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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Ratlam: The Mahalakshmi temple decorated with crores of rupees, gold-silver, diamonds and pearls, this time will be seen from outside

रतलाम: करोड़ों के नोट, सोना-चांदी, हीरे-मोती से सजा महालक्ष्मी का दरबार, इस बार बाहर से ही होंगे दर्शन

Wed, 03 Nov 2021 03:08 PM IST
रवींद्र भजनी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: रवींद्र भजनी Updated Wed, 03 Nov 2021 03:08 PM IST
सार

हर साल दिवाली पर रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर को करेंसी नोट्स से सजाया जाता है। करोड़ों रुपए के नोट इसमें इस्तेमाल होते हैं। इस बार दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया गया है। इस बार मंदिर में बाहर से ही दर्शन करने होंगे। 
 

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Ratlam: The Mahalakshmi temple decorated with crores of rupees, gold-silver, diamonds and pearls, this time will be seen from outside
रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

करोड़ों रुपये के करेंसी नोट्स से सजा देवी महालक्ष्मी का दरबार रतलाम में तैयार है। इस बार भी करेंसी नोट्स की गड्डियों और उनकी झालर से मंदिर को सजाया गया है। कोरोना के चलते इस बार सावधानी बरती जा रही है। किसी भी भक्त को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा। बाहर से ही दर्शन किए जा सकते हैं। मध्यप्रदेश का रतलाम सराफा और अपनी खास रतलामी सेंव के लिए प्रसिद्ध है। इसी रतलाम के माणक चौक में महालक्ष्मी मंदिर है, जो दिवाली के दौरान अपनी सजावट की वजह से भक्तों और लोगों का ध्यान खींचता है। 
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Ratlam: The Mahalakshmi temple decorated with crores of rupees, gold-silver, diamonds and pearls, this time will be seen from outside
रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
नोटों से बने हैं वंदनवार
रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर की प्रसिद्धि कुबेर के खजाने के रूप में है। दीपावली के पांच दिनों तक यहां कुबेर के खजाने-सा नजारा रहता है। मंदिर में हार-पुष्प से सजावट नहीं होती बल्कि नोटों की गड्डियों के वंदनवार बनाए जाते हैं। सोने-चांदी के जेवरात से सजावट की जाती है। स्थानीय ही नहीं बल्कि दूसरे राज्यों के भक्त भी यहां मनी ऑर्डर से अपनी चढ़ावे की राशि भेजते हैं। यह परंपरा बरसों से जारी है और इसी परंपरा के चलते रतलाम के महालक्ष्मी मंदिर को कुबेर का खजाना कहा जाता है।

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रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
नोटों से बनाते हैं लड़ियां
इन दिनों भी मंदिर में 50 से लेर 500 रुपए तक के नोटों से सजावट की गई है। इनके वंदनवार बनाए हैं। नोटों की लड़ियां मां लक्ष्मी का स्वागत-सत्कार करती नजर आती हैं। सोने-चांदी व हीरे-जवाहरात भी मां के चरणों में रखे गए हैं।  
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रतलाम का महालक्ष्मी मंदिर। - फोटो : अमर उजाला
बहीखाते में लिखते हैं नाम 
मंदिर में जो भक्त चढ़ावा देते हैं उनके नाम बहीखाते में लिखे जाते हैं। फोटो भी लिया जाता है। दीपावली के पांचवें दिन रजिस्टर की एंट्री के आधार पर भक्तों को उनकी चढ़ावा सामग्री लौटाई जाती है। यह भक्तों की मां के प्रति आस्था ही जो अपनी सारी जमा पूंजी, सोना-चांदी पांच दिनों तक मां के चरणों में अर्पित करके भूल जाते हैं। भक्तों द्वारा दिए गए चढ़ावे की सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स तैनात रहता है। मंदिर में चौबीसों घंटे सीसीटीवी कैमरों से नजर रहती है।   

 
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