Mandsaur: रेंज के आईजी राकेश श्रीवास्तव ने की अपराध समीक्षा बैठक, अपराधियों पर कार्रवाई के दिए सख्त निर्देश
Mandsaur: उज्जैन संभाग के आईजी और डीआईजी ने मंदसौर में पुलिस अधिकारियों की वार्षिक समीक्षा बैठक ली। इस दौरान पुलिस कंट्रोल रूम पर आयोजित समीक्षा बैठक में आईजी ने अपराधियों पर कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए, साथ ही पेंडिंग मामलों को हल करने को लेकर भी निर्देश दिए गए।
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मंदसौर जिला मुख्यालय पर सत्र 2023 की समाप्ति के अवसर पर मंगलवार को उज्जैन रेंज के आईजी राकेश श्रीवास्तव एवं रतलाम रेंज के डीआईजी मनोज सिंह ने पुलिस कंट्रोल रूम पर पुलिस अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक ली। वार्षिक समीक्षा बैठक में अनेक बिंदुओं पर सिलसिले वार चर्चा की गई, विशेष कर गंभीर अपराधों के मामले में आईजी का कहना है कि कमी आई है हत्या और हत्या से जुड़े मामलों में भी कमी आई है। सिर्फ गांधीसागर क्षेत्र और सितामऊ थाना क्षेत्र में हत्या के दो अपराध पेंडिंग है, उनमें भी पुलिस पूरी मुस्तेदी के साथ जुटी हुई है।
पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया
खासतौर से दो नई चीजें हम लोग कर रहे हैं। जो गंभीर अपराधों में अपराधी है और जिनको बैल मिली है। विभिन्न न्यायालयों से उनकी बैल केंसलेशन का कार्य किया जा रहा है। आज की डेट में जिले में 50 से ज्यादा ऐसे अपराधी ऐसे चिन्हित किए गए है और 30 अपराधियों का बैल केंसलेशन के लिए पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया गया है। इस संबंध में मैंने डिटेल जानकारी ली है कि किस न्यायालय में कैसे अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया है। उसको कैसे फॉलोअप किया जाए, ताकि आने वाले एक हफ्ते के अंदर जो दुर्दांत अपराधी है, उनका बैल कैंसल करवाकर उन्हे वापस जेल में दाखिल किया जा सके।
एनसीबी द्वारा की गई थी जांच
इसके साथ ही ऐसे अनेक मामले सामने आए हैं, उन मामलों के सिलसिले वार अधिकारियों से चर्चा की गई है। कुछ माह पूर्व उत्तर प्रदेश और हाल ही में राजस्थान पुलिस द्वारा एनडीपीएस के मामलों में मंदसौर जिले के पुलिस अधिकारियों व आरक्षकों पर दर्ज किए गए केस के बारे में आईजी ने कहा कि यह मामला पुराना है और इस मामले में भी एनसीबी द्वारा जांच की गई थी। जांच रिपोर्ट न्यायालय में प्रस्तुत की गई है, यदि फिर भी कोई पुलिस अधिकारी ऐसे मामलों में दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
