फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Sehore News One year imprisonment to the accused who held hands with bad intentions

Sehore News: बुरी नियत से हाथ पकड़ने वाले अभियुक्त को एक साल की सजा, एक हजार रुपये जुर्माना

Wed, 10 Jan 2024 05:16 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: अरविंद कुमार Updated Wed, 10 Jan 2024 05:16 PM IST
सार

बुरी नियत से हाथ पकड़ने वाले अभियुक्त को एक साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई है। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

विज्ञापन
Sehore News One year imprisonment to the accused who held hands with bad intentions
कोर्ट का फैसला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सीहोर में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी वंदना त्रिपाठी आष्टा ने अभियुक्त बबलू उर्फ शाकिर पिता रासद उर्फ रियासत खां (35) निवासी-आमखेड़ी, थाना सिददीकगंज, जिला सीहोर को धारा-354 भा.द.वि. में एक साल का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड एवं धारा-323 भा.द.वि. में छह महीने का कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

विज्ञापन


अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर ने बताया, घटना पांच जुलाई 2018 को दिन में करीब 10 बजे अभियोक्त्री चांदनिया के जंगल में अकेली पत्ता तोड़ने गई थी। वहीं पर अभियोक्त्री के गांव का निवासी अभियुक्त बबलू मवेशी चरा रहा था। तभी अभियुक्त ने अभियोक्त्री के पास जाकर बुरी नियत से उसका हाथ पकड़कर खींचने लगा। अभियोक्त्री के चिल्लाने पर अभियुक्त ने अपने हाथ में रखी लकड़ी से मारपीट की, जो अभियोक्त्री के सीधे हाथ के बाजू में लगी।
विज्ञापन


अभियोक्त्री ने अभियुक्त को धक्का देकर अपना हाथ छुड़ाया, तब अभियुक्त ने अभियोक्त्री से कहा कि यदि उसने यह बात किसी को बताई तो उसे जान से खत्म कर देगा। घटना के अगले दिन फरियादी अभियोक्त्री ने थाना सिददीकगंज जाकर घटना की मौखिक रिपोर्ट लेख कराई। रिपोर्ट के आधार पर थाना सिददीकगंज में अपराध धारा- 323, 354 एवं 506 भारतीय दंड संहिता का अपराध अभियुक्त के विरूद्ध पंजीबद्ध हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


संपूर्ण विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। न्यायालय ने अभियोजन साक्ष्य एवं अंतिम बहस के दौरान अभियोजन के तर्क से सहमत होते हुए अभियुक्त को दोष सिद्ध पाते हुए धारा- 354 भा.द.वि. में एक साल का कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड एवं धारा-323 भा.द.वि. में छह महीने का कठोर कारावास एवं 500 रुपये अर्थदंड से दंडित किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed