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MP News: वेतन घोटाला मामले में 107 स्वच्छता संरक्षकों को नोटिस जारी, सफाई कर्मियों ने विरोध में शुरू की हड़ताल
Thu, 12 Jan 2023 12:12 PM IST
अंकिता विश्वकर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सतना
Published by: अंकिता विश्वकर्मा
Updated Thu, 12 Jan 2023 12:12 PM IST
सार
निगम प्रशासन ने 31 मस्टर श्रमिकों की सेवा समाप्त कर दी और 107 स्वच्छता संरक्षकों को भी नोटिस जारी किया गया है, जो लंबे समय से गैरहाजिरी थे। ऐसे में निगम प्रशासन की इस कार्रवाई का सफाई कर्मियों ने विरोध कर हड़ताल शुरू की थी।
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सतना नगर निगम
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
सतना नगर निगम में बिना काम के वेतन लेने का बड़ा घोटाला उजागर हुया था। इस घोटाले की जांच के बाद निगम प्रशासन ने 31 मस्टर श्रमिकों की सेवा समाप्त कर दी और 107 स्वच्छता संरक्षकों को भी नोटिस जारी किया गया है, जो लंबे समय से गैरहाजिरी थे। ऐसे में निगम प्रशासन की इस कार्रवाई का सफाई कर्मियों ने विरोध कर हड़ताल शुरू की थी।
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दरअसल नगर निगम प्रशासन ने 38 सफाई कर्मियों को नौकरी से निकाला दिया है, जो बिना कारण काम से नदारत थे और वेतन का भुगतान ले रहे थे, महापौर द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम की जांच के बाद ये बड़ी कार्रवाई की गई है, इस मामले में 107 स्वच्छता सर्वेक्षकों को भी नोटिस जारी किया गया है और कुछ नियमित कर्मचारियों को भी जो कार्य में लापरवाही बरत रहे थे, मगर भुगतान ले रहे थे, इसके अलावा निगम प्रशासन ने 48 ऐसे कर्मचारियों को काम पर वापस भी ले लिया गया है, जो कार्य में उपस्थित तो नहीं हो रहे थे, लेकिन नोटिस पर उनके जवाब समाधानकारक पाए गए हैं।
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बता दें, कि यह एक्शन महापौर के निर्देश पर कमिश्नर राजेश शाही द्वारा गठित जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया है, जांच कमेटी में पार्षद डोली कमल बाल्मीकि, सुमन वाल्मीकि, राजेश सूर्यवंशी, अभिषेक तिवारी के अलावा सहायक आयुक्त स्थापना तथा स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे।
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दरअसल नगर निगम प्रशासन ने 38 सफाई कर्मियों को नौकरी से निकाला दिया है, जो बिना कारण काम से नदारत थे और वेतन का भुगतान ले रहे थे, महापौर द्वारा गठित पांच सदस्यीय टीम की जांच के बाद ये बड़ी कार्रवाई की गई है, इस मामले में 107 स्वच्छता सर्वेक्षकों को भी नोटिस जारी किया गया है और कुछ नियमित कर्मचारियों को भी जो कार्य में लापरवाही बरत रहे थे, मगर भुगतान ले रहे थे, इसके अलावा निगम प्रशासन ने 48 ऐसे कर्मचारियों को काम पर वापस भी ले लिया गया है, जो कार्य में उपस्थित तो नहीं हो रहे थे, लेकिन नोटिस पर उनके जवाब समाधानकारक पाए गए हैं।
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बता दें, कि यह एक्शन महापौर के निर्देश पर कमिश्नर राजेश शाही द्वारा गठित जांच टीम के प्रतिवेदन के आधार पर लिया गया है, जांच कमेटी में पार्षद डोली कमल बाल्मीकि, सुमन वाल्मीकि, राजेश सूर्यवंशी, अभिषेक तिवारी के अलावा सहायक आयुक्त स्थापना तथा स्वास्थ्य अधिकारी शामिल थे।
