राजगढ़ लोकसभा क्षेत्र से मौजूदा सांसद और भाजपा प्रत्याशी रोडमल नागर ने सोमवार को नामांकन दाखिल किया। राजगढ़ में तीसरे चरण में सात मई को वोटिंग होनी है। यहां कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को उम्मीदवार बनाया है। नागर के साथ सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी नामांकन जमा करने गए थे। इसके बाद चुनावी रैली को भी उन्होंने संबोधित किया।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि यह लोकसभा का चुनाव रामभक्तों, पक्षधरों और राम के विरोधियों के बीच है। कांग्रेस पार्टी ने हमेशा से भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण को लेकर राजनीति करने का कार्य किया है। कांग्रेस ने हिंदू-मुसलमानों को लड़ाकर वोट बैंक की राजनीति की है। कांग्रेस में भी सबसे बड़े रामद्रोही दिग्विजय सिंह हैं, जो हर जगह रंग बदलकर बात करते हैं। दिग्विजय सिंह 10 वर्षों तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, लेकिन वे राजगढ़ का विकास नहीं कर सके। राजगढ़ का विकास अगर किसी ने किया है तो वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार ने किया है। मंगल भवन में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए वीडी शर्मा ने कहा कि 2003 से पहले मध्यप्रदेश को दुरावस्था में ले जाने के जिम्मेदार दिग्विजय सिंह हैं। पूर्व मुख्ममंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा पर दुनियाभर में खुशी मनाई गई, लेकिन कांग्रेस को खुशी नहीं हुई।
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राजगढ़ में मोहन यादव सभा को संबोधित करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
यादव बोले- आओ, कांग्रेस को सबक सिखाएं
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस शासनकाल मे राजगढ़ क्षेत्र में पीने के पानी व सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता बहुत कम थी, अब यहां पर अप्रैल के महीने में भी तालाब लबालब भरे हैं। किसानों को पानी मिल रहा है। दिग्विजय सिंह हर जगह रंग बदलकर बात करते हैं। कभी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की तारीफ करते हैं, तो आ जाओ शाखा में स्वागत है। वे सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर भी दुखी हो जाते हैं। कांग्रेसियों ने हमेशा से हिन्दू-मुसलमान को लड़ाकर वोट बैंक की राजनीति की है। इनके मन में पाप भरा हुआ है। इस वजह से इन्होंने श्रीरामलला प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण भी ठुकरा दिया। हम सब मिलकर संकल्प करें कि भगवान राम की प्राण-प्रतिष्ठा का आमंत्रण ठुकराने वाली पार्टी कांग्रेस को सबक सिखाने के लिए इस लोकसभा चुनाव में एक-एक वोट भाजपा के पक्ष में पड़े।
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शिवराज सिंह चौहान को एक अम्मा ने रोका। सिर पर हाथ रखा और कहा- राजगढ़ आता रहा कर छोरा।
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दिग्विजय ने राजगढ़ को बदनाम कर दिया
पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने दस साल मुख्यमंत्री रहते हुए न राजगढ़ के लिए कुछ किया न प्रदेश की जनता के लिए। उनके शासनकाल में प्रदेश की सड़कों की हालत खस्ता थी और बिजली भी नहीं मिलती थी। दिग्विजय सिंह को राजगढ़ की तस्वीर बदलना चाहिए थी, लेकिन उन्होंने राजगढ़ को बदनाम कर प्रदेश को भी बीमारू राज्य बना दिया। बड़ा काम करने के लिए बड़ा प्लेटफार्म का होना जरूरी होता है। आज कांग्रेस के विचारवान लोग कांग्रेस का साथ छोड़कर भाजपा के परिवार से जुड़कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिवार बढ़ा रहे हैं। भगवान श्री रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के समय देश सहित दुनिया में खुशी मनाई जा रही थी, लेकिन केवल एक पार्टी कांग्रेस रो रही थी। कांग्रेस ने लिखकर दिया भगवान रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा समारोह में नहीं आएंगे। अब जब तक सूरज और चांद रहेंगे तब तक यह कांग्रेस की तरफ से दिया गया यह प्रमाण रहेगा कि कांग्रेस ने राम मंदिर का विरोध किया था।
अब भी कायम है मामा का जलवा
शिवराज सिंह चौहान भले ही अब मुख्यमंत्री नहीं है लेकिन राजगढ़ में उनका जलवा अब भी कायम है। मौजूदा जन समूह ने मामा-मामा नारे लगाए। इतना ही नही बल्कि गृह जिले के दो मंत्री भी मंच से ही मामा के मुरीद नजर आए। एक ने तो नारा ही लगा दिया आंधी नही तूफान है शिवराज सिंह चौहान है। राज्यमंत्री गौतम टेटवाल ने नारे से अपने उद्बोधन की शुरुआत की और कहा कि आंधी नही तूफान है शिवराज सिंह चौहान है। फिर राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने मंच से जैसे ही शिवराज का नाम लिया, सभा स्थल शिवराज सिंह के नारों से गूंज उठा। पंवार ने कहा कि मामा जी आपके लिए ही यहां आए हैं।