{"_id":"63d23c291e2d7e5bef7b5fe1","slug":"sehore-memorandum-submitted-to-fix-technical-problem-and-other-anomalies-in-sara-app-made-for-patwaris-2023-01-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sehore: सारा एप बना पटवारियों की परेशानी, तकनीकी समस्या और अन्य विसंगति को ठीक करने को लेकर सौंपा ज्ञापन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sehore: सारा एप बना पटवारियों की परेशानी, तकनीकी समस्या और अन्य विसंगति को ठीक करने को लेकर सौंपा ज्ञापन
Thu, 26 Jan 2023 02:09 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 26 Jan 2023 02:09 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में पटवारियों के लिए सारा एप बनाया गया है। एप में आ रही तकनीकी समस्या और विसंगति को लेकर पटवारियों ने शासन को ज्ञापन सौंपा है।
विज्ञापन
ज्ञापन सौंपते हुए पटवारी
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सारा एप सीहोर जिले के पटवारियों की परेशानी बना हुआ है। एप में तकनीकी समस्या और विसंगति को लेकर पटवारी एकजुट हो गए हैं। पटवारियों ने प्रमुख सचिव राजस्व एवं आयुक्त भू अभिलेख के नाम एक ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा है।
विज्ञापन
पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष धीरज श्रीवास्तव और सचिव संजय राठौर ने बताया, शासन की ओर से वर्तमान में रबी गिरदावरी के लिए सारा एप का नया वर्जन लांच किया गया है। सेटेलाइट इमेज से प्राप्त गिरदावरी का मौके पर जाकर सत्यापन किया जाना तय किया गया है। इस कार्य में पटवारियों को अनेक समस्याएं आ रही हैं। मौके पर रिक्त भूमि, प्लाट में भी सेटेलाइट इमेज में फसल दिखाई गई है। सेटेलाइट से प्राप्त इमेज में गेहूं, चना, राई और सरसों ही दर्ज दिखाई दे रही, जबकि वहां अन्य फसल भी हैं।
विज्ञापन
विभिन्न प्रकार की विसंगतियों के कारण एप सही प्रकार से कार्य नहीं कर रहा है। इन समस्याओं के समाधान होने तक प्रदेश के पटवारियों की ओर से सेटेलाइट इमेज का मौके पर सत्यापन नहीं किया जा सकेगा। पटवारियों ने सारा एप पर गिरदावरी कार्य पूरा कर लिया है, जिसकी जांच दोबारा स्वयं पटवारियों से कराए जाना न्याय संगत नहीं होगा।
विज्ञापन
पटवारी संघ ने ज्ञापन के जरिए बताया...
- मौके पर रिक्त भूमि/प्लाट में भी सेटेलाइट इमेज में फसल दिखाई गई है
- सेटेलाइट से प्राप्त इमेज गिरदावरी में अधिकतर गेहूं, चना, राई और सरसों ही दर्ज दिखाई दे रही, जबकि मौके पर अन्य फसल भी हैं
- सेटेलाइट से प्राप्त इमेज गिरदावरी को मौके पर सत्यापन के लिए प्राप्त नंबर बिना किसी निर्धारित अनुपात के प्राप्त हुए हैं। अर्थात किसी हल्के/ग्राम में 70 प्रतिशत तक नंबर दोबारा सत्यापन के लिए आए हैं तो किसी ग्राम में मात्र 10 प्रतिशत नंबर ही आए हैं
- सत्यापन के लिए समय सीमा बहुत कम दी गई है
- सत्यापन उपरांत पटवारी के मोबाइल से फसल अपलोड नहीं हो रही है
- प्राप्त इमेज में डूब क्षेत्र में भी फसल दिखाई गई है
- सारा एप में तकनीकी विसंगतियों के कारण बार-बार अपडेट के बाद भी गिरदावरी माड्यूल में फसल विंसगति कम नहीं होकर बार-बार बाहर फेंक रहा है
- इस प्रकार से विभिन्न प्रकार की विसंगतियों के साथ यह सत्यापन के लिए प्राप्त सारा एप का वर्जन कार्य करने योग्य नहीं है
- इस कारण एप की कमियों के समाधान होने तक प्रदेश के पटवारी की ओर से सेटेलाइट इमेज का मौके पर सत्यापन नहीं किया जा सकेगा
- प्रदेश के पटवारियों की ओर से सारा एप पर गिरदावरी कार्य पूरा किया जा चुका है, जिसकी जांच दोबारा स्वयं पटवारियों से कराए जाना, उचित और न्याय संगत नहीं होगा
