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Sagar News: निजी अस्पताल ने कराया नाबालिग का प्रसव, कार्रवाई से बचने के लिए सीढ़ियों के नीचे छिपाया
Wed, 27 Nov 2024 07:35 PM IST
सागर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
Published by: सागर ब्यूरो
Updated Wed, 27 Nov 2024 07:35 PM IST
सार
जिले के एक निजी अस्पताल में नाबालिग का प्रसव कराए जाने की जानकारी मिलने के बाल कल्याण और किशोर न्याय बोर्ड की टीम के अस्पताल पहुंचने पर अस्पताल प्रशासन ने नाबालिग को नवजात समेत सीढ़ियों के नीचे छिपा दिया।
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नाबालिग के प्रसव का मामला
विस्तार
एक निजी अस्पताल में बिना कोई दस्तावेज लिए एक नाबालिग लड़की का प्रसव कराने का मामला सामने आया है। दरअसल मुखबिर की सूचना पर सागर की बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की टीम अस्पताल पहुंची और अस्पताल प्रबंधन से नाबालिग बच्ची के बारे में पूछा। कार्रवाई के डर से अस्पताल प्रशासन ने प्रसूता को नवजात बच्चे समेत अस्पताल के अंदर सीढ़ियों के नीचे छिपा दिया।
बाल कल्याण समिति की टीम को जब प्रसूता मिली तो उसके हाथ में उसका नवजात बच्चा था और उसके कपड़े पूरी तरह खून में सने हुए थे। इतना ही नहीं अस्पताल में लोगों को इकट्ठा देखकर अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अभद्रता भी की। पूरे मामले में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ने अस्पताल पर कानूनी कार्रवाई करवाने की बात कही है।
मामला कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक निजी अस्पताल का है, जहां आज एक नाबालिग युवती का प्रसव करा दिया गया। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की टीम अस्पताल पहुंची। टीम को देख अस्पताल प्रबंधन घबरा गया और प्रसूता को नवजात बच्चे के साथ अस्पताल के अंदर सीढ़ियों के नीचे छिपा दिया। टीम ने निरीक्षण शुरू किया तो पहले तो अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन फिर भी टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए अस्पताल में बच्ची को ढूंढ निकाला।
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सीढ़ियों के नीचे खून से सने हुए कपड़ों में प्रसूता अपने नवजात बच्चे के साथ छोटी-सी जगह में बैठी हुई मिली। पूछताछ करने पर पता चला कि प्रसूता के बारे में अस्पताल के रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं की गई थी और ना ही युवती के कोई दस्तावेज लिए गए थे। नाबालिग लड़की का प्रसव करने से पूर्व पुलिस या प्रशासन को कोई सूचना भी नहीं दी गई थी।
मामले में सवाल-जवाब करने पर अस्पताल प्रबंधन ने निरीक्षण के लिए पहुंची टीम के साथ अभद्रता करने का भी प्रयास किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष किरण शर्मा का कहना है कि मामले में अस्पताल में विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।
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बाल कल्याण समिति की टीम को जब प्रसूता मिली तो उसके हाथ में उसका नवजात बच्चा था और उसके कपड़े पूरी तरह खून में सने हुए थे। इतना ही नहीं अस्पताल में लोगों को इकट्ठा देखकर अस्पताल प्रबंधन ने लोगों से अभद्रता भी की। पूरे मामले में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष ने अस्पताल पर कानूनी कार्रवाई करवाने की बात कही है।
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मामला कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत एक निजी अस्पताल का है, जहां आज एक नाबालिग युवती का प्रसव करा दिया गया। सूचना मिलते ही बाल कल्याण समिति और किशोर न्याय बोर्ड की टीम अस्पताल पहुंची। टीम को देख अस्पताल प्रबंधन घबरा गया और प्रसूता को नवजात बच्चे के साथ अस्पताल के अंदर सीढ़ियों के नीचे छिपा दिया। टीम ने निरीक्षण शुरू किया तो पहले तो अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें रोकने का प्रयास किया लेकिन फिर भी टीम ने अपनी कार्रवाई जारी रखते हुए अस्पताल में बच्ची को ढूंढ निकाला।
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सीढ़ियों के नीचे खून से सने हुए कपड़ों में प्रसूता अपने नवजात बच्चे के साथ छोटी-सी जगह में बैठी हुई मिली। पूछताछ करने पर पता चला कि प्रसूता के बारे में अस्पताल के रजिस्टर में कोई एंट्री नहीं की गई थी और ना ही युवती के कोई दस्तावेज लिए गए थे। नाबालिग लड़की का प्रसव करने से पूर्व पुलिस या प्रशासन को कोई सूचना भी नहीं दी गई थी।
मामले में सवाल-जवाब करने पर अस्पताल प्रबंधन ने निरीक्षण के लिए पहुंची टीम के साथ अभद्रता करने का भी प्रयास किया। बाल कल्याण समिति अध्यक्ष किरण शर्मा का कहना है कि मामले में अस्पताल में विरुद्ध कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी।

नाबालिग का प्रसव

नाबालिग का प्रसव
