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MP News: रीवा में सीबीआई का छापा, नर्सिंग कॉलेज फर्जीवाड़ा मामले में जांच करने पहुंची पांच सदस्यीय टीम
Fri, 08 Dec 2023 04:45 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Fri, 08 Dec 2023 04:45 PM IST
सार
2020 में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाले से जुड़े मामले की जांच के लिए सीबीआई की टीम ने रीवा में दबिश दी। यहां के मेडिकल कॉलेज और एक अस्पताल की ओपीडी के दस्तावेज जांचे गए हैं।
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रीवा के मेडिकल कॉलेज में सीबीआई की टीम जांच करने पहुंची।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रीवा के श्याम शाह मेडीकल कॉलेज में शुक्रवार को सीबीआई की टीम ने दबिश दी। सीबीआई टीम के पहुंचते ही हड़कंप मच गया। टीम ने मेडिकल कॉलेज में जरूरी दस्तावेज खंगाले इसके बाद टीम संजय गांधी अस्पताल के ओपीडी पहुंची।
जानकारी के मुताबिक 2020 में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाले से जुड़े मामले को लेकर शिकायतकर्ता के हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी जिसके संबंध में जांच करने CBI की टीम ने रीवा में दस्तक दी है। पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार सुबह ही रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थी। CBI की टीम ने कई दस्तावेज खंगाले। इसके बाद संजय गांधी अस्पताल पहुंची। टीम कई तरह की जानकारियां जुटाई रही है। भौतिक सत्यापन करके पता लगाया जा रहा है कि कितनी बिल्डिंग हैं, कितने क्लास रूम हैं और लैब है या नहीं। इसके साथ ही अन्य कई गड़बड़ी की जांच CBI टीम द्वारा की जाएगी। टीम से जब मीडिया ने बात करनी चाही तो उन्होने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपा है जांच का जिम्मा
बता दें कि लगभग तीन वर्ष पहले ग्वालियर में शिकायत के बाद मध्य प्रदेश में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज का बड़ा घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले से तकरीबन 1 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य अब भी दांव पर लगा हुआ है। बताया गया था कि कोरोना काल के समय अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदेश में नियमों को पूरा नहीं करने वाले कॉलेजों को भी मान्यता दे दी गई थी। इन कॉलेजों के पास न तो पर्याप्त मात्रा में जमीन थी और न ही अस्पताल। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियां मिली थीं। याचिकाकर्ता के शिकायत के आधार पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेज घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी है। सीबीआई ने कोर्ट से नर्सिंग कॉलेजों की जांच के लिए तीन माह का समय मांगा है।
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न परीक्षा, न एडमिशन
जांच पूरी होने तक न तो बच्चों की परीक्षाएं आयोजित होंगी और न ही नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो सकेगी। इसके लिए छात्र छात्राओं को नए प्रवेश के लिए नए साल का इंतजार करना होगा। जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की शिकायत पर सुनवाई के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की परिक्षा परिणाम जारी करने के अलावा एडमिशन के लिए पोर्टल खोलने की मांग को खारिज कर दिया है। अब तक नर्सिंग कॉलेज घोटाले के मामले में 80 से भी ज्यादा कॉलेजों में गड़बड़ियां पाई गई हैं।
मामले पर संज यगांधी अस्पताल के CMO यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि पांच सदस्यीय केन्द्रीय जांच दल पहुंची है। उच्च न्यालाय के परिपालन पर टीम जांच कर रही है। हमारे यहां जो भी नर्सिंग कॉलेज हैं, उनकी जांच भी टीम द्वारा की जा रही है।
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जानकारी के मुताबिक 2020 में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज घोटाले से जुड़े मामले को लेकर शिकायतकर्ता के हाईकोर्ट में याचिका लगाई गई थी जिसके संबंध में जांच करने CBI की टीम ने रीवा में दस्तक दी है। पांच सदस्यीय टीम शुक्रवार सुबह ही रीवा के श्याम शाह मेडिकल कॉलेज पहुंच गई थी। CBI की टीम ने कई दस्तावेज खंगाले। इसके बाद संजय गांधी अस्पताल पहुंची। टीम कई तरह की जानकारियां जुटाई रही है। भौतिक सत्यापन करके पता लगाया जा रहा है कि कितनी बिल्डिंग हैं, कितने क्लास रूम हैं और लैब है या नहीं। इसके साथ ही अन्य कई गड़बड़ी की जांच CBI टीम द्वारा की जाएगी। टीम से जब मीडिया ने बात करनी चाही तो उन्होने कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।
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हाईकोर्ट ने सीबीआई को सौंपा है जांच का जिम्मा
बता दें कि लगभग तीन वर्ष पहले ग्वालियर में शिकायत के बाद मध्य प्रदेश में बहुचर्चित नर्सिंग कॉलेज का बड़ा घोटाला उजागर हुआ था। इस घोटाले से तकरीबन 1 लाख छात्र-छात्राओं का भविष्य अब भी दांव पर लगा हुआ है। बताया गया था कि कोरोना काल के समय अधिकारियों की मिलीभगत से प्रदेश में नियमों को पूरा नहीं करने वाले कॉलेजों को भी मान्यता दे दी गई थी। इन कॉलेजों के पास न तो पर्याप्त मात्रा में जमीन थी और न ही अस्पताल। इसके अलावा भी कई गड़बड़ियां मिली थीं। याचिकाकर्ता के शिकायत के आधार पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने नर्सिंग कॉलेज घोटाले की जांच सीबीआई को सौंपी है। सीबीआई ने कोर्ट से नर्सिंग कॉलेजों की जांच के लिए तीन माह का समय मांगा है।
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न परीक्षा, न एडमिशन
जांच पूरी होने तक न तो बच्चों की परीक्षाएं आयोजित होंगी और न ही नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो सकेगी। इसके लिए छात्र छात्राओं को नए प्रवेश के लिए नए साल का इंतजार करना होगा। जानकारी के मुताबिक हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता की शिकायत पर सुनवाई के दौरान चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों की परिक्षा परिणाम जारी करने के अलावा एडमिशन के लिए पोर्टल खोलने की मांग को खारिज कर दिया है। अब तक नर्सिंग कॉलेज घोटाले के मामले में 80 से भी ज्यादा कॉलेजों में गड़बड़ियां पाई गई हैं।
मामले पर संज यगांधी अस्पताल के CMO यत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि पांच सदस्यीय केन्द्रीय जांच दल पहुंची है। उच्च न्यालाय के परिपालन पर टीम जांच कर रही है। हमारे यहां जो भी नर्सिंग कॉलेज हैं, उनकी जांच भी टीम द्वारा की जा रही है।
