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Sehore: किसानों ने लगाया जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर जाम, गेहूं की ट्रॉलियां रिजेक्ट करने से हुए आक्रोशित
Fri, 29 Mar 2024 03:32 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सीहोर
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 29 Mar 2024 03:32 PM IST
सार
सीहोर में किसानों की गेहूं की ट्रॉलियों को खरीदने से मना करने पर हंगामा हो गया। पहले मंडी में खरीदी बंद कर दी गई, इससे किसान भड़क गए और जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे जाम कर दिया। जाम से लोग परेशान होते रहे। मशक्कत के बाद किसान माने।
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किसानों ने जयपुर-जबलपुर हाईवे पर जाम लगा दिया था।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
गेहूं की ट्रॉलियां रिजेक्ट करने से गुस्साए किसानों ने सीहोर जिले के श्यामपुर से गुजर रहे जयपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। किसानों ने जमकर प्रदर्शन किया। किसानों का कहना है कि यहां उनका गेहूं मिट्टी वाला बताकर रिजेक्ट किया जा रहा है। अफसर सुनवाई नहीं कर रहे हैं।
बता दें कि किसानों ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वेयर हाउस के गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर श्यामपुर के तहसीलदार श्याम चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के प्रदर्शन के देखते हुए वेयर हाउस के मेन गेट पर ताला लगवाकर खरीदी बंद करा दी। इसको लेकर किसान और आक्रोशित हो गए। हाईवे पर जाम लगाने की सूचना मिलने पर श्यामपुर थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जाम खोलने के लिए कहा। इस पर किसानों ने उन्हें घेर लिया। किसानों ने कहा कि हमारी उपज की तुलाई होने लगे हम जाम खोल देंगे। किसानों ने कहा कि आप तहसीलदार को मौके पर बुला दीजिए, वे तुलाई शुरू करा दें हम जाम जाम खोल देंगे।
तहसीलदार ने दिया खरीदी शुरू करने का आश्वासन
किसानों के प्रदर्शन और मांग को देखते हुए थाना प्रभारी की सूचना पर तहसीलदार वापस प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा की। उनसे जाम खोलने और तुलाई में सहयोग करने की बात कही। इस पर किसानों ने कहा कि आप उपज की तुलाई शुरू करा दीजिए। हम जाम खोल देंगे। इस पर तहसीलदार ने एक घंटे बाद यानी दोपहर 1:30 बजे के बाद तुलाई शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने भी किसानों को गेहूं तुलाई का आश्वासन दिया। इस पर किसान हाईवे से हटे। दोपहर करीब दो बजे से वाहनों का निकलना शुरू हो गया। किसानों के प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई।
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किसानों का कहना है कि हम अपनी उपज सीधे खेतों से निकालकर ला रहे हैं। इस बार फरवरी और मार्च में बारिश होने के कारण गेहूं की फसल आड़ी हो गई थी। इस कारण हार्वेस्टर से कटाई में भी हल्की मिट्टी आई है। अफसर उपज में मिट्टी मिली होने की बात कह रहे हैं। जबकि बारिश के समय जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। अब उपज नहीं खरीदी जा रही है। उधर, वेयर हाउस पर प्रबंधन का कहना है कि खाद्य विभाग की टीम ने खरीदी केंद्र का जायजा लिया था। उनके निर्देश के बाद मिट्टी वाला गेहूं नहीं खरीद रह हैं।
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बता दें कि किसानों ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे वेयर हाउस के गेट पर प्रदर्शन शुरू कर दिया था। किसानों के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर श्यामपुर के तहसीलदार श्याम चंद्र मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों के प्रदर्शन के देखते हुए वेयर हाउस के मेन गेट पर ताला लगवाकर खरीदी बंद करा दी। इसको लेकर किसान और आक्रोशित हो गए। हाईवे पर जाम लगाने की सूचना मिलने पर श्यामपुर थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने जाम खोलने के लिए कहा। इस पर किसानों ने उन्हें घेर लिया। किसानों ने कहा कि हमारी उपज की तुलाई होने लगे हम जाम खोल देंगे। किसानों ने कहा कि आप तहसीलदार को मौके पर बुला दीजिए, वे तुलाई शुरू करा दें हम जाम जाम खोल देंगे।
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तहसीलदार ने दिया खरीदी शुरू करने का आश्वासन
किसानों के प्रदर्शन और मांग को देखते हुए थाना प्रभारी की सूचना पर तहसीलदार वापस प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से चर्चा की। उनसे जाम खोलने और तुलाई में सहयोग करने की बात कही। इस पर किसानों ने कहा कि आप उपज की तुलाई शुरू करा दीजिए। हम जाम खोल देंगे। इस पर तहसीलदार ने एक घंटे बाद यानी दोपहर 1:30 बजे के बाद तुलाई शुरू कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद खाद्य विभाग की टीम ने भी किसानों को गेहूं तुलाई का आश्वासन दिया। इस पर किसान हाईवे से हटे। दोपहर करीब दो बजे से वाहनों का निकलना शुरू हो गया। किसानों के प्रदर्शन के कारण हाईवे पर वाहनों की कतार लग गई।
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किसानों का कहना है कि हम अपनी उपज सीधे खेतों से निकालकर ला रहे हैं। इस बार फरवरी और मार्च में बारिश होने के कारण गेहूं की फसल आड़ी हो गई थी। इस कारण हार्वेस्टर से कटाई में भी हल्की मिट्टी आई है। अफसर उपज में मिट्टी मिली होने की बात कह रहे हैं। जबकि बारिश के समय जनप्रतिनिधियों ने कहा था कि किसानों को कोई समस्या नहीं आने दी जाएगी। अब उपज नहीं खरीदी जा रही है। उधर, वेयर हाउस पर प्रबंधन का कहना है कि खाद्य विभाग की टीम ने खरीदी केंद्र का जायजा लिया था। उनके निर्देश के बाद मिट्टी वाला गेहूं नहीं खरीद रह हैं।
