फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Pt. Dhirendra Shastri reached Damoh's old age home took blessings after performing aarti of elders got caress

MP: वृद्धाश्रम पहुंचे पं. धीरेंद्र शास्त्री, बुजुर्गों की आरती उतारकर लिया आशीर्वाद, बेटे की तरह मिला दुलार

Fri, 30 Dec 2022 11:41 AM IST
अंकिता विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह Published by: अंकिता विश्वकर्मा Updated Fri, 30 Dec 2022 11:41 AM IST
सार

गुरुवार को पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री दमोह के वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने बुजुर्गों की आरती उतारी और आशीर्वाद लिया।

विज्ञापन
Pt. Dhirendra Shastri reached Damoh's old age home took blessings after performing aarti of elders got caress
वृद्धाश्रम में पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दमोह के होमगार्ड मैदान पर बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की राम कथा का आयोजन चल रहा है। गुरुवार को कथा समाप्त होने के बाद रात में  कथा संयोजक विधायक अजय टंडन, पंडित शास्त्री को सीधा वृद्ध आश्रम लेकर पहुंचे, जहां पर वृद्धजनों ने उनसे मुलाकात की और अपने बेटे की तरह दुलार किया।  यहां पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी वृद्धजनों की आरती उतारी उन्हें माला पहनाई तिलक लगाया और पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान वृद्धों ने उनकी बलैयां लीं, गाल खिलाया, और एक बेटे की तरह दिल खोलकर प्यार किया। इसके बाद धीरेंद्र शास्त्री ने सभी वृद्धजनों को कंबल ओढ़ाकर उनका सम्मान किया एवं आशीर्वाद प्राप्त किया। महिलाओं को भी साड़ियां एवं कंबल वितरित किए। 
विज्ञापन


विज्ञापन


धीरेंद्र शास्त्री ने बताया कि वह ना तो कोई साधु है ना संत हैं ना ही कोई चमत्कारी हैं, वह एक साधारण व्यक्ति हैं। वृद्धजनों की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में उनके साथ जरूर खड़ा होना चाहिए, जिनके साथ कोई खड़ा नहीं होता। अमीरों के साथ तो लाखों गुरू, लाखों नेता, अभिनेता, हजारों मित्र खड़े हो जाते हैं, लेकिन जो बिछड़े हुए होते हैं, उनके साथ कोई नहीं होता। हमें ऐसे व्यक्ति का साथ देना चाहिए। 
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने वृद्ध आश्रम में रह रही वृद्धजनों को देखने के बाद कहा कि भारत का दुर्भाग्य है और खासतौर से उनके पुत्रों का दुर्भाग्य है जो अपने माता-पिता को वृद्ध आश्रम में रहने के लिए भेज देते हैं। उन्होंने कहा कि जिनके पिता माता वृद्ध आश्रम में रहते हैं, ऐसे पुत्रों को चुल्लू भर पानी में डूब कर मर जाना चाहिए। ऐसे बेटों को भगवान जन्म ना दे तो अच्छा है। जो वृद्ध आश्रम में अपने माता-पिता को छोड़ आते हैं।  उन्होंने संदेश देते हुए कहा कि वृद्ध आश्रम में माता-पिता को नहीं रखना चाहिए, बल्कि पुत्रों को अपने साथ रखना चाहिए। शुक्रवार को सभी वृद्धों को विशेष वाहन से कथा पंडाल में लाकर उन्हें भगवान श्री राम की कथा श्रवण कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed