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Sehore: अमलाहा में छूआछूत का मामला आया सामने, सवर्णों और दलितों के भोजन प्रसादी के लिए अलग-अलग टेंट लगाए
Wed, 14 Jun 2023 11:26 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Wed, 14 Jun 2023 11:26 AM IST
सार
सीहोर जिले के अमलाहा में छुआछूत का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि भंडारे के दौरान यहां सवर्णों और दलितों के लिए अलग-अलग टेंट लगाया गया था और उनमें उन्हीं जाति के लोगों को बैठाया गया था।
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भंडारे में भेदभाव का आरोप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर जिले के अमलाहा में जातिवाद और छुआछूत का मामला सामने आया है। यहां मंदिर पर चल रहे भंडारे में दलितों और सवर्णों के लिए अलग-अलग टेंट लगाया गया और उनमें उन्हीं समाज के लोगों को बैठाकर भोजन प्रसादी दी गई।
जानकारी के अनुसार मंगलवार को भी यहां भंडारा आयोजित किया गया। भोजन प्रसादी के लिए यहां अलग-अलग टेंट लगाए गए थे। जिनमें श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जा रही थी। इस बीच कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि यहां सवर्णों के लिए अलग और दलितों के लिए अलग-अलग टेंट लगाए गए हैं। गांव के जीवन सिंह मालवीय ने बताया कि जो भंडारा हो रहा है, उसमें दलित वर्ग के लोगों को अलग टेंट में बैठाकर प्रसादी दी जा रही है, जबकि सवर्णों को अलग टेंट में बैठाकर प्रसादी दी जा रही है। यहां जातिवाद और छुआछूत का माहौल फैलाया जा रहा है। भाजपा के दावेदार और सरपंच ने भंडारा आयोजित किया था। प्रसादी परोस रहे देवसिंह मालवीय से जब पूछा गया कि दूसरे टेंट में कौन लोग हैं, तो उन्होंने बताया कि वहां सब बड़े लोग हैं और इधर जहां वे खुद परोसदारी कर रहे हैं वहां सब मालवीय समाज के लोग बैठे प्रसादी ले रहे हैं।
भंडारे के लिए नहीं लेते सहयोग
जीवन सिंह ने कहा कि जब हमने कहा कि यह गलत हो रहा है तो किसी भी जिम्मेदार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि हम भंडारे के लिए सहयोग भी नहीं दे पाते हैं। आयोजकों का कहना होता है कि यदि हम आपसे सहयोग राशि या सामग्री लेंगे तो यह भंडारे का अपमान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें मंदिर में भी प्रवेश नहीं दिया जाता है। यदि प्रसाद लेकर भी जाते हैं तो पहली सीडी पर ही खड़े होकर पंडितजी को देना होती है।
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यही नहीं दलितों ने यह भी आरोप लगाया है कि सवर्ण वर्ग उन्हें मंदिर में भी नहीं जाने देते हैं। इस तरह के आरोपों के बीच अमलाहा पुलिस मौके पर पहुंची है। अमलाहा चौकी प्रभारी अविनाश भोपले का कहना है कि वहां टेंट तो अनेक लगे हैं, लेकिन छुआछूत जैसी कोई बात सामने नहीं आ रही है।
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जानकारी के अनुसार मंगलवार को भी यहां भंडारा आयोजित किया गया। भोजन प्रसादी के लिए यहां अलग-अलग टेंट लगाए गए थे। जिनमें श्रद्धालुओं को प्रसादी वितरित की जा रही थी। इस बीच कुछ लोगों ने आरोप लगाए कि यहां सवर्णों के लिए अलग और दलितों के लिए अलग-अलग टेंट लगाए गए हैं। गांव के जीवन सिंह मालवीय ने बताया कि जो भंडारा हो रहा है, उसमें दलित वर्ग के लोगों को अलग टेंट में बैठाकर प्रसादी दी जा रही है, जबकि सवर्णों को अलग टेंट में बैठाकर प्रसादी दी जा रही है। यहां जातिवाद और छुआछूत का माहौल फैलाया जा रहा है। भाजपा के दावेदार और सरपंच ने भंडारा आयोजित किया था। प्रसादी परोस रहे देवसिंह मालवीय से जब पूछा गया कि दूसरे टेंट में कौन लोग हैं, तो उन्होंने बताया कि वहां सब बड़े लोग हैं और इधर जहां वे खुद परोसदारी कर रहे हैं वहां सब मालवीय समाज के लोग बैठे प्रसादी ले रहे हैं।
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भंडारे के लिए नहीं लेते सहयोग
जीवन सिंह ने कहा कि जब हमने कहा कि यह गलत हो रहा है तो किसी भी जिम्मेदार ने कोई जवाब नहीं दिया। उन्होंने बताया कि हम भंडारे के लिए सहयोग भी नहीं दे पाते हैं। आयोजकों का कहना होता है कि यदि हम आपसे सहयोग राशि या सामग्री लेंगे तो यह भंडारे का अपमान होगा। उन्होंने यह भी कहा कि हमें मंदिर में भी प्रवेश नहीं दिया जाता है। यदि प्रसाद लेकर भी जाते हैं तो पहली सीडी पर ही खड़े होकर पंडितजी को देना होती है।
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यही नहीं दलितों ने यह भी आरोप लगाया है कि सवर्ण वर्ग उन्हें मंदिर में भी नहीं जाने देते हैं। इस तरह के आरोपों के बीच अमलाहा पुलिस मौके पर पहुंची है। अमलाहा चौकी प्रभारी अविनाश भोपले का कहना है कि वहां टेंट तो अनेक लगे हैं, लेकिन छुआछूत जैसी कोई बात सामने नहीं आ रही है।
