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MP News: 2700 मुकदमे लड़कर गायों को न्याय दिलाने वाले वकील, बीसी जैन के प्रयास से बना गौवंश अधिनियम

Sat, 24 Feb 2024 05:43 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 24 Feb 2024 05:43 PM IST
सार

एडवोकेट बीसी जैन के प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने गौवंश अधिनियम बनाया, जिसमें सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं। सागर जिले की परकोटा में रहने वाले 75 साल के सीनियर एडवोकेट बीसी जैन 2002 से लगातार गौ संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं।

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Sagar News lawyer BC Jain who got justice for cows by fighting 2700 cases
सीनियर एडवोकेट बीसी जैन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आचार्य श्री विद्यासागर महाराज की प्रेरणा के बाद सागर के एक एडवोकेट ने ऐसा संकल्प लिया कि पूरा जीवन गायों के प्राण बचाने में लगा दिया। इन्हें लोग गायों की जान बचाने वाले एडवोकेट के नाम से भी जानते हैं। सागर में परकोटा के रहने वाले एडवोकेट बीसी जैन ने अपना पूरा जीवन और वकालत गायों के प्राण बचाने में समर्पित कर दिया, उनकी गौसेवा कुछ अगल ही रही।

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एडवोकेट बीसी जैन गायों से जुड़े मुकदमे निशुल्क लड़ते हैं, उन्होंने 2,700 से ज्यादा मुकदमा लड़ा, जिनमें सभी मुकदमों में उन्हें सफलता मिली। 74 साल की उम्र में भी बीसी जैन गायों से जुड़े मुकदमे लड़ रहे हैं। हालांकि, एडवोकेट बीसी जैन को इस काम को करने में कई बार कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जैसे की गोवंश और गौ परिवहन में लिप्त लोगों ने उन्हें जान से मारने की कोशिश भी की। उन्हें डारने के लिए घर तक भी पहुंच गए। लेकिन उन्होंने इस काम को नहीं छोड़ा।
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जैन के प्रयास से बना गौवंश अधिनियम
एडवोकेट बीसी जैन के प्रयासों के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने गौवंश अधिनियम बनाया, जिसमें सजा के कड़े प्रावधान किए गए हैं। जैन साल 2002 से लगातार गौ संरक्षण के लिए काम कर रहे हैं। उनकी गौसेवा और संरक्षण कुछ अलग ही है। उन्होंने संकल्प लिया था कि वह अपने जीवन में गायों की प्राण बचाने और उनकी रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ेंगे और वह भी पूरी तरह निशुल्क। एडवोकेट बीसी जैन बताते हैं कि उनकी एक बार मुलाकात आचार्य श्री विद्यासागर से हुई थी। उन्हें जब पता चला कि मैं एडवोकेट हूं तो उन्होंने कहा कि गायों को बचाने के लिए अपनी वकालत के जरिए कुछ काम करिए। उनकी प्रेरणा के बाद संकल्प लिया और कहा कि जब तक मेरे शरीर में प्राण रहेंगे, तब तक वह गायों के प्राण बचाने के लिए निशुल्क केस लड़ेंगे। 
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एडवोकेट बीसी जैन बताते हैं कि आचार्य मुनि विद्यासागर जी महाराज की प्रेरणा के बाद उन्होंने गौसेवा की संकल्प को पूरा करने में जुट गए। उन्होंने कई बार गायों के प्राण बचाने के लिए संघर्ष किया और गौवध के लिए जाने वाले तस्करों के रूट के बारे में भी जानकारी की। एडवोकेट जैन को इस काम के लिए गौसेवा से संबंधित मुकदमें लड़ने के लिए कई सम्मानों से सम्मानित भी किया गया है। गोवंश बचाने के लिए आचार्य विद्यासागर जी महाराज ने उन्हें साल 2006 में दयोदय रत्न की उपाधि दी थी। 


इसके अलावा 2023 में सागर गौरव दिवस पर पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान ने उन्हें सागर रत्न का सम्मान दिया। गौ अधिनियम बनाने के लिए मध्यप्रदेश सरकार को लगातार पत्राचार करते रहे। इसके बाद मध्यप्रदेश सरकार ने गौवध अधिनियम पर 50 हजार का जुर्माना और सात साल की सजा का प्रावधान किया। वह अपने इस काम से बहुत खुश हैं और कहते हैं कि जब तक उनके प्राण रहेंगे, वह गौसेवा के लिए लड़ते रहेंगे।

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