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Politics: 'जयंत के बिना अधूरा है दमोह', उपचुनाव में मलैया को मिले नोटिस पर कैलाश विजयवर्गीय ने मांगी माफी
Sun, 11 Dec 2022 08:53 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, दमोह
Published by: अरविंद कुमार
Updated Sun, 11 Dec 2022 08:53 PM IST
सार
मध्यप्रदेश के दमोह जिले में पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के 75वें जन्मदिन को अमृत महोत्सव के रूप में मनाया गया, जिसमे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेता शामिल हुए।
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कैलाश विजयवर्गीय
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
दमोह में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने कहा, जयंत मलैया के बिना दमोह अधूरा है। इशारों ही इशारों में मुख्यमंत्री जयंत मलैया के सक्रिय राजनीति में आने के संकेत दिए। उन्होंने कहा कोई ये न समझे कि ये रिटायरमेंट का कार्यक्रम है। सीएम ने कहा, अपने समय में शशि कपूर से कम नहीं दिखते थे जयंत मलैया। ऐसा व्यक्तित्व जो सबके मन को जीत ले जयंत मलैया के अलावा कोई नहीं हो सकता। जब भी मुझे कोई महत्वपूर्ण और गंभीर काम किसी को देना होता था तो मेरे दिमाग में सिर्फ जयंत मलैया का नाम ही आता था।
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सीएम ने कहा, मैं मुख्यमंत्री बना तो प्रदेश के स्थानीय निकायों की स्थिति को सुधारने और विकास कार्यों के लिए मैंने उन्हें नगरीय प्रशासन मंत्री बनाया। जब प्रदेश में कोई भी उद्योगपति नहीं आना चाहता था तो उद्योगों के लिए विदेश जाने बातचीत करने के लिए मेरे दिमाग में एक ही नाम आया जयंत मलैया का तो मैंने उन्हें उद्योग मंत्री बनाया। प्रदेश की सिंचाई की स्थिति काफी गंभीर थी तो सिंचाई व्यवस्था को सुधारने के लिए मैंने उन्हें जल संसाधन मंत्री बनाया और प्रदेश के खजाने की स्थिति को सुधारने के लिए मैंने उन्हें वित्त मंत्री की चाबी सौंप दी। उनके कार्यकाल में मध्यप्रदेश कभी घाटे में नहीं रहा। जयंत मलैया के सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाओं के बीच इस बात के कयास लगाए जा रहे हैं कि आगामी विधानसभा चुनाव में उन्हीं को टिकट मिलेगा। हालांकि, इस सवाल का जवाब मुख्यमंत्री ने नहीं दिया।
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उपचुनाव में जयंत मलैया को मिले नोटिस पर कैलाश विजयवर्गीय ने मांगी माफी...
मध्यप्रदेश के पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया के 75वें जन्मदिन के उपलक्ष्य में अमृत महोत्सव का आयोजन एकलव्य विवि में किया गया था, जिसमें शामिल होने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी पहुंचे थे। यहां उन्होंने जयंत मलैया के राजनैतिक जीवन को याद किया और इसके साथ ही दमोह उपचुनाव में जयंत मलैया को मिले नोटिस पर दोनों हाथ जोड़कर मलैया से माफी मांगी। उन्होंने कहा कि जयंत मलैया को शायद विश्वास नहीं होगा, लेकिन मैं यह बात बताना चाहता हूं कि जब उन्हें भाजपा ने नोटिस दिया था, तब आपने मुझसे कभी कुछ नहीं कहा।
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लेकिन मैंने प्रदेश के नेताओं से कहा था कि यह बहुत गलत हुआ है। जयंत मलैया जैसे नेताओं को तैयार होने में दशकों लग जाते हैं, तपस्या करनी पड़ती है, तब जाकर जयंत मलैया जैसे लोग तैयार होते हैं। उन्होंने कहा कि मैं नाखुश था, इसलिए मैंने प्रदेश से लेकर दिल्ली तक इस बात की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि व्यक्ति भूल कर सकता है, इसलिए पार्टी भी भूल कर सकती है और इसलिए मैं भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री होने के नाते आप से दोनों हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं।
उपचुनाव में राहुल सिंह की हार पर मलैया परिवार को माना था दोषी...
बता दें, 2018 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी राहुल सिंह ने पूर्व वित्तमंत्री जयंत मलैया को हराया था। इसके बाद जब प्रदेश में सत्ता परिवर्तन हुआ तो कांग्रेस विधायकों के इस्तीफ के बाद दमोह के कांग्रेस विधायक राहुल सिंह ने भी इस्तीफा दे दिया था और भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें दमोह से अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया और 2021 में दमोह में उपचुनाव हुआ। उस दौरान जयंत मलैया के बेटे सिद्धार्थ मलैया ने भी
भाजपा से टिकट के लिए प्रयास किए थे, दमोह में मेडिकल खोलने के मुद्दे पर राहुल सिंह ने कांग्रेस विधायक पद से इस्तीफा दिया था। इसलिए राहुल सिंह को भाजपा ने अपना प्रत्याशी बनाया था और इस उपचुनाव में राहुल सिंह कांग्रेस प्रत्याशी अजय टंडन से चुनाव हार गए। चुनाव परिणाम आने के बाद ही राहुल सिंह ने पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया और उनके परिवार को हार के लिए जिम्मेदार ठहराया था। पार्टी के नेताओं के पास शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद प्रदेश संगठन ने जयंत मलैया को नोटिस जारी किया था और उस नोटिस का जवाब भी पूर्व वित्त मंत्री जयंत मलैया ने दिया था और अमृत महोत्सव कार्यक्रम में कैलाश विजयवर्गीय ने उसी नोटिस के बारे में बताया।
