{"_id":"5be65c32bdec22342b7fa15b","slug":"satta-ka-semifinal-madhya-pradesh-elections-gwalior-issues-what-voters-want","type":"story","status":"publish","title_hn":"सत्ता का सेमीफाइनल: ग्वालियर की जनता मांगे बेरोजगारी और महंगाई से आजादी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सत्ता का सेमीफाइनल: ग्वालियर की जनता मांगे बेरोजगारी और महंगाई से आजादी
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 10 Nov 2018 09:48 AM IST
विज्ञापन
क्या कहती है ग्वालियर की जनता
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन चीजों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा है ग्वालियर। संवाददाता वैभव कुमार ने आम जनता से बात करके यहां का मिजाज टटोलने की कोशिश की। उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है।
टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि ग्वालियर इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है।
ग्वालियर में चाय की चुस्कियों के बहाने जब मौजूदा राजनीतिक चर्चा छिड़ी तो जनता के कई मुद्दे निकलकर सामने आए। एक बुजुर्ग ने कहा कि कारोबार पर असर पड़ने से सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग परेशान है। उनके मुताबिक निचले और ऊपर के तबके पर खास असर नहीं पड़ा है लेकिन मिडिल क्लास की कमर टूट गई है।
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि ज्यादातर चीजें ठीक हैं लेकिन ग्वालियर में अगर सड़कों का हाल सुधर जाए तो बेहतर होगा।
अमर उजाला के खास कार्यक्रम टी वैली प्रायोजित सत्ता का सेमीफाइनल में कुछ लोगों ने बिजली पानी के दुरुस्त होने की बात कहते हुए बेरोजगारी को सबसे बड़ी दिक्कत बताया। कहा कि नोटबंदी के बाद छोटे से लेकर बड़ा कारोबारी तक परेशान है।
विज्ञापन
पवन नाम के एक मजदूर से जब बात की गई तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सीधे शब्दों में नेताओं से मुखातिब होते हुए कहा कि उन्हें एक रुपये किलो का गेहूं-चावल नहीं बल्कि पूरे तौर पर घटती महंगाई चाहिए। उन्होंने बताया कि किस तरह मेहनत मजदूरी के बावजूद वो अपनी दोनों बच्चियों को पढ़ा पाने में नाकाम हैं।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है।
विज्ञापन
टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि ग्वालियर इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है।
ग्वालियर में चाय की चुस्कियों के बहाने जब मौजूदा राजनीतिक चर्चा छिड़ी तो जनता के कई मुद्दे निकलकर सामने आए। एक बुजुर्ग ने कहा कि कारोबार पर असर पड़ने से सबसे ज्यादा मध्यम वर्ग परेशान है। उनके मुताबिक निचले और ऊपर के तबके पर खास असर नहीं पड़ा है लेकिन मिडिल क्लास की कमर टूट गई है।
विज्ञापन
एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि ज्यादातर चीजें ठीक हैं लेकिन ग्वालियर में अगर सड़कों का हाल सुधर जाए तो बेहतर होगा।
अमर उजाला के खास कार्यक्रम टी वैली प्रायोजित सत्ता का सेमीफाइनल में कुछ लोगों ने बिजली पानी के दुरुस्त होने की बात कहते हुए बेरोजगारी को सबसे बड़ी दिक्कत बताया। कहा कि नोटबंदी के बाद छोटे से लेकर बड़ा कारोबारी तक परेशान है।
विज्ञापन
पवन नाम के एक मजदूर से जब बात की गई तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सीधे शब्दों में नेताओं से मुखातिब होते हुए कहा कि उन्हें एक रुपये किलो का गेहूं-चावल नहीं बल्कि पूरे तौर पर घटती महंगाई चाहिए। उन्होंने बताया कि किस तरह मेहनत मजदूरी के बावजूद वो अपनी दोनों बच्चियों को पढ़ा पाने में नाकाम हैं।
मध्यप्रदेश में 28 नवंबर को मतदान होना है।
