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Rudraksha Mahotsav: कुबेरेश्वरधाम में सात दिन में उमड़े 25 लाख लोग, अंतिम दिन जाम से फूली सांसें; तस्वीरें
Fri, 20 Feb 2026 08:32 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Fri, 20 Feb 2026 08:32 PM IST
सार
कुबेरेश्वरधाम में सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव में 25 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। समापन पर भीड़ से इंदौर-भोपाल हाईवे जाम रहा। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने सच्ची शिवभक्ति का संदेश दिया; अव्यवस्था, महंगा किराया और परिवहन कठिनाइयों से भक्त परेशान रहे।
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कुबेरेश्वरधाम में टूटा रिकॉर्ड, समापन पर श्रद्धालुओं का सैलाब और जाम से जूझता शहर
विस्तार
सीहोर के समीप कुबेरेश्वरधाम में आयोजित सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव का समापन श्रद्धा और भक्ति के अभूतपूर्व सैलाब के साथ हुआ। लाखों भक्तों की मौजूदगी से इंदौर-भोपाल हाईवे जाम रहा, रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ उमड़ी। कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने जीवन में सच्ची शिवभक्ति और आंतरिक शुद्धता का संदेश दिया।
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मध्यप्रदेश की पावन धरा सीहोर के समीप स्थित कुबेरेश्वरधाम में आयोजित सात दिवसीय रुद्राक्ष महोत्सव ने इस वर्ष आस्था के सारे पुराने कीर्तिमान तोड़ दिए। आयोजकों के अनुसार सात दिनों में 25 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने धाम में उपस्थित होकर शिवकथा का श्रवण किया। अंतिम दिवस पर 10 से 12 लाख भक्तों की उपस्थिति ने न केवल धाम परिसर बल्कि आसपास के राजमार्गों और रेलवे स्टेशन तक को श्रद्धा के सागर में डुबो दिया। हर-हर महादेव के जयकारों से वातावरण गूंजता रहा।
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रेंगते वाहन, थमी रफ्तार: हाईवे पर आस्था की परीक्षा
शुक्रवार को कथा के समापन के साथ ही जब श्रद्धालु लौटने लगे, तो इंदौर-भोपाल हाईवे पर जाम जैसी स्थिति निर्मित हो गई। वाहन घंटों तक रेंगते रहे। कई किलोमीटर लंबी कतारों में फंसे लोग भी “बम-बम भोले” का उद्घोष करते धैर्य बनाए रहे। प्रशासन ने यातायात को सुचारु करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया, लेकिन श्रद्धालुओं की संख्या इतनी अधिक थी कि व्यवस्थाएं भी चुनौती के सामने छोटी पड़ती नजर आईं। यह दृश्य केवल भीड़ का नहीं, बल्कि उस अटूट विश्वास का था जो भक्तों को कठिनाइयों के बीच भी स्थिर रखता है।
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“रील नहीं, रियल भक्ति”: पंडित प्रदीप मिश्रा का संदेश
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने अंतिम दिवस पर अपने प्रवचन में कहा- अध्यात्म का मतलब रील बनाना नहीं, बल्कि जीवन की हकीकत में परमात्मा को महसूस करना है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भगवान शिव दिखावे, आडंबर या चमक-दमक से प्रसन्न नहीं होते। सादगी, निस्वार्थता और सच्चे भाव से की गई भक्ति ही शिवकृपा का मार्ग खोलती है।
संतों और अतिथियों की उपस्थिति
समापन अवसर पर संत कौशिक महाराज सहित अनेक संत-महात्मा उपस्थित रहे। “हर-हर महादेव, घर-घर महादेव” के जयकारों से पूरा परिसर शिवमय हो उठा। प्रशासनिक अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों का समिति द्वारा शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। हजारों सेवादारों को भी मंच से आभार व्यक्त कर सम्मानित किया गया।
भोजन प्रसादी और सेवा का अद्भुत प्रबंधन
सात दिनों तक आधुनिक भोजनशाला में निरंतर प्रसादी वितरण किया गया। नगर विठलेश सेवा समिति की नगर इकाई ने रेलवे स्टेशन पर भी लौटते श्रद्धालुओं के लिए भोजन की व्यवस्था की। सेवा का यह भाव इस महोत्सव की आत्मा बन गया। हजारों स्वयंसेवक दिन-रात जुटे रहे, बिना थके, बिना रुके। समिति के मीडिया प्रभारी मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि आगामी 15 मार्च से रुद्राक्ष वितरण प्रारंभ किया जाएगा। श्रद्धालुओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह देखा गया।
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आस्था के बीच अव्यवस्था: भक्तों की फजीहत
जहां एक ओर भक्ति का महासागर उमड़ा, वहीं दूसरी ओर अंतिम दिन अव्यवस्था ने श्रद्धालुओं को परेशान भी किया। ऑटो चालकों द्वारा मनमानी वसूली की शिकायतें सामने आईं। धाम से रेलवे स्टेशन तक 30 रुपये के स्थान पर 50 से 100 रुपये तक वसूले गए। कई यात्रियों को गंतव्य से पहले ही उतार दिया गया। बिहार से आए रामदीन ने बताया कि अधिक किराया देने के बावजूद उन्हें बीच रास्ते में उतार दिया गया, जिससे परिवार सहित भारी परेशानी उठानी पड़ी।
लोडिंग वाहनों में सफर को मजबूर भक्त
भीड़ का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई श्रद्धालु लोडिंग ऑटो और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में बैठकर स्टेशन पहुंचे। रेलवे स्टेशन पर टिकट काउंटरों की कमी से 2-3 घंटे तक लंबी कतारें लगी रहीं। कई यात्रियों को ट्रेन न मिलने पर बस स्टैंड या भोपाल की ओर अन्य साधनों से रवाना होना पड़ा। प्रशासन ने पूरी मुस्तैदी के साथ भीड़ को नियंत्रित करने का प्रयास किया। पुलिस, यातायात कर्मियों और स्वयंसेवकों ने लगातार व्यवस्था संभाली।

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब

कुबेरेश्वरधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
