भोपालः नौकरी में वापस नियुक्ति के लिए सीएम से मिलने पहुंची थीं नर्सें, पुलिस ने किया लाठीचार्ज
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मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार को प्रदर्शन कर रहे कोरोना स्वास्थ्य कर्मचारियों पर पुलिस ने जमकर लाठियां भांजी। पुलिस ने गर्भवती महिला स्वास्थ्य कर्मियों को भी नहीं बख्शा। इस लाठीचार्ज में कई स्वास्थ्य कर्मियों के घायल होने की सूचना है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण कम होने पर स्वास्थ्य विभाग ने इन स्वास्थ्य कर्मचारियों का कॉन्ट्रेक्ट समाप्त कर दिया। इसमें नर्सिंग स्टाफ, फार्मासिस्ट और लैब टेक्नीशियन शामिल हैं। ऐसे में ये सभी लोग वापस नौकरी में रखने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से मुलाकात करने राजधानी पहुंचे। लेकिन बात सुनने के बजाय पुलिस ने इनपर लाठी चार्ज कर दिया।
वहीं पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 47 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार अस्पतालों में संविदा पर काम करने वाले ये स्वास्थ्य कर्मचारी भोपाल के नीलम पार्क में प्रदर्शन कर रहे थे। इन प्रदर्शनकारियों को तीन महीने बाद निकाल दिया गया था। इन स्वास्थ्य कर्मियों की मांग थी कि सरकार संविदा पर काम करने वाले सभी स्वास्थ्य कर्मियों की स्थायी नियुक्ति करे।
वहीं इस मामले पर भोपाल के एएसपी ने सफाई देते हुए कहा कि स्वास्थकर्मी पिछले 4 दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे और इस क्रम में वे स्वास्थ्य मंत्री एवं सांसद से भी मिले थे। उनकी मांगों को सीएम तक भी पहुंचा दिया गया था। फिर भी वे बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे थे। उन्हें गिरफ्तारी के लिए कहा गया, उनमें से कुछ ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की और इस क्रम में एक पुलिस कर्मी घायल हो गया। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया।
कमलनाथ ने की घटना की निंदा, कहा- कोरोना वॉरियर्स के साथ हुआ अपराधियों जैसा व्यवहार
वहीं, इस मामले पर सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने कहा, 'जहाँ एक तरफ विश्वभर में कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जा रहा है, उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है वही दूसरी तरफ मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार उन पर बर्बर तरीके से लाठियां बरसा रही है, यह घटना बेहद निंदनीय व मानवीयता व इंसानियत को शर्मसार करने वाली।'
पूर्व सीएम ने कहा, 'कोरोना की इस भीषण महामारी में अपनी जान जोखिम में डाल सेवाएं देने वाले कोरोना वारियर्स भोपाल में अपनी जायजं मांगो को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे तब उन्हें न्याय दिलवाने की बजाय उन पर बर्बर तरीके से लाठीचार्ज किया गया। जो सम्मान के हकदार उनसे अपराधियों की तरह व्यवहार?' उन्होंने कहा, 'लाठीचार्ज के दोषियों पर तत्काल कड़ी से कड़ी कार्यवाही हो और इनकी मांगो पर तत्काल सहानुभूति पूर्ण निर्णय लिया जाए।'
जहाँ एक तरफ़ विश्व भर में कोरोना योद्धाओं का सम्मान किया जा रहा है , उन्हें प्रोत्साहित किया जा रहा है वही दूसरी तरफ़ मध्यप्रदेश की शिवराज सरकार उन पर बर्बर तरीक़े से लाठियाँ बरसा रही है , यह घटना बेहद निंदनीय व मानवीयता व इंसानियत को शर्मसार करने वाली। pic.twitter.com/Besp56S9Kc
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) December 3, 2020
