{"_id":"63ab1689279ece51f76e29a2","slug":"rajgarh-district-coordinator-of-tribal-welfare-department-suspended","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rajgarh: आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक निलंबित, छात्रावास अधीक्षक ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rajgarh: आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक निलंबित, छात्रावास अधीक्षक ने रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था
Tue, 27 Dec 2022 09:30 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगढ़
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Tue, 27 Dec 2022 09:30 PM IST
सार
राजगढ़ जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक केके शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। भोपाल से ये कार्रवाई की गई है। उन पर छात्रों के लिए आने वाले रुपयों में हिस्सा मांगने का आरोप था।
विज्ञापन
सस्पेंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक केके शर्मा को निलंबित कर दिया गया है। भोपाल से ये कार्रवाई की गई है। कुछ दिन पहले ही ब्यावरा के बालक छात्रावास अधीक्षक ने उन पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया था और संबंधित वीडियो वायरल किया था।
बता दें कि 25 दिसंबर को राजगढ़ जिले के ब्यावरा में आदिम जाति कल्याण विभाग बालक छात्रावास अधीक्षक बृजमोहन शर्मा ने विभाग के जिला संयोजक केके शर्मा के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मदद की गुहार लगाई गई थी। सोशम मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। जिस पर राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने प्रतिवेदन बनाकर उच्चायुक्त को भेजा था, जिस पर भोपाल आयुक्त ने कार्रवाई की है।
गौरतलब है कि बालक छात्रावास के अधीक्षक ब्रजमोहन शर्मा ने वीडियो में बताया था कि वह आदिमजाति कल्याण विभाग के उत्कृष्ट बालक छात्रा में अधीक्षक के पद पर पदस्थ है। जहां छात्रावास में रहने वाले छात्रों के रहने, खाने-पीने के लिए शिष्यावृत्ति आती है। जिसमें प्रति छात्र के लिए बालिकाओं के लिए 1 हजार 500 रुपये एवं बालक 1 हजार 460 रुपये प्रति माह छात्र-छात्राओं के भरण पोषण व उनकी देखरेख के लिए आते हैं। उस राशि में से हमारे जिला अधिकारी आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक केके शर्मा रिश्वत के रूप में हमसे 10 हजार रुपये अपना हिस्सा मांगते हैं। अगर पैसे नही देते हैं, तो वे हमें नोटिस जारी कर देते हैं और दबाव बनाते हैं। इतना ही नहीं ये केवल मैं ही नहीं जिले के अन्य सभी अधीक्षक उन्हें हर माह पैसे पहुंचाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी साल 2022 जुलाई में उन्होंने तलेन कन्या छात्रावास में किसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जहां पदस्थ किसी महिला अधिकारी के नाम पर उन्होंने आदिमजाति कल्याण विभाग के सहयोजक केके शर्मा के निवास पर जाकर 10 हजार रुपये दिए थे। मामले में वीडियो वायरल होने के बाद से ही कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि 25 दिसंबर को राजगढ़ जिले के ब्यावरा में आदिम जाति कल्याण विभाग बालक छात्रावास अधीक्षक बृजमोहन शर्मा ने विभाग के जिला संयोजक केके शर्मा के खिलाफ रिश्वत मांगने के आरोप लगाए थे। वीडियो के माध्यम से मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मदद की गुहार लगाई गई थी। सोशम मीडिया पर यह वीडियो काफी वायरल हुआ था। जिस पर राजगढ़ कलेक्टर हर्ष दीक्षित ने प्रतिवेदन बनाकर उच्चायुक्त को भेजा था, जिस पर भोपाल आयुक्त ने कार्रवाई की है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि बालक छात्रावास के अधीक्षक ब्रजमोहन शर्मा ने वीडियो में बताया था कि वह आदिमजाति कल्याण विभाग के उत्कृष्ट बालक छात्रा में अधीक्षक के पद पर पदस्थ है। जहां छात्रावास में रहने वाले छात्रों के रहने, खाने-पीने के लिए शिष्यावृत्ति आती है। जिसमें प्रति छात्र के लिए बालिकाओं के लिए 1 हजार 500 रुपये एवं बालक 1 हजार 460 रुपये प्रति माह छात्र-छात्राओं के भरण पोषण व उनकी देखरेख के लिए आते हैं। उस राशि में से हमारे जिला अधिकारी आदिमजाति कल्याण विभाग के जिला संयोजक केके शर्मा रिश्वत के रूप में हमसे 10 हजार रुपये अपना हिस्सा मांगते हैं। अगर पैसे नही देते हैं, तो वे हमें नोटिस जारी कर देते हैं और दबाव बनाते हैं। इतना ही नहीं ये केवल मैं ही नहीं जिले के अन्य सभी अधीक्षक उन्हें हर माह पैसे पहुंचाते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी साल 2022 जुलाई में उन्होंने तलेन कन्या छात्रावास में किसी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, जहां पदस्थ किसी महिला अधिकारी के नाम पर उन्होंने आदिमजाति कल्याण विभाग के सहयोजक केके शर्मा के निवास पर जाकर 10 हजार रुपये दिए थे। मामले में वीडियो वायरल होने के बाद से ही कार्रवाई की उम्मीद की जा रही थी।
विज्ञापन
