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Budhni By Election: शिवराज के बुधनी छोड़ने से भाजपा को नुकसान, 2023 में 16 बूथ हारने वाली BJP अब इतने पर हारी

Fri, 29 Nov 2024 03:49 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ,सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ,सीहोर Published by: दिनेश शर्मा Updated Fri, 29 Nov 2024 03:49 PM IST
सार

Budhni Election: बुधनी में उपचुनाव के परिणाम सामने आ गए हैं, लेकिन भले भाजपा ने सीट जीत ली हो, पर परिणामों को गौर से देखें तो भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा है। अब ये नुकसान शिवराज के जाने से है या इसके कुछ और ही कारण हैं... पढ़े ये रिपोर्ट

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Budhni By Election: Shivraj leaving Budhni caused loss to BJP
बुधनी उपचुनाव में भाजपा का प्रदर्शन कमजोर हुआ है। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लोकसभा के छह और विधानसभा चुनाव के 12 माह के अंतराल में ही बुधनी विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं का अचानक ही हृदय परिवर्तन देखने को मिला। दोनों चुनावों में भाजपा का मत प्रतिशत तेजी के साथ बढ़ा था। लेकिन पिछले 13 नवंबर हुए चुनाव में अचानक भाजपा का ग्राफ तेजी के साथ गिरा और दोनों ही दलों के बीच मात्र नौ फीसदी का अंतर ही रह गया। 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के तौर पर चुनाव मैदान में शिवराज सिंह चौहान को मतदाताओं ने 70 प्रतिशत के लगभग मत देकर रिकॉर्ड इतिहास बनाया था। लेकिन इस चुनाव में जहां भाजपा को 52 तो कांग्रेस को 43 प्रतिशत के हिसाब से मतदाताओं ने अपना सहयोग दिया। 
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23 नवंबर 2024 को हुई मतगणना के बाद विधानसभा के उपचुनाव की स्थिति साफ हुई। इसमें 20 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद मुकाबला कशमकश का देखने को मिला। हालांकि इस मुकाबले को भाजपा प्रत्याशी रामाकांत भार्गव ने जीत लिया, लेकिन यह चुनाव दोनों ही दलों के लिए सबक छोड़कर चला गया। कांग्रेस को इस चुनाव में जहां उम्मीद से अधिक मत मिले तो भाजपा का वोट प्रतिशत कम होना पार्टी के लिए चिंता का विषय बन गया। यदि हम पिछले दो विधानसभा चुनावों की जीत हार के बारे में गणना करें तो इस चुनाव में कांग्रेस ने भले ही जनता के बीच चुनाव हार लिया हो, लेकिन मत प्रतिशत के मामले में इजाफा करते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के लिए संजीवनी का संचार हुआ है। 
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भाजपा का प्रदर्शन
2018 के आम चुनाव में भाजपा को 43 पोलिंग बूथ पर हार का सामना करना पड़ा था। 2023 में यह आंकड़ा घटकर 16 पोलिंग पर आ गया था। पिछले दिनों संपन्न हुए उपचुनाव में भाजपा को संपूर्ण विधानसभा क्षेत्र की 136 पोलिंग पर शिकस्त का सामना करना पड़ा है। मात्र 16 से 136 के आंकड़े पर कांग्रेस का पहुंचना कहीं न कहीं भारतीय जनता पार्टी संगठन के लिए आत्म मंथन का विषय बन गया है।

98 पोलिंग बूथ पर रही कश्मकश
विधानसभा उपचुनाव में कुल 98 पोलिंग बूथ ऐसे रहे जहां पर पूरे चुनाव के दौरान अत्यधिक कशमकश देखने को मिली। यह पोलिंग बूथ वह है जहां दोनों ही दलों की जीत हार का अंतर 50 मतों से भी कम का था। भाजपा के ऐसे पोलिंग बूथ 50 थे तो कांग्रेस के पास 48 बूथ। जहां जीत हार का अंतर 2 से लेकर 49 मतों तक रहा।

विधानसभा में किरार मतों पर भारी पड़े बारेला समाज के वोट
विधानसभा चुनाव में इस बार भाजपा की जीत में किंग मेकर की भूमिका निभाने वाले बारेला समाज के वोट किरार समाज पर भारी पड़ते हुए दिखाई दिए। कांग्रेस की ओर से राजकुमार पटेल किरार समाज से आते हैं। इस वर्ग का लगभग 23000 वोट विधानसभा में मौजूद है। संभावना व्यक्त की जा रही थी कि चुनाव में किरार वोट बैंक इस बार भी भारी रहेगा। लेकिन राजकुमार पटेल को सामाजिक वोट का सपोर्ट पूरा नहीं होने से बारेला समाज के वोट इस चुनाव में उन पर भारी नजर आए। लगभग 12000 से भी अधिक मत 38 पोलिंग बूथों पर भाजपा प्रत्याशी को मिले, जो उनकी जीत का आधार बने। इसके अतिरिक्त 16 पोलिंग बूथ ऐसे थे जहां पर बारेला समाज के 4000 से भी अधिक वोट भाजपा प्रत्याशी को मिले। कुल मिलाकर 16000 से भी अधिक वोट भाजपा के खाते में गए। वहीं किरार समाज के वोट में भाजपा की सेंधमारी होने से राजकुमार पटेल अपने गृह क्षेत्र से बड़ी बढ़त लेकर नहीं आ सके।

50 से भी कम मतों से जीतने वाले भाजपा के पोलिंग
भाजपा को उपचुनाव में 50 पोलिंग बूथ पर 50 से भी कम मतों से विजय हासिल हुई है। कई मतदान केंद्र तो ऐसे हैं जहां पर 2, 7, 9 और 10 मतों से भाजपा प्रत्याशी को विजय मिली हैं। जिसमें डोबा, महागांव मतदान केंद्र पर 2 मतों से ही विजय मिल सकी। इसमें नारायणपुर से 13 मत, ग्वाडिया 6, जोशीपुरा 10, बुधनी के पांच पोलिंग पर क्रमश: 30, 49, 06, 18, 35, बांया 32, ओडिया 32, नीनोर 10, दीपाखेड़ा 29, पान गुराडिया 31, नीलकछार 21, पथौडा 03, मुरार 31, जानना 47 , नहलाई 15, नयागांव 41, रेहटी के 2 बूथ पर 11, 29 , खेरी 23,सगोनिया 45, खनपुरा 15, तजपुरा 19, चिचलाय कला 21, सोयत के 2 बूथ पर 7-7, वासनिया खुर्द 10, दिगवाड 27, इमलाडा 40, नंदगांव 32, अकावलिया 30, खात्याखेडी 42, पलासपानी 08, मरियाडो 06, बीजला 42, भैरुंदा के दो पोलिंग 23-38, मंडी 12, सातदेव 34, बोरखेडा कला 22, महागांव कदीम 02, इटारसी 09, डोबा 02, सुकरवास 22, कुमनताल 30, श्यामपुर 43, घुटवानी से 22 मतों से विजय मिली है।

50 से भी कम मतों से जीतने वाले कांग्रेस के पोलिंग
कांग्रेस को उपचुनाव में 48 पोलिंग बूथ पर 50 से भी कम मतों से विजय हासिल हुई है। कई मतदान केंद्र तो ऐसे हैं जहां पर 1, 2, 5, 7 और 11 मतों से विजय मिली हैं। जिसमें तीन मतदान केंद्रो पर एक तो एक मतदान केंद्र पर दो मतों से कांग्रेस प्रत्याशी विजय हुए। इसमें बम्होरी से 47, नानभेट 21, जनमासा 27, डोबी 04, नीमटोन 09, जवारखेड़ा 13, बुधनी के तीन मतदान केंद्रों पर 13, 22, 11, बांया 48, पांगरा 03, सलकनपुर 01, मोगरा 42, मटठागांव 32, भोमदा 35, देलावाड़ी 12, चकल्दी 33, हारमऊ 15, चिचलाय कला 28, इटावा जदीद 37, तिलाडिया 01, राला 26, जोगला 12, नेहरुगांव 26, ढांढिया 11, खनपुरा 46, खारी 17, गुलरपुरा 41, चांदाग्रहण 35, भैरुंदा के तीन बूथ पर 14, 34, 38, अतरालिया 07, हाल्याखेडी 41, नयागांव 16, बोरखेडा 18, सेमलपानी कदीम 45, सालारोड 09, खरसानिया 01, झिरन्या 26, निमोटा के दो  बूथ  19,16 , गोरखपुर 05, नारायणपुरा 02, इटारसी 21, वासुदेव 24, सुकरवास 3 ,नयापुरा 22 मतों से विजय हुए।

एक पोलिंग बूथ पर हुआ टाई, तीन पर मिली एक मतों से विजय
चार पोलिंग बूथ पर परिणाम चौंकाने वाले रहे। भादाकुई के पोलिंग बूथ 241 पर मामला टाई रहा। यहां पर दोनों ही दलों को बराबर-बराबर 241 वोट मिले। 497 मतदाताओं द्वारा यहां पर मतदान किया गया था। 11 वोट यहां पर अन्य के खाते में गए। इसके अतिरिक्त तीन पोलिंग बूथ ऐसे थे जहां पर कांग्रेस प्रत्याशी को एक-एक मतों से विजय मिली। जिसमें सलकनपुर, तिलडिया और खरसानिया शामिल है।


सलकनपुर में देवीलोक का निर्माण, लेकिन बूथ हारी भाजपा
देवी धाम सलकनपुर में 200 करोड़ रुपए से भी अधिक की लागत से देवी लोक का निर्माण कार्य चल रहा है। लेकिन उपचुनाव में ग्राम पंचायत सलकनपुर के मतदाताओं ने भारतीय जनता पार्टी को एक मतों से हरा दिया। करोड़ों रुपए के निर्माण कार्य होने के बावजूद भी यहां पर ऐसी परिस्थिति क्यों निर्मित हुई। जबकि देवी धाम का निर्माण होने के बाद यहां के लोगों को रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और उनकी आय में भी वृद्धि होगी। भाजपा के लिए सलकनपुर पोलिंग भी चिंता का विषय हैं।

विकास की आस में बसंतपुर के मतदाताओं ने जताया भाजपा पर भरोसा
विधानसभा का बसंतपुर गांव जहां पर बारेला, बंजारा, गोंड व अन्य समाज के मतदाता निवास करते हैं। सांसद रहते रमाकांत भार्गव द्वारा इस गांव को गोद लिया गया था। लेकिन अपने कार्यकाल के दौरान वह एक भी बार गांव में नहीं पहुंचे। जिसके चलते बीते वर्ष विरोध के स्वर भी उठे थे लेकिन इसके बावजूद भी भाजपा प्रत्याशी रहे रमाकांत भार्गव को यहां के मतदाताओं ने भरपूर वोट दिए और इस पोलिंग को 349 मतों से विजय बनाया। ग्रामीणों के द्वारा विकास की आस में भाजपा पर भरोसा जताते हुए रमाकांत भार्गव को 540 तो राजकुमार पटेल को 191 वोट दिए। यहां पर कुल 796 मतदाताओं के द्वारा मतदान किया गया था।
 
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