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MP News: इलाज नहीं मिलने से तोड़ा मासूम ने दम, परिजनों का आरोप- समय पर नहीं आए डॉक्टर
Mon, 04 Sep 2023 10:42 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 04 Sep 2023 10:42 PM IST
सार
सीहोर के ग्राम लाड़कुई में इलाज नहीं मि्लने से बच्ची की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों के आरोप हैं कि वे बच्ची को बीमार हालत में लेकर बैठे रहे, पर डॉक्टर नहीं पहुंचे। आखिरकार बच्ची की मौत हो गई। वहीं अस्पताल के जिम्मेदारों का कहना है कि परिजन बच्ची को मृत हालत में ही लेकर आए थे।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
सीहोर जिला मुख्यालय के दूरस्थ ग्राम लाड़कुई में एक मासूम ने दम तोड़ दिया है। परिजनों ने खुलकर आरोप लगाया है कि डॉक्टर समय पर नहीं आए, जिसके कारण उपचार नहीं मिला, जिससे उनकी खुशियां उजड़ गई हैं। आए दिन चर्चा में रहने वाला सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाड़कुई एक बार फिर अनियमितताओं के आरोप झेल रहा है।
जानकारी के अनुसार परिजन बबिता अतर ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे बालिका को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाड़कुई आए थे। जहां नर्स ने बताया कि कुछ समय में डॉक्टर आ जाएंगे। आप इंतजार करो, वहीं इंतजार कितना लंबा हो गया कि मासूम की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि बालिका की तबीयत खराब थी। उसकी सांस चल रही थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन देखने वाली बात यह है कि वहां पर पदस्थ नर्सों द्वारा भी नवजात का इलाज नहीं किया गया और मात्र आश्वासन दिया कि कुछ देर में डॉक्टर आ जाएंगे।
बताते हैं कि ओपीडी खुलने का समय 9:30 का है, लेकिन यहां पदस्थ डॉक्टर कभी भी समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार उनकी शिकायत की गई। मामले में सीएमएचओ डॉक्टर सुधीर डेहरिया का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए वह ग्राम लाड़कुई पहुंचे हैं। उन्हें जानकारी मिली है कि बच्चे को उसके परिजन मृत अवस्था में ही अस्पताल लाए थे।
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जानकारी के अनुसार परिजन बबिता अतर ने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे बालिका को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाड़कुई आए थे। जहां नर्स ने बताया कि कुछ समय में डॉक्टर आ जाएंगे। आप इंतजार करो, वहीं इंतजार कितना लंबा हो गया कि मासूम की जान चली गई। परिजनों का आरोप है कि बालिका की तबीयत खराब थी। उसकी सांस चल रही थी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे लेकिन देखने वाली बात यह है कि वहां पर पदस्थ नर्सों द्वारा भी नवजात का इलाज नहीं किया गया और मात्र आश्वासन दिया कि कुछ देर में डॉक्टर आ जाएंगे।
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बताते हैं कि ओपीडी खुलने का समय 9:30 का है, लेकिन यहां पदस्थ डॉक्टर कभी भी समय पर स्वास्थ्य केंद्र नहीं पहुंचते हैं। इसको लेकर ग्रामीणों द्वारा कई बार उनकी शिकायत की गई। मामले में सीएमएचओ डॉक्टर सुधीर डेहरिया का कहना है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए वह ग्राम लाड़कुई पहुंचे हैं। उन्हें जानकारी मिली है कि बच्चे को उसके परिजन मृत अवस्था में ही अस्पताल लाए थे।
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