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Sagar News: सागर सेंट्रल जेल मैं कैद बंदी हुआ अस्पताल में भर्ती, परिजनों ने लगाए जेल प्रशासन पर मारपीट के आरोप
Wed, 28 Aug 2024 10:46 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2024 10:46 PM IST
सार
जेल में एक कैदी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसके शरीर पर चोट के निशान है। परिजनों का आरोप है कि उसके साथ जेल में मारपीट हुई है, वहीं जेल प्रबंधन का कहना है कि वह जेल में गिर गया था इस वजह से उसे चोट लगी है।
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सागर जेल मैं मारपीट
विस्तार
सागर के केंद्रीय जेल में 151 के मामले में बंद युवक की अचानक तबीयत बिगड़ गई। उसे बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाए है कि कैदी के साथ जेल के अंदर मारपीट की गई है। जेल प्रबंधन का कहना है कि वह जेल में गिर गया था, जिससे उसे चोट लगी है।
दरअसल, कैंट थाना पुलिस ने शनिवार को शराबखोरी के मामले में देवेंद्र पिता शिवप्रसाद (35) निवासी कैंट कॉलोनी को पकड़ा था। धारा 151 के तहत कार्रवाई कर पुलिस ने उसे सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया। इसी बीच मंगलवार को देवेंद्र की जमानत हो गई। परिवार वाले जमानत लेकर जेल पहुंचे। जहां देवेंद्र को छोड़ने की बात कही। तब पता चला कि वह बीएमसी के जेल वार्ड में भर्ती है। परिवार वाले बीएमसी के जेल वार्ड पहुंचे और देखा तो देवेंद्र भर्ती था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। जिस पर परिवार वालों ने घटनाक्रम को लेकर विरोध जताया और जेल प्रबंधन पर मारपीट का आरोप लगाया।
जेल अधीक्षक मानेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि 24 अगस्त को 151 के तहत देवेंद्र पिता शिवप्रसाद की जेल में आमद हुई थी। उसे नई आमद वार्ड क्रमांक 6 में रखा गया था। 25 अगस्त को मुलायजा कराया जाना था। तभी वह वार्ड में गिर गया। जिससे उसे चोट आई।तत्काल उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टर ने इलाज किया। इसके बाद बीएमसी रैफर किया गया था। इसी बीच उसकी सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से रिहाई आ गई। परिवार वालों से पावती देने का बोला तो वह आरोप लगाने लगे। जबकि जेल के अंदर उसके साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। वह शराब पीने का आदी था। वार्ड में गिरने के कारण चोट लगी थी। मारपीट जैसे सभी आरोप निराधार हैं।
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दरअसल, कैंट थाना पुलिस ने शनिवार को शराबखोरी के मामले में देवेंद्र पिता शिवप्रसाद (35) निवासी कैंट कॉलोनी को पकड़ा था। धारा 151 के तहत कार्रवाई कर पुलिस ने उसे सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया। शनिवार को उसे जेल भेज दिया गया। इसी बीच मंगलवार को देवेंद्र की जमानत हो गई। परिवार वाले जमानत लेकर जेल पहुंचे। जहां देवेंद्र को छोड़ने की बात कही। तब पता चला कि वह बीएमसी के जेल वार्ड में भर्ती है। परिवार वाले बीएमसी के जेल वार्ड पहुंचे और देखा तो देवेंद्र भर्ती था। उसके शरीर पर चोटों के निशान थे। जिस पर परिवार वालों ने घटनाक्रम को लेकर विरोध जताया और जेल प्रबंधन पर मारपीट का आरोप लगाया।
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जेल अधीक्षक मानेंद्र सिंह परिहार ने बताया कि 24 अगस्त को 151 के तहत देवेंद्र पिता शिवप्रसाद की जेल में आमद हुई थी। उसे नई आमद वार्ड क्रमांक 6 में रखा गया था। 25 अगस्त को मुलायजा कराया जाना था। तभी वह वार्ड में गिर गया। जिससे उसे चोट आई।तत्काल उसे जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां डॉक्टर ने इलाज किया। इसके बाद बीएमसी रैफर किया गया था। इसी बीच उसकी सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट से रिहाई आ गई। परिवार वालों से पावती देने का बोला तो वह आरोप लगाने लगे। जबकि जेल के अंदर उसके साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई है। वह शराब पीने का आदी था। वार्ड में गिरने के कारण चोट लगी थी। मारपीट जैसे सभी आरोप निराधार हैं।
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सागर जेल मैं मारपीट
