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Rajgarh News: सात साल से नंगे पैर दफ्तरों के चक्कर काट रहा यह व्यक्ति, अब तक नहीं हुई सुनवाई, जानें मामला

Sat, 23 Sep 2023 05:47 PM IST
अरविंद कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़ Published by: अरविंद कुमार Updated Sat, 23 Sep 2023 05:47 PM IST
सार

एक व्यक्ति सात साल से नंगे पैर दफ्तरों के चक्कर काट रहा है। उसका मकान डैम के डूब एरिया में आ गया है। ऐसे में उसका न मूल्यांकन हुआ और न ही मुआवजा मिला।

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Rajgarh Seven-year-old man roaming around offices barefoot with his problems
पीड़ित व्यक्ति - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले में सिंचाई परियोजना के लिए प्रदेश शासन के द्वारा बड़े-बड़े बांध बनाए गए हैं, जिसमें विगत कई साल के बावजूद भी आज तक अनेक लोग मुआवजा राशि न मिलने के आरोप लगा रहे हैं। वहीं, अनेक स्थान पर पहुंच मार्ग भी बंद हो चुके हैं, जिससे आमजन सहित स्कूली विद्यार्थियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन इस ओर आला अधिकारियों का ध्यान आकर्षित नहीं है।

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ऐसा ही एक मामला सारंगपुर तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम कडलावद से सामने आया है, जहां नंदकिशोर जैन नामक व्यक्ति ने आरोप लगाया कि कुंडालिया बांध परियोजना के अधिकारियों एवं शासन-प्रशासन से परेशान होकर वह विगत सात साल से नंगे पैर घूमकर दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। जहां से उसे आश्वासन के अलावा मुआवजा राशि आज तक प्राप्त नहीं हुई है। बांध में अधिक पानी भर जाने के कारण घर के दरवाजे के पास बांध का पानी पहुंच चुका है, लेकिन इसके बावजूद भी पीड़ित ने अपना मकान खाली नहीं किया है।
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साथ ही उसने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में मकान का मूल्यांकन सही नहीं हुआ था, जिसके बाद से ही वह अपने मकान का मूल्यांकन करने के लिए नंगे पैर दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है। जब तक उसके मकान का सही मूल्यांकन कर उसे मुआवजा राशि नहीं दी जाएगी, तब तक वह मकान खाली नहीं करेगा, चाहे उसकी जान ही क्यों न चली जाए।
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मुआवजा राशि मिलने के बाद ही वह अपने पैरों में चप्पल पहनेगा। वहीं, उसने बताया कि उसके मकान में स्थित वाटर सेफ्टी टैंक, हैंड पंप सहित अन्य चीजों का मूल्यांकन नहीं किया गया था, जिसको लेकर विगत सात साल से ही वह दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है और मुख्यमंत्री सहित आला अधिकारियों को भी सूचित कर चुका है। लेकिन इसके बाद भी आज तक सही मूल्यांकन कर मुआवजा राशि प्रदान नहीं की गई। बांध पूरी तरह से लबालब भर दिया गया है, जिससे घर के पास ही पानी आ पहुंचा है। बांध में और जलस्तर बढ़ने पर घर में पानी भर जाने की स्थिति भी उत्पन्न हो सकती है और जान-माल की हानी होने की संभावना भी बनी हुई है।


वहीं, मामले में सारंगपुर एसडीएम संजय उपाध्यय का कहना है कि उसके द्वारा लगाए जा रहे सभी आरोप गलत हैं। उसका मूल्यांकन और ऑर्डर दोनो ही हो चुके हैं, उसको बुलाकर समझाइश भी दे दी गई कि जो भी सेक्शन हुआ है, एकाउंट नंबर दे दो और ले लो। इसके बाद भी यदि आप संतुष्ट नही हैं तो आप कलेक्टर साहब के यहां अपील कीजिए। कानूनी रूप से उसका मसला हल किया गया है और वंहा रहते हुए उसका एक वीडियो भी बनाया गया है, जिसमें सम्पूर्ण जवाबदारी भी उसने अपने ऊपर ली है।

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