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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Power crisis in MP: Govind Singh wrote a letter to CM demanding to convene a two-day assembly session

एमपी में बिजली संकट पर सियासत : गोविंद सिंह ने सीएम को पत्र लिखा, दो दिन का विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की

Sat, 07 May 2022 06:21 PM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Sat, 07 May 2022 06:21 PM IST
सार

पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शनिवार को पत्र लिखकर दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। गोविंद सिंह ने  कहा कि प्रदेश में बिजली का संकट गहराता जा रहा है। कोयले की कमी एवं कुप्रबंधन के चलते प्रदेश के ताप विद्युत गृह बंद होने की कगार पर हैं।

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Power crisis in MP: Govind Singh wrote a letter to CM demanding to convene a two-day assembly session
पूर्व मंत्री डॉ. गोविंद सिंह - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को शनिवार को पत्र लिखकर दो दिवसीय विधानसभा सत्र बुलाने की मांग की है। गोविंद सिंह ने  कहा कि प्रदेश में बिजली का संकट गहराता जा रहा है। कोयले की कमी एवं कुप्रबंधन के चलते प्रदेश के ताप विद्युत गृह बंद होने की कगार पर हैं।
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गोविंद सिंह ने कहा कि म.प्र. पॉवर जनरेशन कंपनी के चार पॉवर प्लांटों में से तीन पॉवर प्लांट गंभीर स्थिति में हैं। संजय गांधी थर्मल पॉवर प्लांट, सतपुड़ा थर्मल पॉवर प्लांट एवं श्री सिंगाजी थर्मल प्लांट की विद्युत उत्पादन की क्षमता कोयले की कमी एवं कुप्रबंधन के कारण आधी रह गई है, जिससे प्रदेश में विद्युत संकट गहरा रहा है। प्रदेश में मांग के अनुपात में पर्याप्त बिजली की उपलब्धता नहीं है, वहीं प्रदेश सरकार ने विद्युत उत्पादन कंपनियों को विगत वर्ष बगैर एक भी यूनिट बिजली लिए 900 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया है।
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सिंह ने कहा कि एक ओर कोयले की कमी के चलते राज्य सरकार विदेशी कोयला खरीदने की तैयारी में है जिससे राज्य सरकार का यह दावा खोखला साबित हो रहा है कि प्रदेश में कोयले की कोई कमी नहीं है। राज्य सरकार की विदेशी कोयला खरीदने की तैयारी पर शंका कुशंकाएं उत्पन्न हो रही हैं। समूचे प्रदेश में अघोषित बिजली कटौती हो रही है, जबकि बिजली की दरों में लगातार वृद्धि की जा रही है एवं विद्युत उपभोक्ताओं से मनमाने बिजली बिल वसूले जा रहे हैं।


नेता प्रतिपक्ष ने लिखा कि बिजली की लगातार अघोषित कटौती के चलते विशेषकर शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट उत्पन्न हो गया है, उद्योग-धंधे प्रभावित हो रहे हैं एवं किसानों की ग्रीष्मकालीन फसल मूंग एवं सब्जियां सिंचाई के अभाव में नष्ट होने की कगार पर हैं। विद्युत समस्याओं को लेकर प्रदेश की आम जनता में हाहाकार मचा हुआ है। ऐसी स्थिति में विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाकर विद्युत समस्या पर उत्पन्न स्थिति के संबंध में चर्चा कराया जाना अति आवश्यक है, ताकि विद्युत संकट का समाधान पक्ष-विपक्ष मिलकर निकाल सकें।

गोविंद सिंह ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से कहा कि आप से अनुरोध है कि उपरोक्त स्थिति को दृष्टि रखते हुए मध्यप्रदेश विधानसभा का दो दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का कष्ट करें।
 
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