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Satna: पॉक्सो एक्ट के आजीवन कैदी की जेल में मौत, भेजा गया अस्पताल, मगर नहीं बची जान
Fri, 06 Sep 2024 11:47 AM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 06 Sep 2024 11:47 AM IST
सार
दो साल की मासूम से दुष्कर्म में आजीवन सजा काट रहे कैदी की जेल में मौत हो गई। उसकी तबीयत बिगड़ने पर उसे अस्पताल लाया गया था, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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पुलिस जांच में जुट गई है
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
सतना सेंटर जेल में पॉक्सो एक्ट के अपराध में आजीवन कारावास की सजा भुगत रहे बंदी की जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद हॉस्पिटल ले जाते समय मौत हो गई, जिस पर कोलगवां थाने में मर्ग कायम किया गया है।
जेल प्रशासन की तरफ से कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध तिवारी ने बताया कि शंखू कोल पुत्र दिनेश कोल 31 वर्ष, निवासी बाल्हा, थाना सभापुर, को लगभग डेढ़ साल पहले दो वर्ष की मासूम से दुष्कर्म पर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उक्त प्रकरण में ही युवक को 1 जून 2024 को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। तभी से वह जेल में था।
गुरुवार सुबह पेट में दर्द की शिकायत पर बंदी को केन्द्रीय कारागार के अंदर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर प्राथमिक उपचार से लाभ नहीं हुआ तो पौने 9 बजे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। तब मर्ग कायम करते हुए शव को मरचुरी में रखवा दिया गया है।
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शंखू कोल को अंतिम सांस तक जेल में ही रहने की सजा सुनाई गई थी। उधर मृतक के परिजनों ने पूर्व में किसी तरह की बीमारी नहीं होने और देर से सूचना दिए जाने की बात कही है।
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जेल प्रशासन की तरफ से कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध तिवारी ने बताया कि शंखू कोल पुत्र दिनेश कोल 31 वर्ष, निवासी बाल्हा, थाना सभापुर, को लगभग डेढ़ साल पहले दो वर्ष की मासूम से दुष्कर्म पर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उक्त प्रकरण में ही युवक को 1 जून 2024 को आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया गया। तभी से वह जेल में था।
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गुरुवार सुबह पेट में दर्द की शिकायत पर बंदी को केन्द्रीय कारागार के अंदर स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया, मगर प्राथमिक उपचार से लाभ नहीं हुआ तो पौने 9 बजे जिला चिकित्सालय भेज दिया गया, जहां डॉक्टर ने जांच के पश्चात उसे मृत घोषित कर दिया। तब मर्ग कायम करते हुए शव को मरचुरी में रखवा दिया गया है।
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शंखू कोल को अंतिम सांस तक जेल में ही रहने की सजा सुनाई गई थी। उधर मृतक के परिजनों ने पूर्व में किसी तरह की बीमारी नहीं होने और देर से सूचना दिए जाने की बात कही है।
