फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News ›   Sehore: Life imprisonment for the killer, took his life in a dispute over the loan of ten thousand

Sehore: हत्यारे को आजीवन कारावास, दस हजार की उधारी के विवाद में ली थी जान, पेट्रोल डाल जला दिया था चेहरा

Wed, 31 Aug 2022 08:17 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 31 Aug 2022 08:17 PM IST
सार

दस हजार रुपये की उधारी के चक्कर में बेरहमी से हत्या करने वाले को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा दी है। 

विज्ञापन
Sehore: Life imprisonment for the killer, took his life in a dispute over the loan of ten thousand
Jail demo - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

सीहोर में जघन्य हत्याकांड के आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। छह हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। बता दें कि दस हजार रुपये की उधारी के चक्कर में बेरहमी से हत्या की गई थी। बाद में पहचान छिपाने के लिए चेहरे पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई थी। 
विज्ञापन


जिला अभियोजन अधिकारी देवेंद्र सिंह ठाकुर ने बताया कि मामला दो साल पुराना है। तीन अगस्त 2020 को बबीता ने थाना जावर में सूचना दी कि मेरे पति जितेन्द्र जगन्नाथ चावड़ा (30) 28 जुलाई 2020 को घर से सुबह सीहोर जाने का कहकर निकले थे। जो लौटकर नहीं आए, न ही उनसे संपर्क हो पा रहा है। थाने में गुमशुदगी दर्ज कर ली गई थी। उधर तीन दिन बाद ही एक अगस्त को गुडभेला, जताखेडा कांकड थाना मंडी के पास एक अज्ञात व्यक्ति के शव संबंध में सूचना प्राप्त हुई। शव काफी क्षत-विक्षत हालत में था। शव की पहचान जितेंद्र के रूप में हुई। 
विज्ञापन


पुलिस को जांच में पता चला कि दुर्गेश मालवीय घटना वाले दिन जितेंद्र के संपर्क में था। दुर्गेश मालवीय से पूछताछ में उसने हत्या की बात कबूल कर ली थी। उसने बताया था कि दस हजार रुपये का विवाद था। इसलिए पहले उसने जितेन्द्र को शराब पिलाई फिर गला दबाकर मार दिया। बाद में शव की पहचान छुपाने के लिए पेट्रोल डालकर चेहरे व शरीर पर आग लगा दी। पुलिस ने मामला कोर्ट में पेश किया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएन चन्द्र ने सुनवाई के बाद दुर्गेश पिता रमेश मालवीय (31) निवासी इन्दौर नाका दशहरा वाला बाग सीहोर को दोषसिद्ध पाया। जिला कोर्ट ने आरोपी को धारा 302 भादवि में आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड एवं धारा 201 भादवि में तीन साल सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed