एमपी: पन्ना-अजयगढ़ में 51वें दिन भी जारी रहा चिता आंदोलन, मुआवजे और पुनर्वास की मांग
पन्ना और अजयगढ़ में विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों का चिता आंदोलन 51वें दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने उचित मुआवजे, पूर्ण पुनर्वास और दर्ज आपराधिक मामलों की वापसी की मांग की। नए जिलाधिकारी से वार्ता के बाद समाधान की उम्मीद जगी।
विस्तार
पन्ना और अजयगढ़ में केन-बेतवा, मझगाय, रूंझ और ललितपुर-सिंगरौली रेलमार्ग परियोजनाओं से विस्थापित तथा प्रभावित परिवारों का विरोध प्रदर्शन रविवार को 51वें दिन भी जारी रहा। जय किसान संगठन के बैनर तले सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर के नेतृत्व में यह चिता आंदोलन चल रहा है। प्रदर्शन स्थल पर आदिवासी महिलाएं पानी में सांकेतिक चिताओं पर लेटी हैं, जबकि विस्थापित किसान फांसी के फंदे पर और युवा सूली पर लटककर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
पुनर्वास प्रक्रिया और मुआवजा विवाद
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा 38 का लगातार उल्लंघन किया जा रहा है। नियमानुसार डूब क्षेत्र में आने से कम से कम छह महीने पहले ही पुनर्वास की पूरी प्रक्रिया समाप्त होनी चाहिए थी। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन पूरा मुआवजा दिए बिना ही उनके मकान ढहाने और गांव खाली कराने की कार्रवाई कर रहा है।
पुलिस ने दर्ज किए गंभीर आपराधिक मामले
जय किसान संगठन के नेता अमित भटनागर ने बताया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस ने लाठीचार्ज करके उन पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज किए हैं। संगठन की आंदोलनकारी दिव्या अहिरवार पिछले 35 दिनों से पन्ना जिला जेल में बंद हैं। इसके साथ ही छतरपुर जिले में मझगाय बांध परियोजना के प्रभावित लोगों पर भी हत्या के प्रयास का मामला दर्ज करके उन्हें जेल भेजा गया है।
प्रशासनिक बदलाव और वार्ता
जिले में पुराने अधिकारियों के स्थानांतरण के बाद नए जिलाधिकारी हर्ष सिंह से सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर की वार्ता हुई है, जिससे समस्या के समाधान की नई उम्मीद जगी है। हालांकि भटनागर ने स्पष्ट किया कि जब तक सभी प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा तथा पूर्ण पुनर्वास नहीं मिल जाता और दर्ज आपराधिक
