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Sagar: विस्थापित गांव के लोगों ने मनाई गांव में आखिरी दीपावाली, कार्यक्रम में पहुंचे गोपाल भार्गव ने गाया गाना

Sat, 02 Nov 2024 09:05 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: शबाहत हुसैन Updated Sat, 02 Nov 2024 09:05 PM IST
सार

Sagar: पटना मोहली गांव में विस्थापन के पहले आखिरी दीपावली मनाई गयी। जिसमें स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव शामिल हुए। आयोजन में गोपाल भार्गव ने गांव के लोगों से अपने 40 साल पुराने रिश्ते की यादों को साझा किया।

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People of displaced village in Sagar celebrated last Diwali in the village
गोपाल भार्गव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिस धरती पर जन्म लिया हो, जिस गांव की गलियों में बचपन बीता हो और जहां के खेतों में खून पसीना बहाकर जीवन यापन किया हो। अगर उस जगह को मजबूरी में छोड़ना पड़े, तो इससे बड़ा पलायन का दर्द कोई दूसरा हो नहीं सकता है। ऐसे ही दर्द से नौरादेही टाइगर रिजर्व के अंदर बसे गांव गुजर रहे हैं। क्योंकि नौरादेही अभयारण्य को एक साल पहले टाइगर रिजर्व का दर्जा दे दिया गया है और यहां बसे गांवों को विस्थापित किया जा रहा है।
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इसी कड़ी में पटना मोहली गांव में विस्थापन के पहले आखिरी दीपावली मनाई गयी। जिसमें स्थानीय विधायक और पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव शामिल हुए। आयोजन में गोपाल भार्गव ने गांव के लोगों से अपने 40 साल पुराने रिश्ते की यादों को साझा किया। वहीं विस्थापन के चलते ग्रामीणों का पलायन का दर्द सुन वह भावुक हो गए और उन्होंने "चल उड़ जा रे पंछी" गीत की पंक्तियां गुनगुना कर अपनी भावनाएं व्यक्त कीं।
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टाइगर रिजर्व में जारी है विस्थापन प्रक्रिया
नौरादेही अभयारण्य को 20 सिंंतबर 2023 में टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया था। टाइगर रिजर्व बनने की प्रक्रिया के दौरान ही 93 गांवों के विस्थापन का काम शुरू हो गया था। जिनमें से 41 गांवों के प्रत्येक पात्र परिवार को 15-15 लाख रूपये का मुआवजा देकर विस्थापित किया जा चुका था। टाइगर रिजर्व की अधिसूचना जारी होने पर टाइगर रिजर्व में कोई राजस्व क्षेत्र सीमा से नहीं जोड़ा गया। इसलिए बाकी बचे 52 गांवों की विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। जिनमें सागर जिले के 30, दमोह जिले के 18 और नरसिंहपुर जिले के 4 गांव विस्थापित होने हैं।
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टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में 26 गांव पूरी तरह से विस्थापित हो चुके हैं और 8 से 10 तैयार विस्थापन के लिए तैयार हैं। वन विभाग के पास 6 गावों के विस्थापन का पैसा आया है और इनकी विस्थापन की प्रक्रिया जारी है। फिलहाल करीब 50 गांव ऐसे हैं, जिनके विस्थापन की प्रक्रिया इसी वित्तीय वर्ष में शुरू हुई है।
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