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सागर शराब कांड: प्रशासन का ताबड़तोड़ एक्शन, निरस्त हुए शराब व हथियार लाइसेंस, गबन के आरोप में सरपंच पर गाज
Mon, 14 Sep 2026 07:59 AM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Mon, 14 Sep 2026 07:59 AM IST
सार
जहरीली शराब कांड को लेकर प्रशासन की अवैध गतिविधियों और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई जारी है। दो शराब दुकानों के कंपोजिट लाइसेंस और हथियार लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, वहीं 7.49 लाख रुपये के गबन के मामले में सरपंच के भी अधिकार सीज किए गए हैं।
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सागर कलेक्टर प्रतिभा पाल
विस्तार
सागर जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक के बाद एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने जिले में शिकंजा कसते हुए कई ताबड़तोड़ कदम उठाए हैं।
विनायका और बंडा थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 के तहत दो शराब दुकानों मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर के कंपोजिट लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज भी नियमों के लगातार उल्लंघन और समयसीमा का पालन न करने पर निरस्त कर दी गई है।
ये भी पढ़ें: दमोह: शराब पीने के बाद अचानक युवक को हुईं उल्टियां, जिला अस्पताल में मौत से मचा हड़कंप
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लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत तीन हथियार लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। इनमें सोहन राजपूत, जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की पत्नी हेमलता राजपूत और सिद्धार्थ कुशवाहा शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में तुरंत जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
महिला सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज
वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए, जिला पंचायत सागर ने जनपद पंचायत शाहगढ़ की ग्राम पंचायत नौराज की सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रथम दृष्टया 7 लाख 49 हजार 079 रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत सरपंच के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकारों को सीज कर दिया गया है।
प्रशासन की इस दोतरफा और त्वरित कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, वित्तीय गबन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।
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विनायका और बंडा थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 के तहत दो शराब दुकानों मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर के कंपोजिट लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज भी नियमों के लगातार उल्लंघन और समयसीमा का पालन न करने पर निरस्त कर दी गई है।
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लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत तीन हथियार लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। इनमें सोहन राजपूत, जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की पत्नी हेमलता राजपूत और सिद्धार्थ कुशवाहा शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में तुरंत जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
महिला सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज
वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए, जिला पंचायत सागर ने जनपद पंचायत शाहगढ़ की ग्राम पंचायत नौराज की सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रथम दृष्टया 7 लाख 49 हजार 079 रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत सरपंच के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकारों को सीज कर दिया गया है।
प्रशासन की इस दोतरफा और त्वरित कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, वित्तीय गबन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।
