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Sehore Crime: अमेजन कंपनी के पार्सलों में से 30 लाख की असली घड़ी बदल नकली कर दी डिलीवर, तीन पर धोखाधड़ी का केस
Mon, 12 Jun 2023 10:00 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 12 Jun 2023 10:00 PM IST
सार
ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन एप के माध्यम से आए एपल कंपनी की जीपीएस स्मार्ट वॉच के 20 पार्सलों में हेराफेरी का मामला सामने आया है। तीन आरोपियों ने 30 लाख 63 हजार 515 रुपये की घड़ियां बदलकर नकली वॉच की डिलीवरी की है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
अमेजन कंपनी के पार्सल से 30 लाख रुपये से अधिक की एपल वॉच बदलने की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नसरुल्लागंज में अमेजन के पार्सल बांटने वाली कंपनी मैनेजर नरेंद्र राठौर, हरीश विश्वकर्मा और दिलीप राठौर द्वारा यह कांड करने की बात सामने आई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला कायम कर लिया है।
जिले के भैरूंदा ब्लॉक स्थित इंदौर रोड पर संचालित देल्हिवेरी लिमिटेड लॉजिस्टिक कंपनी के ब्रांच मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर व डिलीवरी बॉय के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन एप के माध्यम से आए एपल कंपनी की जीपीएस स्मार्ट वॉच के 20 पार्सलों में हेराफेरी की। 30 लाख 63 हजार 515 रुपये की घड़ियां बदलकर नकली वॉच की डिलीवरी की है। इस मामले में देल्हिवेरी लिमिटेड लॉजिस्टिक कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने रिर्पोट दर्ज कराई है।
कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने भैरूंदा पुलिस को बताया कि मई माह में अमेज़न कंपनी से ई-मेल आया कि कंपनी द्वारा भेजे जा रहे पार्सलों के साथ हेराफेरी कर असली प्रोडेक्ट की जगह नकली प्रोडेक्ट का पार्सल हमें रिटर्न किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार अमेजन से एपल कंपनी की महंगी वॉच मंगाई जाती थी, जिसे इन डिलीवरी करने वालों द्वारा पैकेट में बदल दिया जाता था। नकली होने से एपल वॉच रिटर्न हो जाती थी। इन तीनों ने मिलकर करीब 30 लाख से अधिक की घड़ियां बदल दीं।
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इस तरह पकड़ी धोखाधड़ी
सूचना प्राप्त होने के बाद कंपनी के अधिकारी ने जब 29 मई को भैरूंदा देल्हिवेरी ब्रांच का दौरा किया। इस दौरान ब्रांच में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चैक किए तो पाया कि फरवरी से मई माह के बीच सेंटर मैनेजर नरेन्द्र राठौर, असिस्टेंट मैनेजर हरीश विश्वकर्मा व डिलीवरी बॉय दिलीप राठौर जो कि ऑफिस खुलने से पहले ही ऑफिस के सेंटर से पार्सल को ले जाते और कुछ समय बाद उसी पार्सल को वापस रखते हुए दिखाई दिए। ये तीनों यही पार्सल कस्टमर के ऑर्डर के कैंसिलेशन के आधार पर वापस करते थे, इस संबंध में जब पूछताछ में पाया कि तीनों की मिलीभगत कर षड्यंत्र पूर्वक इस काम को लंबे समय से अंजाम दिया जा रहा था। बताया कि एक से दो घंटे बाद उसी पार्सल को वापस सेंटर में लाकर रख देते थे। ब्रांच के दौरे के दौरान मैनेजर छुट्टी पर थे और जब उनका मोबाइल लगाया तो वह बंद पाया गया। उसके बाद से लेकर आज तक वह छुट्टी से वापस नहीं लौटे। एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि देल्हिवेरी लिमिटेड लॉजिस्टिक कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।
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जिले के भैरूंदा ब्लॉक स्थित इंदौर रोड पर संचालित देल्हिवेरी लिमिटेड लॉजिस्टिक कंपनी के ब्रांच मैनेजर, असिस्टेंट मैनेजर व डिलीवरी बॉय के खिलाफ पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि इन्होंने ऑनलाइन शॉपिंग कंपनी अमेजन एप के माध्यम से आए एपल कंपनी की जीपीएस स्मार्ट वॉच के 20 पार्सलों में हेराफेरी की। 30 लाख 63 हजार 515 रुपये की घड़ियां बदलकर नकली वॉच की डिलीवरी की है। इस मामले में देल्हिवेरी लिमिटेड लॉजिस्टिक कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने रिर्पोट दर्ज कराई है।
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कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर ने भैरूंदा पुलिस को बताया कि मई माह में अमेज़न कंपनी से ई-मेल आया कि कंपनी द्वारा भेजे जा रहे पार्सलों के साथ हेराफेरी कर असली प्रोडेक्ट की जगह नकली प्रोडेक्ट का पार्सल हमें रिटर्न किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार अमेजन से एपल कंपनी की महंगी वॉच मंगाई जाती थी, जिसे इन डिलीवरी करने वालों द्वारा पैकेट में बदल दिया जाता था। नकली होने से एपल वॉच रिटर्न हो जाती थी। इन तीनों ने मिलकर करीब 30 लाख से अधिक की घड़ियां बदल दीं।
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इस तरह पकड़ी धोखाधड़ी
सूचना प्राप्त होने के बाद कंपनी के अधिकारी ने जब 29 मई को भैरूंदा देल्हिवेरी ब्रांच का दौरा किया। इस दौरान ब्रांच में लगे सीसीटीवी कैमरे के फुटेज चैक किए तो पाया कि फरवरी से मई माह के बीच सेंटर मैनेजर नरेन्द्र राठौर, असिस्टेंट मैनेजर हरीश विश्वकर्मा व डिलीवरी बॉय दिलीप राठौर जो कि ऑफिस खुलने से पहले ही ऑफिस के सेंटर से पार्सल को ले जाते और कुछ समय बाद उसी पार्सल को वापस रखते हुए दिखाई दिए। ये तीनों यही पार्सल कस्टमर के ऑर्डर के कैंसिलेशन के आधार पर वापस करते थे, इस संबंध में जब पूछताछ में पाया कि तीनों की मिलीभगत कर षड्यंत्र पूर्वक इस काम को लंबे समय से अंजाम दिया जा रहा था। बताया कि एक से दो घंटे बाद उसी पार्सल को वापस सेंटर में लाकर रख देते थे। ब्रांच के दौरे के दौरान मैनेजर छुट्टी पर थे और जब उनका मोबाइल लगाया तो वह बंद पाया गया। उसके बाद से लेकर आज तक वह छुट्टी से वापस नहीं लौटे। एसडीओपी आकाश अमलकर ने बताया कि देल्हिवेरी लिमिटेड लॉजिस्टिक कंपनी के सिक्योरिटी ऑफिसर की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। आरोपियों की तलाश जारी है।
