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Pandit Pradeep Mishra: प्रदीप मिश्रा ने कहा- संत वे होते हैं, जो संसार के दुख को भी सुख में बदल देते हैं
Thu, 28 Mar 2024 08:46 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 28 Mar 2024 08:46 PM IST
सार
Pandit Pradeep Mishra: भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने कहा, संत वे होते हैं, जो संसार के दुख को भी सुख में बदल देते हैं। संत उद्वावदास महाराज के 3200 किलोमीटर नर्मदा परिक्रमा कर लौटने पर सम्मान किया गया।
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प्रदीप मिश्रा सहित अन्य संत
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
त्यागी आश्रम के संत उद्वावदास के द्वारा करीब 121 दिन तक निरंतर 3200 किलोमीटर नर्मदा परिक्रमा कर लौटने पर जिला मुख्यालय के समीपस्थ चितावलिया हेमा स्थित निर्माणाधीन मुरली मनोहर एवं कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा ने संतों के समक्ष उनका सम्मान किया।
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इस मौके पर संत उद्वावदास महाराज के साथ आए उज्जैन के संत मुनिश्वर दास सहित अन्य ने आगामी एक मई से होने वाले श्री विष्णु महायज्ञ, श्रीराम कथा एवं विराट राष्ट्रीय संत सम्मेलन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस मौके पर विठलेश सेवा समिति के व्यवस्थापक पंडित समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा, आशीष वर्मा, आकाश शर्मा, यश अग्रवाल आदि शामिल थे।
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विठलेश सेवा समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि गुरुवार को बड़ी संख्या में संतों ने भागवत भूषण पंडित मिश्रा से भेंट की थी। इस मौके पर कुबेरेश्वरधाम पर इन संतों का स्वागत सम्मान किया गया। उन्होंने बताया कि संतों के साथ सीहोर के प्रसिद्ध उद्वावदास महाराज का नर्मदा परिक्रमा से लौटने पर पंडित मिश्रा के द्वारा सम्मान किया गया। इस मौके पर पंडित मिश्रा ने कहा कि संत वे होते हैं जो संसार के दुख को भी सुख में बदल देते हैं और अंधकार को प्रकाश में बदल देते हैं। संत समाज को जागरुक करते हैं।
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