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सीहोर: प्लायवुड दुकान में युवक की हत्या के आरोपी को सत्र न्यायालय ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा
Tue, 18 Jan 2022 12:55 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Tue, 18 Jan 2022 12:55 PM IST
सार
आष्टा में प्लायवुड दुकान में युवक की हत्या के आरोपी को सत्र न्यायालय ने आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। आरोपी ने 26 मई 2019 को साथ काम करने वाले दुकान संचालक के भांजे की हत्या कर दी थी।
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हत्या के आरोपी को अजीवन कारावास की सजा (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सीहोर के आष्टा में युवक की हत्या के आरोपी को सत्र न्यायाधीश ने आजीवन कारावास और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दरअसल आष्टा के कन्नौद रोड पर स्थित प्लायवुड की दुकान में 26 मई 2019 को दुकान संचालक के भांजे की लाश मिली थी। मृतक अपने मामा की दुकान में ही काम किया करता था। जिसकी हत्या दुकान में ही साथ काम करने वाले जितेंद्र ने की थी और हत्या के बाद लाश को दुकान की दूसरी मंजिल में छिपा दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए सभी पक्षों को सुनने का बाद सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार चौबे ने दोषी जितेंद्र पिता मनोहर सैंधव को अजीवन कारावास और 5 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर के अनुसार फरियादी दुकान संचालक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके अनुसार प्लायवुड की दुकान में संचालक का भांजा मृतक विपिन और आरोपी जितेंद्र साथ काम करते थे। हत्या वाले दिन दुकान संचालक और उसका भाई दोनों दुकान नहीं आए थे। दुकान मृतक और आरोपी संभाल रहे थे। दोपहर में आरोपी ने संचालक को फोन कर जानकारी दी की एक ग्राहक प्लायवुड खरीदने आया है। उसके कुछ देर बाद संचालक के भांजे विपिन ने आरोपी के फोन से अपने मामा को फोन कर दुकान बंद करने के बारे में पूछा जिस पर दुकान संचालक ने दुकान बंद करने की इजाजत दे दी। दुकान बंद करने के बाद मृतक के मामा ने उसे फोन किया, लेकिन फोन बंद आया, जिसके बाद शाम 7.30 बजे संचालक अपने भाई के साथ दुकान पहुंचा, लेकिन दुकान बंद मिली, तो वो आसपास में मृतक की खोजबीन करने चले गए। बहुत तलाश करने के बाद भी मृतक की जानकारी नहीं मिली।
कुछ दिन बाद प्लायवुड संचालक को पड़ोस के दुकानदार ने ऊपर के मंजिल से बदबू आने की शिकायत की, जब संचालक और दुकान में मौजूद अन्य लोगों ने ऊपर जाकर देखा तो वहां खून बिखरा था। वहीं मृतक की लाश एक प्लास्टिक की बोरी में बंद थी। मृतक के मुंह पर पट्टी बंधी थी, उसके हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे।
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फरियादी दुकान संचालक की रिपोर्ट पर आष्टा थाना ने प्रकरण विवेचना में लिया था। जिस पर सत्र न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और जितेन्द्र पिता मनोहर को धारा 302 भादवि में अजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदण्ड, धारा 201 भादवि में 7 साल की जेल और 1000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।
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अतिरिक्त जिला अभियोजन अधिकारी देवेन्द्र सिंह ठाकुर के अनुसार फरियादी दुकान संचालक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसके अनुसार प्लायवुड की दुकान में संचालक का भांजा मृतक विपिन और आरोपी जितेंद्र साथ काम करते थे। हत्या वाले दिन दुकान संचालक और उसका भाई दोनों दुकान नहीं आए थे। दुकान मृतक और आरोपी संभाल रहे थे। दोपहर में आरोपी ने संचालक को फोन कर जानकारी दी की एक ग्राहक प्लायवुड खरीदने आया है। उसके कुछ देर बाद संचालक के भांजे विपिन ने आरोपी के फोन से अपने मामा को फोन कर दुकान बंद करने के बारे में पूछा जिस पर दुकान संचालक ने दुकान बंद करने की इजाजत दे दी। दुकान बंद करने के बाद मृतक के मामा ने उसे फोन किया, लेकिन फोन बंद आया, जिसके बाद शाम 7.30 बजे संचालक अपने भाई के साथ दुकान पहुंचा, लेकिन दुकान बंद मिली, तो वो आसपास में मृतक की खोजबीन करने चले गए। बहुत तलाश करने के बाद भी मृतक की जानकारी नहीं मिली।
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कुछ दिन बाद प्लायवुड संचालक को पड़ोस के दुकानदार ने ऊपर के मंजिल से बदबू आने की शिकायत की, जब संचालक और दुकान में मौजूद अन्य लोगों ने ऊपर जाकर देखा तो वहां खून बिखरा था। वहीं मृतक की लाश एक प्लास्टिक की बोरी में बंद थी। मृतक के मुंह पर पट्टी बंधी थी, उसके हाथ और पैर रस्सी से बंधे थे।
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फरियादी दुकान संचालक की रिपोर्ट पर आष्टा थाना ने प्रकरण विवेचना में लिया था। जिस पर सत्र न्यायालय ने सुनवाई करते हुए सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी पाया और जितेन्द्र पिता मनोहर को धारा 302 भादवि में अजीवन कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदण्ड, धारा 201 भादवि में 7 साल की जेल और 1000 रुपये अर्थदण्ड से दण्डित किया।
