीर रोगों में मरीजों की सोनाग्राफी जांच नहीं हो पाती है। मरीजों को सोनाग्राफी कराने के लिए प्राइवेट सेंटर भेज दिया जाता है, जहां उन्हें महंगे दाम देने पड़ते हैं।
सीहोर जिला अस्पताल परिसर में 30 करोड़ रुपये की लागत से नवीन अस्पताल भवन बनाया गया है। लोकार्पण के बाद यहां मेटरनिटी और अन्य विभाग शिफ्ट किए गए हैं, लेकिन अस्पताल का ढर्रा सुधरने का नाम नहीं ले रहा है। पहले की तरह यहां की व्यवस्थाएं जस की तस बनी हुई हैं। जिला अस्पताल सीहोर में वर्ष 2019 से रेडियोलाजिस्ट का पद खाली है। इसके बाद से जहां दो रेडियोलॉजिस्ट की पद स्थापना की गई, लेकिन उन्होंने यहां किसी ने ज्वाइन नहीं किया। पद खाली होने से अस्पताल में आने वाले मरीज और उनके परिजन काफी परेशान होते हैं। अस्पताल प्रबंधन की मानें तो जिला अस्पताल में सोनोग्राफी जांच के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनाई गई है, जिसके तहत महीने में दो बार गर्भवती महिलाओं की जांच की जाती है। प्रधानमंत्री मातृत्व सुरक्षित योजना के तहत महीने की 9 और 25 तारीख को गर्भवती महिलाओं की सोनाग्राफी जांच होती है।
ये भी पढ़ें- दिल्ली जाने वालों के लिए बड़ी सौगात, नई सुपरफास्ट ट्रेन आज से शुरू, यहां पढ़ें रूट और टाइमिंग
महिलाओं की जांच के बाद एक्स रे फिल्म नहीं देते
सोनोग्राफी जांच के लिए यहां स्त्री रोग विशेषज्ञ चिकित्सकों को प्रशिक्षण दिया गया है। महिला डॉक्टर सोनोग्राफी की जांच करती है। यहा सिर्फ गर्भवती महिलाओं की ही जांच होती है, जबकि पुरुष मरीजों की जांच नहीं होती। महिलाओं की जांच के बाद उन्हें हस्त लिखित रिपोर्ट दी जाती है, जिसमें एक्स रे फिल्म नहीं होती, जिसके कारण इस रिपोर्ट को डॉक्टर मान्यता नहीं देते हैं। मजबूरन उन्हें फिर से निजी सेंटरों पर जाकर मंहगी जांच करानी पड़ती है।
हेल्थ कमिश्नर को कर चुके हैं पत्राचार
जिला अस्पताल सीहोर के आरएमओ डॉ. सुधीर श्रीवास्तव ने बताया कि हम हेल्थ कमिश्नर को कई बार पत्राचार कर चुके हैं, लेकिन कोई आने को तैयार नहीं है। वैकल्पिक व्यवस्था कर दी है। महिला डॉक्टर को सोनोग्राफी का प्रशिक्षण दिलाया गया है। वह महिला मरीजों की सोनोग्राफी करती हैं।
ये भी पढ़ें- विधायक पुत्र मारपीट मामला, टेकरी तक कैसे पहुंचीं गाड़ियां? प्रशासनिक अनुमति के बगैर नहीं खुलते गेट
पूरे जिले में रेडियोलॉजिस्ट नहीं
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सीहोर डॉ. सुधीर कुमार डेहरिया ने बताया कि पूरी सीहोर जिले में एक भी रेडियोलॉजिस्ट नहीं है। हेल्थ कमिश्नर से लेकर मिनिस्टर तक को लिख चुके हैं। प्रायवेट लोगों की सेवाएं ले रहे हैं।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.
