फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   SCST Act : bjp mp from agar caught forcing shop owners to close shops during bharat band

SC-ST Act: भाजपा विधायक ने बंद करवाई दुकानें, फिर बोले- ऐसा नहीं करता तो विरोधी फायदा उठा लेते

Tue, 03 Apr 2018 12:01 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Tue, 03 Apr 2018 12:01 PM IST
विज्ञापन
SCST Act : bjp mp from agar caught forcing shop owners to close shops during bharat band
- फोटो : ANI

सुप्रीम कोर्ट द्वारा एससी-एसटी एक्ट पर सुनाए गए फैसले के विरोध में सोमवार, 2 अप्रैल को देशव्यापी बंद का आयोजन किया था। इस दौरान हुई हिंसा में एक दर्जन लोगों की मौत हो गई और देशभर में सड़क तथा रेलमार्ग बाधित रहा। हिंसक बंद में सबसे ज्यादा मौतें मध्यप्रदेश में हुईं। वहीं समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा जारी एक तस्वीर में मध्यप्रदेश की आगर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक गोपाल परमार क्षेत्र में दुकानें बंद करवाते हुए दिखाई दे रहे थे।

विज्ञापन


आगर सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। जब गोपाल परमार से इस बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यदि वह खुद उन दुकानों को बंद नहीं करवाते तो राजनीतिक विरोधी इसका फायदा उठा सकते थे।
विज्ञापन


परमार ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले से नाराज एससी-एसटी समुदाय के लोग आगजनी, हिंसा और तोड़फोड़ न करें, इसलिए वह खुद बाजार में मौजूद थे। उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र के ज्यादातर लोग अनुसूचित जाति से आते हैं और वह सभी बाजार बंद कराने पर आमादा थे। परमार का दावा है कि पूरे मध्यप्रदेश में कुछ भी हुआ हो लेकिन आगर में प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

 

दोपहर 2 बजे होगी सुनवाई

SCST Act : bjp mp from agar caught forcing shop owners to close shops during bharat band

इतना ही नहीं, जिस समय गोपाल दुकानें बंद करवा रहे थे, उसी समय किसी ने उनका वीडियो बना लिया। बाद में परमार ने इस बारे में सफाई देते हुए बताया कि जिस दुकान को वे बंद करवा रहे थे परशुराम सेना के सदस्य की थी, और वह उसे बंद नहीं करना चाहता था।

गौरतलब है कि एससी-एसटी एक्ट में हुए बदलाव के बाद दलित समुदाय ने देशव्यापी बंद का आयोजन किया था। बंद की वजह से देशभर में जनजीवन अस्त-व्यस्त रहा। वहीं एक दर्जन लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। हालांकि कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार और कांग्रेस सहित अन्य विरोधी पार्टियों ने याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट तैयार हो गई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed