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सुन लो सरकार: महिलाओं ने कहा- दलित होने के नाते बड़ी जाति के लोग नलकूपों से पानी नहीं भरने दे रहे
Tue, 19 Mar 2024 07:32 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अरविंद कुमार
Updated Tue, 19 Mar 2024 07:32 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के सीहोर जिले में स्थित एक गांव की दलित महिलाओं को नलकूपों से पानी नहीं भरने दिया जा रहा है। परेशान महिलाएं मंगलवार को कलेक्ट्रेट ऑफिस पहुंचीं और अपनी समस्या से डिप्टी कलेक्टर को अवगत कराया।
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डिप्टी कलेक्टर से मिली महिलाएं
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सीहोर जिले में पीने के पानी के संकट से जूझ रही मुस्करा गांव की हैरान परेशान महिलाएं मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंची। महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत को शिकायती पत्र दिया। दलित समाज की महिलाओं ने गांव के उच्च जाति के लोगों पर निजी नलकूपों से पीने का पानी नहीं भरने देने का आरोप लगाया। महिलाओं के द्वारा गांव के बाल्मिकी, मालवीय और कुम्हार मोहल्ले में हैंडपंप खनन कराने की मांग जिला प्रशासन से की।
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मुस्करा ग्राम पंचायत से पहुंची महिलाओं ने डिप्टी कलेक्टर वंदना राजपूत को दिए शिकायती पत्र में बताया कि सरपंच सचिव पानी की समस्या के समाधान के लिए कुछ भी करने को तैयार नहीं हैं। गांव के बाल्मिकी मोहल्ला, मालवीय मोहल्ला और कुम्हार मोहल्ले में मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले 108 परिवार निवास करते हैं। पानी की टंकी का निर्माण कर दिया गया है, लेकिन अब तक घरों तक नलों के माध्यम से पानी नहीं पहुंचा है।
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गांव के बड़े लोग दलित होने के कारण अपने निजी नलकूपों से पानी नहीं भरने देते हैं। पीने का पानी दूरदराज से लाना पड़ रहा है। मवेशी को भी पानी नहीं पिला पा रहे हैं। सुलोचना, नंदी, सरिता, सारा, धनकुवर, ममता, राधाबाई, श्याम, कांताबाई, राजकुमार, गौरा, सुमित्रा और रीना सहित अन्य महिलाओं ने पानी की समस्या के निराकरण कराने की मांग की है।
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