फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sagar News ›   MP News Holi has not been celebrated till date in this village of Sagar

MP News: सागर के इस गांव में आज तक नहीं जली होली, होलिका दहन का नाम सुनते ही सहम जाते हैं लोग

Tue, 19 Mar 2024 08:15 PM IST
अरविंद कुमार न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: अरविंद कुमार Updated Tue, 19 Mar 2024 08:15 PM IST
सार

पूरे देश में भले ही लोग होली जलाने और रंगों का त्योहार मनाने की तैयारी कर रहे हो। लेकिन मध्यप्रदेश के सागर जिले में एक ऐसा गांव है, जहां पर लोग होलिका दहन का नाम सुनते ही सहम जाते हैं। इस गांव का नाम है ग्राम हथखोय।

विज्ञापन
MP News Holi has not been celebrated till date in this village of Sagar
यहां नहीं मनाई जाती होली - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जहां पूरे देश में होलिका दहन होता है। वहीं, सागर के देवरी विकास खंड का एक गांव ऐसा भी है, जहां आज तक होली नहीं जली। यह गांव गोपालपुरा फोर लाइन के समीप जंगल में बसा हुआ हथखोय गांव है। इस गांव में मां झारखंडन माता का एक पुराना मंदिर है। माता के प्रकोप के डर के कारण यहां पर कभी होली नहीं जलाई जाती। ग्रामीणों का मानना है कि पहले इस गांव में कभी होली नहीं जली।

विज्ञापन


एक बार ग्रामीणों के मन में विचार आया कि क्यों न सभी गांव में जैसे होली जलती है, उसी तरह अपने गांव में भी होली जलाई जाय। तब ग्रामीणों द्वारा होली जलाने की तैयारी की गई। होली की तैयारी होते ही पूरे गांव में अपने आप अचानक बिना आग लगाए आग लग गई। तब ग्रामीणों ने गांव के समीप बने मां झारखंडी के मंदिर में अनुनय-विनय की तब जाकर आग बुझी और माता ने ग्रामीणों को स्वप्न देकर कहा, जब इस गांव में मैं झारखंडन खुद विराजमान हूं तो होली जलाने की क्या आवश्यकता है। जब तक मैं हूं, तब तक इस गांव में कुछ भी नुकसान नहीं होगा। तब से यहां होली जलाने की प्रथा बंद है।
विज्ञापन


गांव के निवासी सुखराम ठाकुर 45 वर्ष एवं गोपाल ठाकुर 65 वर्ष एवं गांवों के उपसरपंच कोमल ठाकुर 40 वर्ष सहित करीब एक दर्जन ग्रामीणों ने बताया कि हमारे गांव में सदियों से होली नहीं जली। इसके पीछे हथखोय गांव में विराजमान मां झारखंडन का प्रताप है और हमारे गांव में न ही कभी होली जली और न ही कभी गांव हांका गया या बांधा गया। यहां माता के प्रभाव से गांव में होली नहीं जलाई जाती। ऐसी मान्यता है कि यहां चैत्र की नवरात्रि में मेला लगता है, जिसमें दूर-दूर से लोग आते हैं। मां झारखंडन कई परिवारों की कुलदेवी भी हैं। यहां मन्नत मांगने पर होने बाले बच्चों का मुंडन भी लोग कराने एवं पिकनिक मनाने के लिए बड़ी संख्या में यहां पहुंचते हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed