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'राहुल गांधी का लक्ष्य सत्ता पाना नहीं'
जयप्रकाश पाराशर/भोपाल
Updated Fri, 25 Oct 2013 08:21 PM IST
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मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विभिन्न धड़ों को एक मंच पर लाने वाले केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री कमलनाथ का कहना है कि वह मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल नहीं हैं लेकिन अगर उनके सामने मुख्यमंत्री बनने का अवसर आया तो उन्हें कोई गुरेज नहीं होगा।
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कमलनाथ ज्योतिरादित्य सिंधिया को ऊर्जा से भरा नौजवान नेता मानते हैं, जिनके प्रति नौजवानों में काफी आकर्षण है और वह संभावनाओं से भरे हैं।
कमलनाथ ने 'अमर उजाला' से एक बातचीत में कहा कि उन्हें इंदिरा गांधी, संजय गांधी, राजीव गांधी, सोनिया गांधी के मार्गदर्शन में राजनीतिक काम करने का मौका मिला है और अब राहुल गांधी के साथ वह काम कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि राहुल गांधी एक विजनरी नेता हैं और उनका लक्ष्य सत्ता हासिल करना नहीं है। वह परिपक्व नेता है, जो कभी पद प्राप्त करने के बारे में सोचते नहीं, उनकी नजर गरीबों और कमजोर वर्ग को फायदे पहुंचाने पर रहती हैं। वह हमेशा उनके बारे में सोचते रहते हैं।
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कमलनाथ ने माना कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस के विभिन्न धड़ों को एक मंच पर लाने की जिम्मेदारी उन्हें मिली और उन्होंने प्रयास किया कि सब एकजुट होकर चुनाव लड़ें। मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की सरकार भ्रष्टाचार के कारण काफी अलोकप्रिय हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि शिवराज सरकार ने भ्रष्टाचार का लोकव्यापीकरण किया है। जितने वादे किए गए, उतना काम नहीं किया गया। केंद्र सरकार जो धन भेज रही है, उसका उतना उपयोग नहीं किया गया, बल्कि उसका दुरुपयोग किया गया। प्रदेश की जनता इन सबके कारण मौजूदा भाजपा सरकार को हटाना चाहती है। कांग्रेस इन्हीं मुद्दों को लेकर प्रदेश में जा रही है।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के अन्य धड़ों की ओर से विरोध के सवाल पर कमलनाथ कहते हैं, 'दिग्विजय सिंह स्वयं कह चुके हैं कि वह मध्य प्रदेश में नहीं लौट रहे हैं। उनका केंद्र की राजनीति में कांग्रेस के पास काफी उपयोग है। दूसरे सभी नेता मिलकर संघर्ष कर रहे हैं और भाजपा को सत्ता से बेदखल करने में सफलता जरूर मिल जाएगी।'
कांग्रेस का उदारीकरण से हटकर अचानक गरीबों और कमजोर तबके के वामपंथी रुझान की राजनीति करने लगने के सवाल पर कमलनाथ ने कहा कि दोनों में कोई संघर्ष नहीं है। गरीबी को कम करने और विकास करने में कोई विरोध नहीं है। खाद्यान्न सुरक्षा देश की जरूरत है, यही कांग्रेस की सोच भी है। इसका अर्थ यह नहीं है कि कांग्रेस ने आर्थिक विकास के एजेंडे को छोड़ दिया है।
कोयला घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री पर उठाए जा रहे सवालों के बारे में कमलनाथ ने कहा कि जो भी प्रश्न उठे हैं वे प्रक्रिया को लेकर उठे हैं, उसमें ऐसा नहीं कहा गया कि कोई भ्रष्टाचार हुआ है।
