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कुबेरेश्वरधाम: 16 अगस्त से निकलेगी कावड़यात्रा, तैयारियों के लिए ग्रामीणों की बैठक, 300 स्थानों पर होगा स्वागत
Sat, 22 Jul 2023 05:08 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sat, 22 Jul 2023 05:08 PM IST
सार
16 अगस्त को सीवन नदी के तट से कुबेरेश्वर महादेव मंदिर तक एक भव्य कावड़ यात्रा निकाली जाएगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा भी शामिल होंगे। यात्रा का 300 स्थानों पर स्वागत किया जाएगा।
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कावड़ यात्रा की तैयारियों को लेकर ग्रामीणों ने बैठक की।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
चितावलिया के तत्वाधान में सावन और अधिक मास महोत्सव के पावन अवसर पर कावड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। यात्रा आगामी 16 अगस्त को शहर की जीवनदायनी सीवन नदी के तट से अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा के मुख्य अतिथ्यि में प्रमुख मार्गों से होते हुए जिला मुख्यालय के कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में पहुंचेगी। तैयारियों के लिए बैठक की गई।
बताया गया कि यात्रा में आधा दर्जन से अधिक झांकियां, 100 से अधिक ढोल, डीजे, ढोल-ताशे के अलावा उज्जैन से आई डमरू पार्टी, इटारसी के ढोल के अलावा भगवान शिव परिवार का रूप धारण किए हुए कलाकार रहेंगे। करीब 11 किलोमीटर तक निकाली जाने वाली इस कावड़ यात्रा का 300 से अधिक स्थानों पर सामाजिक संगठनों सहित अन्य द्वारा स्वागत किया जाएगा। महिलाएं केशरिया, पीली रंग की साड़ियों में तो पुरुष भगवा रंग के गमछे में रहेंगे। कार्यकर्ताओं समिति की टी-शर्ट में रहेंगे। कार्यक्रम का प्रसारण ऑनलाइन किया जाएगा। इसको लेकर धाम पर मंदिर के व्यवस्थापक समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा के सान्निध्य में चितावलिया जाट, चितावलिया हेमा, चितावलिया लाखा, भटोनी, दीदाखेड़ी, नापला खेड़ी और गुडभेला सहित बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीणों के सरपंच और समाजसेवियों ने भाग लिया।
समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि हर वर्ष सावन के महीने में महादेव के भक्त नंगे पैर कावड़ यात्रा निकालते हैं, जिसमें जल लेकर शिवालय जाते हैं और वहां पर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाता है। यह एक तीर्थ यात्रा के समान होती है, जो सावन के पूरे महीने चलती है। कावड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए निकाली जाती है। कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर रोज बड़ी संख्या में कांवड़ लेकर कावड़ यात्री आ रहे है और पूरी आस्था और उत्साह के साथ यहां पर भगवान का जलाभिषेक का क्रम जारी है। आगामी 16 अगस्त को निकाली जाने वाली यात्रा में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों के अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के सौ से अधिक ढोल-बाजे, भगवान शंकर के डमरू और डीजे आदि के साथ पूरे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को भगवा रंग से सराबोर कर दिया जाएगा। आयोजन को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा स्वयं शामिल रहेंगे। इस मौके पर डीजे, ढोल-ताशे और भोलेनाथ की झाकियों के साथ कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा की तैयारियों को लेकर आधा दर्जन से अधिक ग्रामों के ग्रामीण युद्ध स्तर पर तैयार है।
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बताया गया कि यात्रा में आधा दर्जन से अधिक झांकियां, 100 से अधिक ढोल, डीजे, ढोल-ताशे के अलावा उज्जैन से आई डमरू पार्टी, इटारसी के ढोल के अलावा भगवान शिव परिवार का रूप धारण किए हुए कलाकार रहेंगे। करीब 11 किलोमीटर तक निकाली जाने वाली इस कावड़ यात्रा का 300 से अधिक स्थानों पर सामाजिक संगठनों सहित अन्य द्वारा स्वागत किया जाएगा। महिलाएं केशरिया, पीली रंग की साड़ियों में तो पुरुष भगवा रंग के गमछे में रहेंगे। कार्यकर्ताओं समिति की टी-शर्ट में रहेंगे। कार्यक्रम का प्रसारण ऑनलाइन किया जाएगा। इसको लेकर धाम पर मंदिर के व्यवस्थापक समीर शुक्ला, पंडित विनय मिश्रा के सान्निध्य में चितावलिया जाट, चितावलिया हेमा, चितावलिया लाखा, भटोनी, दीदाखेड़ी, नापला खेड़ी और गुडभेला सहित बड़ी संख्या में आस-पास के ग्रामीणों के सरपंच और समाजसेवियों ने भाग लिया।
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समिति के मीडिया प्रभारी प्रियांशु दीक्षित ने बताया कि हर वर्ष सावन के महीने में महादेव के भक्त नंगे पैर कावड़ यात्रा निकालते हैं, जिसमें जल लेकर शिवालय जाते हैं और वहां पर भोलेनाथ का जलाभिषेक किया जाता है। यह एक तीर्थ यात्रा के समान होती है, जो सावन के पूरे महीने चलती है। कावड़ यात्रा भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए निकाली जाती है। कुबेरेश्वर महादेव मंदिर में हर रोज बड़ी संख्या में कांवड़ लेकर कावड़ यात्री आ रहे है और पूरी आस्था और उत्साह के साथ यहां पर भगवान का जलाभिषेक का क्रम जारी है। आगामी 16 अगस्त को निकाली जाने वाली यात्रा में आधा दर्जन से अधिक ग्रामीणों के अलावा हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के सौ से अधिक ढोल-बाजे, भगवान शंकर के डमरू और डीजे आदि के साथ पूरे शहरी और ग्रामीण क्षेत्र को भगवा रंग से सराबोर कर दिया जाएगा। आयोजन को लेकर ग्रामीण क्षेत्र में उत्साह का वातावरण है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भागवत भूषण पंडित प्रदीप मिश्रा स्वयं शामिल रहेंगे। इस मौके पर डीजे, ढोल-ताशे और भोलेनाथ की झाकियों के साथ कांवड़ यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा की तैयारियों को लेकर आधा दर्जन से अधिक ग्रामों के ग्रामीण युद्ध स्तर पर तैयार है।
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