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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Union Minister Virendra Kumar inaugurated the 220 year old Rahas fair

Sagar: 220 साल पुराने रहस मेले का केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र ने किया शुभारंभ, कल किसान सम्मेलन में आएंगे CM यादव

Thu, 27 Feb 2025 09:27 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Thu, 27 Feb 2025 09:27 PM IST
सार

मेला समिति के अध्यक्ष दीपू भार्गव ने बताया कि यह मेला भारत के प्राचीन मेलों में शुमार है। मेले के तीनों दिन आयुष्मान कार्ड, संबल कार्ड, आधार कार्ड और कर्मकार मंडल के कार्ड बनाए जाएंगे।

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Union Minister Virendra Kumar inaugurated the 220 year old Rahas fair
रहस मेला

विस्तार

220 साल पहले गढ़ाकोटा के बुंदेला राजा मर्दन सिंह जूदेव ने जिस मेले की शुरुआत की थी, वह आज भी उसी भव्यता और दिव्यता के साथ जारी है। सागर जिले में प्रसिद्ध यह मेला ‘रहस मेला’ के नाम से जाना जाता है। इस साल तीन दिवसीय रहस लोकोत्सव 27 से 1 मार्च तक आयोजित किया जा रहा है, जिसका शुभारंभ गुरुवार, को केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार द्वारा किया गया।
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कल शुक्रवार को मेले में होने वाले किसान सम्मेलन में प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव शामिल होंगे। मुख्यमंत्री बनने के बाद मोहन यादव पहली बार गढ़ाकोटा पहुंच रहे हैं, जिसे लेकर भव्य तैयारियां की जा रही हैं।
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सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा
मेला समिति के अध्यक्ष दीपू भार्गव ने बताया कि यह मेला भारत के प्राचीन मेलों में शुमार है। मेले के तीनों दिन आयुष्मान कार्ड, संबल कार्ड, आधार कार्ड और कर्मकार मंडल के कार्ड बनाए जाएंगे। इसके अलावा सभी प्रकार की पेंशनों की तुरंत स्वीकृति दी जाएगी। गरीबी रेखा में नाम जोड़े जाएंगे। किसानों के खेतों की मिट्टी का परीक्षण कर ‘मृदा परीक्षण कार्ड’ बनाए जाएंगे। नगरपालिका, जनपद और जिला पंचायत की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं के कार्य स्वीकृत किए जाएंगे। रहस मेले के तीनों दिन शाम 6 बजे से मुंबई की आरकेस्ट्रा और डांस ग्रुप द्वारा फिल्मी और विदेशी डांस प्रस्तुतियां होंगी। रात्रि 9 बजे से सुप्रसिद्ध लोक गायक जित्तू खरे और उनकी कलाकार मंडली द्वारा 101 नर्तकियों के साथ बुंदेलखंडी राई नृत्य की भव्य प्रस्तुति होगी।
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इतिहास और उद्देश्य
इतिहासकारों के अनुसार, राजा मर्दन सिंह जूदेव ने 1809 में अपने राज्याभिषेक की वर्षगांठ पर इस मेले की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के साथ-साथ व्यापारिक महत्त्व को बढ़ावा देना था।
 

रहस मेला

 

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