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मध्यप्रदेश में रिटायर होने वाले थे 1500 कर्मचारी, एक फैसले से बढ़ गई दो साल की नौकरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Updated Sun, 01 Apr 2018 12:25 PM IST
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शुक्रवार को मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 'प्रेस से मिलिए कार्यक्रम' में सरकारी कर्मचारियों के लिए एक घोषणा की। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के अधिकारियों और कर्मचारियों की रिटायर्ड की आयु 60 से बढ़ाकर 62 वर्ष करने का निर्णय लिया। इसका सीधा फायदा उन कर्मचारियों को होगा जो 31 मार्च को रिटायर होने वाले थे। यानि 31 मार्च को रिटायर होने वाले 1500 कर्मचारियों की सेवा अवधि अब दो साल बढ़ा दी गई है।
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सरकार के इस अध्याधेश पर राज्यपाल आनंदीबेन ने भी स्वीकृति दी जिसके बाद विधि विभाग द्वारा इसकी अधिसूचना जारी की गई। हालांकि यह फैसला सिर्फ शासकीय अधिकारी-कर्मचारी पर ही लागू होगा। इसके अंतर्गत निगम, मंडल समेत अर्धशासकीय संस्थाओं के कर्मचारी नहीं आएंगे। आपको बता दें कि यह पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री की घोषणा महज 24 घंटे बाद ही लागू हो गई।
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इस फैसले की वजह पूछे जाने पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्चतम न्यायालय में पदोन्नति में आरक्षण का मामला विचाराधीन है जिस कारण प्रदेश सरकार के कर्मचारियों और अधिकारियों की पदोन्नति नहीं हो पा रही थी। उन्होंने आगे कहा कि वह ये नहीं चाहते थे कि कर्मचारी बिना पदोन्नति के ही सेवानिवृत हो जाएं इसलिए कर्मचारियों की सेवानिवृति की आयु 60 से बढ़ाकर 62 कर दी गई। इसका फायदा सीधे तौर पर 4 लाख 35 हजार अधिकारी और कर्मचारियों को होगा।
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हालांकि छह महीने के भीतर सरकार को अध्याधेश विधानसभा में विधेयक के रूप में पारित करवाना होगा। लेकिन राज्यपाल के अद्याधेश को मंजूरी मिलने के कारण इसकी अवधि को बढ़ाने के लिए राज्यपाल से दोबारा अनुरोध नहीं करना होगा। साथ ही कैबिनेट की भी इस मामले में किसी प्रस्ताव पर मंजूरी अनिवार्य नहीं होगी।
